बांग्लादेश चुनाव… BNP और जमात के घोषणापत्र में भारत और हिंदुओं के लिए क्या खास? क्या पाकिस्तान का भी है जिक्र

भारत के लिए भी ये चुनाव अहम हैं, क्योंकि अभी बांग्लादेश से संबंध सही नहीं चल रहे हैं. इसके अलावा बांग्लादेश में पिछले काफी वक्त से हिंदुओं पर हमले किए जा रहे हैं, जिसकी भारत निंदा करता रहा है.

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शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश में पहली बार आम चुनाव होने जा रहे हैं. 12 फरवरी को होने वाले चुनाव के लिए बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी किया है. इसमें उन्होंने बांग्लादेश की जनता के लिए बड़े-बड़े वादे किए गए हैं. भारत के लिए भी ये चुनाव अहम हैं, क्योंकि अभी बांग्लादेश से संबंध सही नहीं चल रहे हैं. इसके अलावा बांग्लादेश में पिछले काफी वक्त से हिंदुओं पर हमले किए जा रहे हैं, जिसकी भारत निंदा करता रहा है.

BNP के घोषणापत्र में क्या?

बीएनपी चीफ तारिक रहमान ने शुक्रवार को ‘शोबर आगे बांग्लादेश’ (सबसे पहले बांग्लादेश) टैगलाइन के साथ घोषणापत्र जारी किया. उन्होंने कहा कि वे अन्य देशों को ‘मित्र’ मानेंगे, ‘मालिक’ नहीं. रहमान ने कहा कि बांग्लादेश समानता और आत्म-सम्मान के आधार पर संबंध स्थापित करेगा. किसी भी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा, ना ही ये मंजूर करेगा कि कोई हमारे देश में दखल दे. रहमान पहले भी यह कई बार साफ कर चुके हैं कि ना तो वे पाकिस्तान और ना ही भारत के पिछलग्गू बनेंगे. उन्होंने कहा था, ‘न दिल्ली, न पिंडी, सबसे पहले बांग्लादेश.’

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जमात के घोषणा पत्र में क्या?

बीएनपी ने जहां अपने घोषणा पत्र में भारत का सीधे तौर पर कोई जिक्र नहीं किया है, वहीं जमात-ए-इस्लामी ने भारत के साथ ‘शांतिपूर्ण, मैत्रीपूर्ण’ संबंध बनाने की बात कही है. जमात को पाकिस्तान समर्थक और ISI का समर्थक माना जाता रहा है. लेकिन उसने अपने घोषणापत्र में पाकिस्तान का जिक्र तक नहीं किया. जमात अध्यक्ष शफीकुर रहमान ने घोषणा पत्र जारी किया, जिसमें भारत के अलावा भूटान, नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका, मालदीव और थाईलैंड का तो जिक्र है, लेकिन पाकिस्तान गायब है. वहीं, मुस्लिम देशों और पश्चिमी देशों (अमेरिका, यूरोपीय संघ) के साथ भी संबंधों को प्राथमिकता देने की बात कही है.

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हिंदुओं के लिए किसके पिटारे में क्या?

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले का मुख्य आरोप जमात के नेताओं पर ही लगता रहा है. घोषणापत्र में जमात हिंदुओं की सुरक्षा पर चुप रही है. जमात ने केवल ‘धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों’ को प्रतिनिधित्व देने का वादा किया है. वहीं, BNP ने हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की जान, प्रॉपर्टी और पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए सख्त कानूनी सुरक्षा का वादा किया है. बीएनपी ने कहा है कि धर्म व्यक्तिगत होता है, सरकार सभी की होती है. बिना किसी रुकावट के धार्मिक रिवाजों और त्योहार मनाने का अधिकार दिया जाएगा.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

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आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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