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Siri की गलती से Apple को चुकाना पड़ा रहे 869 करोड़, जानें किन यूजर्स को मिल रहा पैसा

अमेरिका में iPhone यूजर्स उस वक्त हैरान रह गए, जब अचानक उनके बैंक अकाउंट में Apple की ओर से पैसे आने लगे. यह रकम Siri प्राइवेसी केस के सेटलमेंट का हिस्सा है, जिसमें Apple ने 95 मिलियन डॉलर चुकाने पर सहमति दी थी.

Apple Siri Privacy Settlement iPhone Users: अमेरिका में इन दिनों कई iPhone यूजर्स उस वक्त चौंक गए, जब उनके बैंक अकाउंट में अचानक पैसे आने लगे. शुरुआत में लोगों को समझ नहीं आया कि यह रकम कहां से आई, लेकिन बाद में साफ हुआ कि यह Apple के Siri प्राइवेसी केस से जुड़ा सेटलमेंट है. इस मामले में Apple ने करोड़ों डॉलर का भुगतान किया है, जिसका फायदा अब यूजर्स को मिलना शुरू हो गया है. दरअसल, Siri वॉयस असिस्टेंट से जुड़े एक प्राइवेसी केस में Apple ने 95 मिलियन डॉलर, यानी करीब 869 करोड़ रुपये का सेटलमेंट किया है. इसी रकम के तहत अमेरिका के कई iPhone यूजर्स के बैंक अकाउंट या पेमेंट ऐप्स में पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं. जिन लोगों ने समय पर क्लेम किया था, उन्हें अब इसका फायदा मिल रहा है.

क्या थे Apple पर आरोप

Apple पर आरोप लगे थे कि Siri बिना यूजर्स की अनुमति के उनकी बातचीत को रिकॉर्ड कर लेता था. कई मामलों में Siri के अपने आप एक्टिव हो जाने की शिकायतें सामने आई थीं. इन आरोपों के बाद मामला कोर्ट तक पहुंचा और कंपनी को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा.

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सेटलमेंट के लिए Apple ने दी थी सहमति

हालांकि Apple ने किसी भी तरह की गलती स्वीकार नहीं की, लेकिन पिछले साल कंपनी ने केस को सेटल करने पर सहमति जता दी थी. इसके बाद साल 2025 के बीच में यूजर्स से क्लेम स्वीकार किए गए और अब उसी प्रक्रिया के तहत भुगतान शुरू हो चुका है.

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कई यूजर्स को अभी करना होगा इंतजार

9to5Mac की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन एलिजिबल यूजर्स ने तय समय पर क्लेम फाइल किया था, उनके अकाउंट में रकम जमा हो रही है. वहीं, जिन लोगों ने ऑप्शनल पेमेंट ऑप्शन चुना था, उन्हें अभी सेटलमेंट की राशि मिलने में थोड़ा और समय लग सकता है.

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2019 में शुरू हुआ था मामला

इस पूरे विवाद की शुरुआत साल 2019 में हुई थी, जब यह दावा किया गया कि Siri कई बार बिना किसी कमांड के एक्टिव हो जाता है. इसके बाद सोशल मीडिया पर भी कई यूजर्स ने अपने अनुभव साझा किए थे, जिससे यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया.

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किन लोगों को मिलेगा सेटलमेंट का पैसा

इस सेटलमेंट के लिए एलिजिबल होने के लिए जरूरी था कि यूजर के पास 17 सितंबर 2014 से 31 दिसंबर 2024 के बीच कम से कम एक Siri सपोर्टेड Apple डिवाइस हो. इसके अलावा यूजर्स को यह भी साबित करना पड़ा कि इस अवधि के दौरान Siri उनकी मर्जी के बिना एक्टिव हुआ था. तय प्रक्रिया पूरी करने और पेमेंट डिटेल देने के बाद ही क्लेम को मंजूरी मिली.

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Apple Siri क्या है और कैसे काम करता है

Apple Siri एक वॉयस असिस्टेंट है, जो यूजर्स की आवाज के जरिए कमांड पर काम करता है. यह iPhone, iPad, Mac, Apple Watch और HomePod जैसे डिवाइसों में मिलता है. Siri की मदद से कॉल करना, मैसेज भेजना, अलार्म और रिमाइंडर सेट करना, म्यूजिक चलाना या मौसम की जानकारी लेना आसान हो जाता है. इसके अलावा, यह स्मार्ट-होम डिवाइसों को कंट्रोल करने में भी मदद करता है.

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यह सेटलमेंट सिर्फ पैसे तक सीमित नहीं है, बल्कि यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर बड़ी कंपनियों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाता है. Siri केस ने यह साफ कर दिया है कि डेटा और प्राइवेसी को लेकर टेक कंपनियों पर अब पहले से ज्यादा नजर रखी जा रही है.

ये भी पढ़ें- फरवरी में दिखेगी नई Siri, Google Gemini के दम पर बदलेगा Apple का AI गेम

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First published on: Jan 26, 2026 03:33 PM

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About the Author

Mikita Acharya

Mikita Acharya (मिकिता आचार्य): इन्होंने पत्रकारिता की डिग्री देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के स्कूल ऑफ जर्नालिज्म से 2019 में पूरी की। इसी साल अपने करियर की शुरुआत ETV Bharat के स्टेट डेस्क से की। मिकिता ने दैनिक भास्कर में 3 साल से ज्यादा समय तक काम करते हुए जमीनी रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक अपनी मजबूत पकड़ बनाई। बाद में उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के साथ भी काम किया। पत्रकारिता में 5.5 साल के अनुभव के साथ वर्तमान में ये News 24 में सीनियर कॉन्टेंट राइटर हैं और यहां ऑटो व टेक बीट को कवर करती हैं। तेज रफ्तार ऑटोमोबाइल दुनिया और बदलती टेक्नोलॉजी को सरल भाषा में पेश करना इनकी खासियत है।

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Mikita Acharya

Mikita Acharya (मिकिता आचार्य): इन्होंने पत्रकारिता की डिग्री देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के स्कूल ऑफ जर्नालिज्म से 2019 में पूरी की। इसी साल अपने करियर की शुरुआत ETV Bharat के स्टेट डेस्क से की। मिकिता ने दैनिक भास्कर में 3 साल से ज्यादा समय तक काम करते हुए जमीनी रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक अपनी मजबूत पकड़ बनाई। बाद में उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के साथ भी काम किया। पत्रकारिता में 5.5 साल के अनुभव के साथ वर्तमान में ये News 24 में सीनियर कॉन्टेंट राइटर हैं और यहां ऑटो व टेक बीट को कवर करती हैं। तेज रफ्तार ऑटोमोबाइल दुनिया और बदलती टेक्नोलॉजी को सरल भाषा में पेश करना इनकी खासियत है।

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