Identify Fake Website: इंटरनेट का इस्तेमाल लगभग सभी स्मार्टफोन यूजर्स करते हैं। इससे लोग अपने काम को आसान बना रहें हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी मामले देखने को मिलते हैं जिससे इंटरनेट यूजर स्कैम के शिकार हो जाते हैं। हाल ही में एक ऐसा ही ताजा मामला देखने को मिला है। स्कैम करने वाले सुप्रीम कोर्ट की फर्जी वेबसाइट बना कर चला रहे थे। इन वेबसाइट में ज्यादा अंतर नहीं होने की वजह से लोग बेवकूफ बन जाते हैं। फेक वेबसाइट की पहचान कर आप धोखाधड़ी से बच सकते हैं। अगर आप भी असली और नकली वेबसाइट (How to identify fake website) में पहचान नहीं कर पाते हैं तो इन आसान टिप्स और ट्रिक्स के बारे में जरूर जान लें। इसके बाद आप ही दूसरे लोगों की तरह धोखाधड़ी के शिकार होने से बच जाएंगे।
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Useful Technics: अनजान नंबर से आ रही है कॉल को ऐसे करें पता
ऐसे करें फर्ज़ी वेबसाइट की पहचान
किसी भी वेबसाइट पर क्लिक करने से पहले एक नजर URL के ऊपर जरूर डालें। वेबसाइट की शुरुआत HTTPS से होना जरूरी है। इसके साथ ही स्पेलिंग चेक करना न भूलें। अगर एक जैसे 2 वेबसाइट देखने को मिले तो संभय है कि इनमें से कोई एक वेबसाइट फर्जी है। ऐसी स्थिति में यह तय कर पाना काफी मुश्किल होता है कौन सही है और कौन गलत।
इस जानकारी को चेक करना न भूलें
किसी भी वेबसाइट के ऊपर शक होने पर सबसे पहले गूगल की लिस्टिंग, कंटेंट, फोन नंबर और ईमेल चेक करें। इसके अलावा आप अबाउट सेक्शन में जाकर प्राइवेसी पॉलिसी, टीम इन्फो, कॉन्टैक्ट, कस्टमर सपोर्ट, डोमेन नेम चेक कर सकते हैं। किसी शॉपिंग वेबसाइट पर विजिट करते समय धोखाधड़ी होने से बचने के लिए आप कैश ऑन डिलिवरी का चयन करें। ऑनलाइन पेमेंट करते समय रिटर्न पॉलिसी उपलब्ध है या नहीं इसे चेक करें।
https://youtu.be/aU8ZXVLa74Y?si=yPmh4voVe-wl4VtX
इन लिंक्स पर क्लिक करने से बचें
किसी भी मैसेज या फिर सोशल मीडिया पर मौजूद लिंक पर क्लिक कर पेमेंट करने से बचें। कई बार स्कैम करने वाले लोग वेबसाइट को हैक कर लेते हैं इसे चेक कर पाना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन संदिग्ध एक्टिविटी होने पर पेमेंट नहीं करें। आमतौर पर लोग कैशबैक कूपन, डिस्काउंट और लॉटरी के लालच में आकर फर्जी वेबसाइट के चंगुल में फंसते हैं।
Identify Fake Website: इंटरनेट का इस्तेमाल लगभग सभी स्मार्टफोन यूजर्स करते हैं। इससे लोग अपने काम को आसान बना रहें हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी मामले देखने को मिलते हैं जिससे इंटरनेट यूजर स्कैम के शिकार हो जाते हैं। हाल ही में एक ऐसा ही ताजा मामला देखने को मिला है। स्कैम करने वाले सुप्रीम कोर्ट की फर्जी वेबसाइट बना कर चला रहे थे। इन वेबसाइट में ज्यादा अंतर नहीं होने की वजह से लोग बेवकूफ बन जाते हैं। फेक वेबसाइट की पहचान कर आप धोखाधड़ी से बच सकते हैं। अगर आप भी असली और नकली वेबसाइट (How to identify fake website) में पहचान नहीं कर पाते हैं तो इन आसान टिप्स और ट्रिक्स के बारे में जरूर जान लें। इसके बाद आप ही दूसरे लोगों की तरह धोखाधड़ी के शिकार होने से बच जाएंगे।
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ऐसे करें फर्ज़ी वेबसाइट की पहचान
किसी भी वेबसाइट पर क्लिक करने से पहले एक नजर URL के ऊपर जरूर डालें। वेबसाइट की शुरुआत HTTPS से होना जरूरी है। इसके साथ ही स्पेलिंग चेक करना न भूलें। अगर एक जैसे 2 वेबसाइट देखने को मिले तो संभय है कि इनमें से कोई एक वेबसाइट फर्जी है। ऐसी स्थिति में यह तय कर पाना काफी मुश्किल होता है कौन सही है और कौन गलत।
इस जानकारी को चेक करना न भूलें
किसी भी वेबसाइट के ऊपर शक होने पर सबसे पहले गूगल की लिस्टिंग, कंटेंट, फोन नंबर और ईमेल चेक करें। इसके अलावा आप अबाउट सेक्शन में जाकर प्राइवेसी पॉलिसी, टीम इन्फो, कॉन्टैक्ट, कस्टमर सपोर्ट, डोमेन नेम चेक कर सकते हैं। किसी शॉपिंग वेबसाइट पर विजिट करते समय धोखाधड़ी होने से बचने के लिए आप कैश ऑन डिलिवरी का चयन करें। ऑनलाइन पेमेंट करते समय रिटर्न पॉलिसी उपलब्ध है या नहीं इसे चेक करें।
इन लिंक्स पर क्लिक करने से बचें
किसी भी मैसेज या फिर सोशल मीडिया पर मौजूद लिंक पर क्लिक कर पेमेंट करने से बचें। कई बार स्कैम करने वाले लोग वेबसाइट को हैक कर लेते हैं इसे चेक कर पाना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन संदिग्ध एक्टिविटी होने पर पेमेंट नहीं करें। आमतौर पर लोग कैशबैक कूपन, डिस्काउंट और लॉटरी के लालच में आकर फर्जी वेबसाइट के चंगुल में फंसते हैं।