हिंदी न्यूज़/एंटरटेनमेंट/'कला जोड़ती है तोड़ती नहीं…', Kantara Chapter 1 के बॉयकॉट पर OG स्टार पवन कल्याण ने तोड़ी चुप्पी
एंटरटेनमेंट
‘कला जोड़ती है तोड़ती नहीं…’, Kantara Chapter 1 के बॉयकॉट पर OG स्टार पवन कल्याण ने तोड़ी चुप्पी
Kantara Chapter 1 Boycott Controversy: 'कांतारा चैप्टर 1' को बॉयकॉट करने की मांग के बीच एक्टर पवन कल्याण का बयान सामने आया है. 'ओजी' एक्टर ने कला और सिनेमा को लेकर एक खास बात कही है. पवन कल्याण खुलकर ऋषभ शेट्टी और उनकी फिल्म के सपोर्ट में उतरे हैं. एक्टर ने क्या कहा? चलिए जानते हैं.
पवन कल्याण ने 'कांतारा चैप्टर 1' कंट्रोवर्सी पर दिया रिएक्शन . (Photo Credit- Instagram)
Share :
Kantara Chapter 1 Boycott Controversy: साउथ फिल्म 'कांतारा चैप्टर 1' को लेकर काफी बज बना हुआ है. फिल्म का ट्रेलर रिलीज होते ही फैंस की एक्साइटमेंट आसमान छूने लगी. दूसरी तरफ इस फिल्म को बॉयकॉट करने की मांग की जा रही है. अब इस मुश्किल वक्त में 'दे कॉल हिम ओजी' के सुपरस्टार यानी एक्टर पवन कल्याण ने एक्टर ऋषभ शेट्टी और उनकी अपकमिंग फिल्म 'कांतारा चैप्टर 1' का सबके सामने सपोर्ट किया है. 'ओजी' को भी कर्नाटक में थिएट्रिकल रिलीज में मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. पहले भी कई तेलुगु फिल्में इन मुश्किलों का सामना कर चुकी हैं.
अब इन टेंशन के बीच आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और एक्टर पवन कल्याण ने सिनेमा और एकता को लेकर अपना नजरिया रखा है. पवन कल्याण ने आंध्र प्रदेश में कन्नड़ फिल्म 'कंतारा चैप्टर 1' के लिए टिकट की कीमत बढ़ने पर खुलकर सपोर्ट दिखाया है. उन्होंने एक क्लियर मैसेज दिया कि सिनेमा, आर्ट के सभी तरीकों की तरह, लोगों को एक करने के लिए है, उन्हें बांटने के लिए नहीं है. पवन कल्याण ने लोगों को याद दिलाया है कि फिल्में, गाने, खेल और संस्कृति भाषा, धर्म और क्षेत्र से अलग हैं और वो सभी के लिए हैं. यानी सिनेमा, म्यूजिक, स्पोर्ट्स और कल्चर के लिए भाषा, धर्म और क्षेत्र जैसी सीमाएं नहीं होती.
पवन कल्याण ने कहा, 'इनका मकसद लोगों को एंटरटेन करना और उन्हें जोड़ना है. ये दुखद है कि कुछ लोगों ने अपने पर्सनल एजेंडा के कारण कर्नाटक के सिनेमाघरों में ओजी की स्क्रीनिंग रोकने की कोशिश की- ठीक वैसे ही जैसे कुछ और तेलुगु फिल्मों को पहले भी इसी तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. इसके जवाब में, कुछ आवाजें उठ रही हैं कि कंतारा जैसी कन्नड़ फिल्मों पर तेलुगु राज्यों में रोक लगा देनी चाहिए. मैं ऐसी सोच का सपोर्ट नहीं करता. आर्ट और सिनेमा खुशियां फैलाने, संस्कृतियों को जोड़ने और लोगों को साथ लाने के लिए हैं, उन्हें अलग करने के लिए नहीं. सभी को उनकी पसंदीदा फिल्में देखने का हक है.'
