Shatak Movie Review: कृधान मीडियाटेक की ये फिल्म आरएसएस के शुरुआती दिनों की कहानी दिखाती है. डॉ. केशव बलीराम हेडगेवार और गोलवलकर के संघर्ष, संगठन की सादगी और युवा स्वयंसेवकों की मेहनत, सब कुछ सहज और असली अंदाज में पेश किया गया है. ये फिल्म सिर्फ इतिहास नहीं दिखाती, बल्कि आपको सोचने और महसूस करने पर मजबूर करती है.
सादगी से सजी दमदार कहानी
फिल्म की सबसे बड़ी खूबी इसकी सादगी है. छोटे-छोटे मैदान, आम चेहरे और आसान से लगने वाले सीन सब कुछ इतना असली लगता है कि आप खुद वहां मौजूद महसूस करते हैं. कैमरा, आवाज़ और माहौल मिलकर कहानी को जीवंत बना देते हैं.
हेडगेवार का असर
डॉ. केशव बलीराम हेडगेवार को फिल्म में उनके असली रूप में दिखाया गया है. उनकी अनुशासन, सेवा भाव और जिद ने आरएसएस की नींव रखी. शुरुआती संघर्ष और संगठन की सरल शुरुआत देखकर हर कोई प्रभावित होता है.
गोलवलकर का दौर और चुनौतियां
कहानी जैसे ही माधव सदाशिव गोलवलकर (गुरुजी) के समय में आती है, माहौल गंभीर और चुनौतीपूर्ण हो जाता है. संघ पर लगे प्रतिबंध और मुश्किल हालातों में संगठन को संभालने की उनकी सूझबूझ और हिम्मत साफ दिखाई देती है.
देशभक्ति और सेवा का जज्बा
फिल्म दादरा, नगर हवेली और कश्मीर के ऐतिहासिक पलों को भी दिखाती है. ये साफ बताती है कि संघ हमेशा पर्दे के पीछे रहकर देश और समाज की सेवा करता रहा.
साधारण लोगों की कहानी
‘शतक’ सिर्फ नेताओं की कहानी नहीं है. युवा स्वयंसेवक जो घर छोड़कर कठिनाइयों का सामना करते हैं, उनके परिवार की चिंता और उनके छोटे-छोटे बलिदान भी फिल्म में दिखाए गए हैं. यही चीज इसे और करीब बनाती है.
टीम और निर्देशन
फिल्म की ताकत इसके पीछे की टीम है. अनिल डी. अग्रवाल का कॉन्सेप्ट, नितिन सावंत, रोहित गहलोत और उत्सव दान की राइटिंग, कृधान मीडियाटेक और वीर कपूर का प्रोडक्शन, और आशीष मॉल का निर्देशन सबने मिलकर फिल्म को असली और संतुलित बनाया है. आशीष तिवारी (Ada 360 Degree LLP) भी इस काम में शामिल रहे.
इतिहास महसूस होता है
‘शतक’ सिर्फ आरएसएस के शुरुआती 50 सालों की कहानी नहीं बताती, बल्कि आप उसे जीते हुए महसूस करते हैं। हर सीन असर छोड़ता है और फिल्म खत्म होने के बाद भी आप इसके अगले हिस्से का बेसब्री से इंतजार करते हैं.
मस्ट वॉच
कृधान मीडियाटेक प्रोडक्शन की ये फिल्म हर दर्शक के लिए देखने लायक है. ये सिर्फ घटनाओं का सिलसिला नहीं, बल्कि सोच, धैर्य और समर्पण की कहानी है. ऐसे में इस वीकेंड में देखने के लिए अगर आप कुछ अलग और अनोखा महसूस करना चाहते हैं तो यह फिल्म आपके लिए ही बनी है.
डायरेक्शन: आशीष मॉल
प्रोड्यूसर: वीर कपूर
प्रोडक्शन स्टूडियो: कृधान मीडियाटेक
कॉन्सेप्ट: अनिल धनपत अग्रवाल
को-प्रोड्यूसर: आशीष तिवारी
एसोसिएट प्रोड्यूसर: अशोक प्रधान, मयंक पटेल, कबीर सदानंद
राइटर: नितिन सावंत, रोहित गहलोत, उत्सव दान
एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर: अभिनव शिव तिवारी
समय: 112 मिनट
रेटिंग: 3.5/5 स्टार्स
Movie name:Shatak
Director:आशीष मॉल
Shatak Movie Review: कृधान मीडियाटेक की ये फिल्म आरएसएस के शुरुआती दिनों की कहानी दिखाती है. डॉ. केशव बलीराम हेडगेवार और गोलवलकर के संघर्ष, संगठन की सादगी और युवा स्वयंसेवकों की मेहनत, सब कुछ सहज और असली अंदाज में पेश किया गया है. ये फिल्म सिर्फ इतिहास नहीं दिखाती, बल्कि आपको सोचने और महसूस करने पर मजबूर करती है.
