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‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर सियासी संग्राम, सपा विधायक ने सेंसर बोर्ड पर उठाए सवाल
इन दिनों एक रोमांटिक-ड्रामा, एक्शन फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' काफी विवाद में चल रही है. इसी बीच सपा विधायक पंकज मलिक ने भी कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने सरकार और सेंसर बॉर्डर पर नाराजगी जताई है चलिए जानते हैं इसके बारे में.
हाल ही में नेटफ्लिक्स की फिल्म 'घूसखोर पंडत' काफी विवादों में घिरी हुई थी. इस फिल्म को लेकर पंडित समाज ने काफी नाराजगी जाहिर की थी. वही अब यादव समाज एक फिल्म को लेकर काफी नाराज नजर आ रहे हैं दरअसल, इस फिल्म का नाम 'यादव जी की लव स्टोरी' है. यादव समाज फिल्म की कहानी को लेकर भी काफी गुस्सा में नजर आ रहे हैं. 'यादव जी लव स्टोरी' को लेकर लोग उत्तर प्रदेश की कई जिलों में प्रदर्शन कर रहे हैं. इतना ही नहीं लोग सोशल मीडिया पर फिल्म के खिलाफ काफी कुछ लिख रहे हैं. वहीं अब फिल्म के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर सहित चार लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया है.
हालांकि, अब इस फिल्म ने सियासी रंग भी ले लिया है. दरअसल, सपा विधायक पंकज मलिक ने कहा, पहले ही 'घूसखोर पंडत' जैसी फिल्म को लेकर काफी विवाद हो चुका है. इस तरह की फिल्मों का बार-बार आना समाज में काफी तनाव पैदा करता है. उन्होंने ने आगे कहा, 'अगर फिल्में बनानी ही हैं तो उन महान नेताओं और महापुरुषों पर बनाई जानी चाहिए, जिन्होंने देश और समाज के लिए कुछ किया है.' पंकज मलिक ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर आपको फिल्म बनाना है, तो महात्मा गांधी, भगत सिंह, नेताजी मुलायम सिंह और चौधरी चरण सिंह जैसे लोगों पर बनाए. ताकि लोगों को सही रास्ता और आने वाली पीढ़ी को सही जानकारी और दिशा मिल सके.
सपा विधायक पंकज मलिक ने सरकार पर भी निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया की धर्म के नाम पर तो कभी जाति के नाम पर लोगों को आपस में लड़ाने का काम किया जाता है. फिल्म को लेकर सपा विधायक ने सेंसर बोर्ड पर भी सवाल खड़े किए हैं. पंकज मलिक ने केंद्रीय फिल्म प्रमाण बोर्ड पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि जो फिल्म समाज की भावना को ठेस पहुंचाने वाली होती है उसे सेंसर बोर्ड मंजूरी कैसे दे देती है जबकि सेंसर बोर्ड भारत सरकार के अधीन काम करती है इस तरह की फिल्म को सेंसर बोर्ड पहले ही रोक लगा सकता है
हाल ही में नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ काफी विवादों में घिरी हुई थी. इस फिल्म को लेकर पंडित समाज ने काफी नाराजगी जाहिर की थी. वही अब यादव समाज एक फिल्म को लेकर काफी नाराज नजर आ रहे हैं दरअसल, इस फिल्म का नाम ‘यादव जी की लव स्टोरी’ है. यादव समाज फिल्म की कहानी को लेकर भी काफी गुस्सा में नजर आ रहे हैं. ‘यादव जी लव स्टोरी’ को लेकर लोग उत्तर प्रदेश की कई जिलों में प्रदर्शन कर रहे हैं. इतना ही नहीं लोग सोशल मीडिया पर फिल्म के खिलाफ काफी कुछ लिख रहे हैं. वहीं अब फिल्म के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर सहित चार लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया है.
हालांकि, अब इस फिल्म ने सियासी रंग भी ले लिया है. दरअसल, सपा विधायक पंकज मलिक ने कहा, पहले ही ‘घूसखोर पंडत’ जैसी फिल्म को लेकर काफी विवाद हो चुका है. इस तरह की फिल्मों का बार-बार आना समाज में काफी तनाव पैदा करता है. उन्होंने ने आगे कहा, ‘अगर फिल्में बनानी ही हैं तो उन महान नेताओं और महापुरुषों पर बनाई जानी चाहिए, जिन्होंने देश और समाज के लिए कुछ किया है.’ पंकज मलिक ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर आपको फिल्म बनाना है, तो महात्मा गांधी, भगत सिंह, नेताजी मुलायम सिंह और चौधरी चरण सिंह जैसे लोगों पर बनाए. ताकि लोगों को सही रास्ता और आने वाली पीढ़ी को सही जानकारी और दिशा मिल सके.
सपा विधायक पंकज मलिक ने सरकार पर भी निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया की धर्म के नाम पर तो कभी जाति के नाम पर लोगों को आपस में लड़ाने का काम किया जाता है. फिल्म को लेकर सपा विधायक ने सेंसर बोर्ड पर भी सवाल खड़े किए हैं. पंकज मलिक ने केंद्रीय फिल्म प्रमाण बोर्ड पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि जो फिल्म समाज की भावना को ठेस पहुंचाने वाली होती है उसे सेंसर बोर्ड मंजूरी कैसे दे देती है जबकि सेंसर बोर्ड भारत सरकार के अधीन काम करती है इस तरह की फिल्म को सेंसर बोर्ड पहले ही रोक लगा सकता है