Toxic के ट्रेलर से क्यों गायब हुए बोल्ड और इंटीमेट सीन्स? 4 मिनट 38 सेकंड के वीडियो को मेकर्स ने दिखाया नीट एंड क्लीन
Toxic Trailer: सुपरस्टार यश की मच-अवेटेड फिल्म 'टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' के ट्रेलर से बोल्ड और इंटीमेट सीन्स गायब नजर आए. आइए जानते हैं कि आखिर ये सीन्स क्यों गायब हुए?
Edited By : Nancy Tomar|Updated: Aug 9, 2026 13:27
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Toxic. image credit- social media
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Toxic Trailer: सुपरस्टार यश की मच-अवेटेड फिल्म ‘टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज हो चुका है. सोशल मीडिया पर फिल्म के ट्रेलर को लेकर तगड़ी चर्चा हो रही है. हर कोई इसके बारे में बातें करता नजर आ रहा है, लेकिन इस बीच एक सवाल है, जो कई लोगों के जहन में आ रहा है और वो ये कि फिल्म के ट्रेलर से बोल्ड और इंटीमेट सीन्स क्यों गायब नजर आए? अब आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह?
टीजर को लेकर हुआ था बवाल
दरअसल, फिल्म ‘टॉक्सिक’ के टीजर में यश का कार के अंदर एक इंटीमेट सीन दिखाया गया था. इसके बाद जब दूसरा टीजर ‘लेडीज एंड लेडीज’ की आया, तो उसको भी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा और लोगों ने उसे भी ‘अश्लील’ बता दिया. इसको लेकर तगड़ा बवाल हुआ और शिकायत और विरोध का भी टीजर को सामना करना पड़ा.
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क्यों गायब हुए बोल्ड और इंटीमेट सीन्स?
अब टीजर और प्रोमो जैसी चीजें डिजिटली रिलीज होती हैं और उन्हें रिलीज करने से पहले किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती, लेकिन किसी फिल्म के ऑफिशियल ट्रेलर को रिलीज करने के लिए मेकर्स को हर हाल में CBFC से सर्टिफिकेट लेना पड़ता है. अब ये माना जा रहा है कि यही वजह है कि कानूनी पचड़ों और सेंसर बोर्ड की सख्ती से बचने के लिए मेकर्स ने ट्रेलर से सभी बोल्ड और इंटीमेट सीन्स हटाए हैं. हालांकि, ट्रेलर में यश का एक न्यूड सीन जरूर देखने को मिला है.
महिला आयोग को की थी शिकायत
गौरतलब है कि टीजर में दिखाए गए बोल्ड सीन्स को लेकर विरोध का स्वर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों तक पहुंचा था. आम आदमी पार्टी की महिला विंग ने इन सीन्स को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ और अश्लील बताते हुए कर्नाटक राज्य महिला आयोग में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी.
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नीट एंड क्लीन दिखा ट्रेलर
इतना ही नहीं बल्कि इसके बाद महिला आयोग ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) को पत्र लिखकर जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया था. आयोग का स्पष्ट कहना था कि बिना किसी चेतावनी और सेंसरशिप के ऐसे सीन्स को पब्लिक प्लेटफॉर्म पर जारी करना महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने और कन्नड़ संस्कृति का अपमान करने जैसा है. आयोग ने बोर्ड से पूरे मामले पर समीक्षा रिपोर्ट भी मांगी थी. अब इसका असर ट्रेलर में देखने को मिला है क्योंकि मेकर्स ने उसे बेहद नीट एंड क्लीन रखा है.