सादगी से सजी दमदार कहानी
फिल्म की सबसे बड़ी खूबी इसकी सादगी है. छोटे-छोटे मैदान, आम चेहरे और आसान से लगने वाले सीन सब कुछ इतना असली लगता है कि आप खुद वहां मौजूद महसूस करते हैं. कैमरा, आवाज़ और माहौल मिलकर कहानी को जीवंत बना देते हैं.
हेडगेवार का असर
डॉ. केशव बलीराम हेडगेवार को फिल्म में उनके असली रूप में दिखाया गया है. उनकी अनुशासन, सेवा भाव और जिद ने आरएसएस की नींव रखी. शुरुआती संघर्ष और संगठन की सरल शुरुआत देखकर हर कोई प्रभावित होता है.
गोलवलकर का दौर और चुनौतियां
कहानी जैसे ही माधव सदाशिव गोलवलकर (गुरुजी) के समय में आती है, माहौल गंभीर और चुनौतीपूर्ण हो जाता है. संघ पर लगे प्रतिबंध और मुश्किल हालातों में संगठन को संभालने की उनकी सूझबूझ और हिम्मत साफ दिखाई देती है.
देशभक्ति और सेवा का जज्बा
फिल्म दादरा, नगर हवेली और कश्मीर के ऐतिहासिक पलों को भी दिखाती है. ये साफ बताती है कि संघ हमेशा पर्दे के पीछे रहकर देश और समाज की सेवा करता रहा.
साधारण लोगों की कहानी
‘शतक’ सिर्फ नेताओं की कहानी नहीं है. युवा स्वयंसेवक जो घर छोड़कर कठिनाइयों का सामना करते हैं, उनके परिवार की चिंता और उनके छोटे-छोटे बलिदान भी फिल्म में दिखाए गए हैं. यही चीज इसे और करीब बनाती है.
टीम और निर्देशन
फिल्म की ताकत इसके पीछे की टीम है. अनिल डी. अग्रवाल का कॉन्सेप्ट, नितिन सावंत, रोहित गहलोत और उत्सव दान की राइटिंग, कृधान मीडियाटेक और वीर कपूर का प्रोडक्शन, और आशीष मॉल का निर्देशन सबने मिलकर फिल्म को असली और संतुलित बनाया है. आशीष तिवारी (Ada 360 Degree LLP) भी इस काम में शामिल रहे.
इतिहास महसूस होता है
‘शतक’ सिर्फ आरएसएस के शुरुआती 50 सालों की कहानी नहीं बताती, बल्कि आप उसे जीते हुए महसूस करते हैं। हर सीन असर छोड़ता है और फिल्म खत्म होने के बाद भी आप इसके अगले हिस्से का बेसब्री से इंतजार करते हैं.
मस्ट वॉच
कृधान मीडियाटेक प्रोडक्शन की ये फिल्म हर दर्शक के लिए देखने लायक है. ये सिर्फ घटनाओं का सिलसिला नहीं, बल्कि सोच, धैर्य और समर्पण की कहानी है. ऐसे में इस वीकेंड में देखने के लिए अगर आप कुछ अलग और अनोखा महसूस करना चाहते हैं तो यह फिल्म आपके लिए ही बनी है.
डायरेक्शन: आशीष मॉल
प्रोड्यूसर: वीर कपूर
प्रोडक्शन स्टूडियो: कृधान मीडियाटेक
कॉन्सेप्ट: अनिल धनपत अग्रवाल
को-प्रोड्यूसर: आशीष तिवारी
एसोसिएट प्रोड्यूसर: अशोक प्रधान, मयंक पटेल, कबीर सदानंद
राइटर: नितिन सावंत, रोहित गहलोत, उत्सव दान
एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर: अभिनव शिव तिवारी
समय: 112 मिनट
रेटिंग: 3.5/5 स्टार्स