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Apple पर लगा जुर्माना तो क्यों खुश हुई Spotify? सामने आई बड़ी वजह

Apple Spotify Controversy: यूरोपीय संघ ने एपल पर 1.8 बिलियन यूरो का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही, उसने एपल को स्ट्रीमिंग सर्विसेज को ऐपल ऐप स्टोर के बाहर यूजर्स को पेमेंट ऑप्शन के बारे में जानकारी देने से रोकने के फैसले को भी वापस लेने को कहा है। ईयू के इस फैसले से Spotify को फायदा होगा।

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Apple Spotify Controversy: यूरोपियन यूनियन (EU) ने अमेरिकी टेक दिग्गज कंपनी Apple पर 1.8 बिलियन यूरो (1.61 खरब रुपये) का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना म्यूजिक स्ट्रीमिंग पर कंपटीशन लॉ तोड़ने के लिए लगाया गया है। यूरोपीय आयोग ने कहा कि Apple ने स्ट्रीमिंग सेवाओं को Apple App Store के बाहर यूजर्स को पेमेंट ऑप्शन के बारे में जानकारी देने से रोक दिया था।

Apple को सभी प्रतिबंध हटाने का आदेश

कंपीटिशन कमिश्नर मार्ग्रेथ वेस्टेगर ने कहा कि Apple ने एक दशक तक मार्केट में अपनी प्रमुख स्थिति का दुरुपयोग किया। उन्होंने Apple को सभी प्रतिबंध हटाने का आदेश दिया। हालांकि, Apple ने कहा है कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेगा। उसका कहना है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचाया गया है।

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Spotify ने Apple के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

बता दें कि स्वीडिश म्यूजिक स्ट्रीमिंग सर्विस Spotify ने Apple के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर यूरोपीय आयोग ने यह फैसला सुनाया। स्पॉटिफाई एपल के प्रतिबंध और 30 प्रतिशत शुल्क से नाखुश थी।

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Apple ने क्या कहा?

Apple ने एक बयान में कहा कि उपभोक्ता क्षति के किसी भी विश्वसनीय सबूत को उजागर करने में आयोग की नाकामी के बावजूद यह निर्णय लिया गया है। यह एक ऐसे बाजार की वास्तविकताओं को नजरअंदाज कर रहा है, जो संपन्न, प्रतिस्पर्धी और तेजी से बढ़ रहा है। Apple ने कहा कि इस फैसले से सबसे ज्यादा लाभ Spotify को होगा, क्योंकि उसके पास दुनिया का सबसे बड़ा म्यूजिक स्ट्रीमिंग ऐप है। यही नहीं, उसने जांच के दौरान उसने यूरोपीय आयोग से 65 से अधिक बार मुलाकात की है।

Spotify ने फैसले का किया स्वागत

Spotify ने Apple पर जुर्माना लगाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि कोई भी कंपनी, यहां तक ​​​​कि Apple जैसी एकाधिकारवादी कंपनी भी, अन्य कंपनियों के अपने ग्राहकों के साथ बातचीत करने के तरीके को नियंत्रित करने के लिए दुरुपयोगपूर्वक शक्ति का उपयोग नहीं कर सकती है। ऐप्पल ने कहा कि स्वीडिश कंपनी उन्हें कोई कमीशन नहीं देती है, क्योंकि वह अपना सब्सक्रिप्शन ऐप स्टोर पर नहीं, बल्कि अपनी वेबसाइट पर बेचती है। इस पर Spotify ने तर्क दिया था कि प्रतिबंधों से Apple की प्रतिद्वंद्वी संगीत स्ट्रीमिंग सेवा Apple Music को लाभ होता है।

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डिजिटल मार्केट एक्ट क्यों लाया गया?

जनवरी में, ऐप्पल ने यूरोपीय संघ के कस्टमर्स को अपने ऐप स्टोर के बाहर ऐप डाउनलोड करने की अनुमति देने की योजना की घोषणा की, क्योंकि डिजिटल मार्केट एक्ट (डीएमए) की शुरूआत करीब आ गई थी। यूरोपीय संघ के डीएमए का मकसद टेक्नोलॉजी सेक्टर में कंपटीशन में हेल्प करना और मार्केट पर एप्पल और गूगल जैसी कंपनियों के गढ़ को तोड़ने का प्रयास करना है।

टेक कंपनियों को मिला 6 महीने का समय

टेक कंपनियों को नए कानून के तहत आवश्यकताओं की फुल लिस्ट का पालन करने के लिए पिछले साल अगस्त से छह महीने का समय दिया गया था। ऐसा नहीं करने पर उन पर वार्षिक कारोबार का 10% तक जुर्माना लगाया जा सकता है। कंपनियों के पास साल की शुरुआत से घोषित किए गए कई बदलावों का पालन करने के लिए इस सप्ताह के अंत तक का समय है। हालांकि, ऐप्पल, मेटा और टिकटॉक ने कानून को चुनौती दी।

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Apple के खिलाफ यूरोपीय आयोग को पत्र

पिछले हफ्ते, Spotify और 33 अन्य कंपनियों ने DMA का पालन नहीं करने पर Apple के खिलाफ  यूरोपीय आयोग को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया है कि एप्पल की नई शर्तें न केवल कानून की अवहेलना करती हैं, बल्कि डीएमए और डिजिटल बाजारों को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए यूरोपीय आयोग और यूरोपीय संघ संस्थानों के महत्वपूर्ण प्रयासों का मजाक भी उड़ाती हैं।

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First published on: Mar 05, 2024 08:44 AM

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About the Author

Achyut Kumar

अच्युत कुमार द्विवेदी न्यूज 24 वेबसाइट में 19 दिसंबर 2023 से कार्यरत हैं। लगभग 6 साल से डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के रहने वाले हैं। इन्होंने अभी तक ईटीवी भारत, प्रभात खबर और जागरण न्यू मीडिया जैसे संस्थानों में काम किया है। इससे पहले, लखनऊ से संचालित इंडिया वाच और यूपी पत्रिका डॉट कॉम में काम किया था। अपने करियर में लगभग सभी विषयों (राजनीति, क्राइम, देश-विदेश, शिक्षा, क्रिकेट, लाइफस्टाइल, मनोरंजन आदि) पर लेखन का अनुभव रखते हैं। न्यूज 24 पर सबसे पहले और सबसे सटीक खबरें प्रकाशित हों और सही तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचें, इसी उद्देश्य के साथ सतत लेखन जारी है।

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