पवन कल्याण ने अपने बयान में आगे कहा, 'अगर आपको फिल्म पसंद नहीं है, तो ये आप इसे मत देखिए, लेकिन पर्सनल हेट और एजेंडा के कारण फिल्म को टारगेट मत कीजिए. आज भारतीय सिनेमा दुनिया भर में हर भाषा में सेलिब्रेट किया जा रहा है. ऐसे में कला को क्षेत्रीय सीमाओं में सीमित करना ठीक नहीं है. हमें अच्छी फिल्मों का सपोर्ट करना चाहिए, चाहे वो कहीं से भी आएं.' अब उनका ये बयान सुर्खियों में छा गया है.
Kantara Chapter 1 Boycott Controversy: साउथ फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ को लेकर काफी बज बना हुआ है. फिल्म का ट्रेलर रिलीज होते ही फैंस की एक्साइटमेंट आसमान छूने लगी. दूसरी तरफ इस फिल्म को बॉयकॉट करने की मांग की जा रही है. अब इस मुश्किल वक्त में ‘दे कॉल हिम ओजी’ के सुपरस्टार यानी एक्टर पवन कल्याण ने एक्टर ऋषभ शेट्टी और उनकी अपकमिंग फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ का सबके सामने सपोर्ट किया है. ‘ओजी’ को भी कर्नाटक में थिएट्रिकल रिलीज में मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. पहले भी कई तेलुगु फिल्में इन मुश्किलों का सामना कर चुकी हैं.
अब इन टेंशन के बीच आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और एक्टर पवन कल्याण ने सिनेमा और एकता को लेकर अपना नजरिया रखा है. पवन कल्याण ने आंध्र प्रदेश में कन्नड़ फिल्म ‘कंतारा चैप्टर 1’ के लिए टिकट की कीमत बढ़ने पर खुलकर सपोर्ट दिखाया है. उन्होंने एक क्लियर मैसेज दिया कि सिनेमा, आर्ट के सभी तरीकों की तरह, लोगों को एक करने के लिए है, उन्हें बांटने के लिए नहीं है. पवन कल्याण ने लोगों को याद दिलाया है कि फिल्में, गाने, खेल और संस्कृति भाषा, धर्म और क्षेत्र से अलग हैं और वो सभी के लिए हैं. यानी सिनेमा, म्यूजिक, स्पोर्ट्स और कल्चर के लिए भाषा, धर्म और क्षेत्र जैसी सीमाएं नहीं होती.
पवन कल्याण ने कहा, ‘इनका मकसद लोगों को एंटरटेन करना और उन्हें जोड़ना है. ये दुखद है कि कुछ लोगों ने अपने पर्सनल एजेंडा के कारण कर्नाटक के सिनेमाघरों में ओजी की स्क्रीनिंग रोकने की कोशिश की- ठीक वैसे ही जैसे कुछ और तेलुगु फिल्मों को पहले भी इसी तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. इसके जवाब में, कुछ आवाजें उठ रही हैं कि कंतारा जैसी कन्नड़ फिल्मों पर तेलुगु राज्यों में रोक लगा देनी चाहिए. मैं ऐसी सोच का सपोर्ट नहीं करता. आर्ट और सिनेमा खुशियां फैलाने, संस्कृतियों को जोड़ने और लोगों को साथ लाने के लिए हैं, उन्हें अलग करने के लिए नहीं. सभी को उनकी पसंदीदा फिल्में देखने का हक है.’
पवन कल्याण ने अपने बयान में आगे कहा, ‘अगर आपको फिल्म पसंद नहीं है, तो ये आप इसे मत देखिए, लेकिन पर्सनल हेट और एजेंडा के कारण फिल्म को टारगेट मत कीजिए. आज भारतीय सिनेमा दुनिया भर में हर भाषा में सेलिब्रेट किया जा रहा है. ऐसे में कला को क्षेत्रीय सीमाओं में सीमित करना ठीक नहीं है. हमें अच्छी फिल्मों का सपोर्ट करना चाहिए, चाहे वो कहीं से भी आएं.’ अब उनका ये बयान सुर्खियों में छा गया है.