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‘7-8 महीने तक खाली बैठा रहता था…’, ‘पंचायत’ फेम दुर्गेश कुमार ने स्ट्रगल के दिनों को किया याद | Exclusive
Panchayat Actor Durgesh kumar Interview: 'पंचायत' में भूषण कुमार उर्फ बनराकस का किरदार निभाकर पॉपुलर हुए एक्टर दुर्गेश कुमार ने न्यूज 24 हिंदी से बात एक्सक्लूसिव बात की और इस दौरान उन्होंने अपने स्ट्रगल को याद किया है.
Panchayat Fame Actor Durgesh kumar: दुर्गेश कुमार का इंटरव्यू
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News24 एआई आवाज़
Panchayat Actor Durgesh kumar Interview: प्राइम वीडियो की पॉपुलर वेब सीरीज 'पंचायत' के चार सीजन आ चुके हैं और सभी को दर्शकों से खूब प्यार मिला. लोगों ने इस सीरीज के हर किरदार फिर चाहे सचिव जी हो या फिर प्रधान जी हों या फिर रिंकी हों, को काफी पसंद किया. इसी में एक विनोद और भूषण कुमार यानी कि बनराकस का रोल भी रहा है, जिस पर लोगों ने भरपूर प्यार लुटाया. सीजन 4 में सीरीज में सत्ता बदल चुकी है और बनराकस फुलेरा के प्रधान चुके जा चुके हैं. लोग आगे की कहानी जानने के लिए बेताब हैं. इसी बीच भूषण कुमार यानी कि दुर्गेश कुमार ने न्यूज 24 हिंदी से बात की और अपने स्ट्रगल को याद करते हुए बताया कि कैसे 'पंचायत' उनके करियर के लिए टर्निंग प्वॉइंट रही.
दरअसल, दुर्गेश कुमार फिल्म 'कैश एम कैश' के प्रमोशन के लिए दिल्ली पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने न्यूज 24 हिंदी से बात की. 'पंचायत' फेम एक्टर दुर्गेश कुमार ने अपने स्ट्रगल को बात करते हुए कहा, 'मुझे मनोज बाजपेयी की फिल्मों से प्रेरणा मिली. मैंने उनकी फिल्म 'सत्या' देखा था, जिसके बाद मुझे एनएसडी और दिल्ली थिएटर के बारे में पता लगा. फिर मैंने किया. मैं 10 साल दिल्ली में रहा और इस दौरान थिएटर किया. इसी बीच फेलोशिप वगैरह किया. फिर मुझे इम्तियाज अली की पहली फिल्म हाईवे मिली. ये करने के बाद मुझे कुछ समय तक काम नहीं मिला. फिर 2012 में नवाजुद्दीन सिद्दीकी हिट हुए. उनका करियर ग्राफ देखा तो पता चला कि वह एक सीन दो सीन करते रहे. कभी बैठे नहीं. उनसे ये सब चीज सीखी और काम करता रहा.'
दुर्गेश कुमार आगे बताते हैं, 'इसके बाद साल 2020 आया और लॉकडाउन लग गया. लेकिन मेरे लिए अच्छा निकला. मुझे ओटीटी का बहुत सारा काम आया. इसकी वजह से मेरा घर चलता रहा.' एक्टर अपनी पहली फिल्म को लेकर बताते हैं, 'मेरे लिए इम्तियाज अली के साथ 45 दिन काम करना एक एक्टिंग स्कूल के जैसे था. मैंने इस दौरान बहुत कुछ सीखा.'
रिजेक्शन को लेकर दुर्गेश कुमार ने कहा, 'मैंने अपने स्ट्रगल के दौरान अनगिनत बार रिजेक्शन झेला लेकिन मेरे लिए बने रहना जरूरी था. ईश्वर पर भरोसा करता हूं इसलिए मेरे साथ अच्छा रहा.' दुर्गेश ने बताया कि उनकी एक दिली तमन्ना थी जो अधूरी रह गई. इसे लेकर उनका कहना था, 'मैं इरफान खान के साथ स्क्रीन शेयर करना चाहता था लेकिन, ऐसा नहीं हो पाया.' इसके साथ ही एक्टर ने बताया कि वह मनोज बाजपेयी के साथ काम करना चाहते हैं.
'पंचायत' को करियर का टर्निंग प्वॉइंट मानते हैं दुर्गेश कुमार
इसके साथ ही दुर्गेश ने बताया कि वह 'पंचायत' को अपने करियर में टर्निंग प्वॉइंट के तौर पर देखते हैं. अभिनेता ने कहा, 'अब पहले से चीजें अच्छी हो गईं. लोग ऑडिशंस के लिए बुलाने लगे हैं. कहानियों पर डिस्कस करने लगे हैं. कुछ प्रोजेक्ट्स प्रोसेस में भी हैं. अच्छे रोल्स भी ऑफर करने लगे हैं. पहले कोई बुलाता नहीं था. अब बुलाकर आदर करते हैं. अच्छा लगता है. आज जो मिल रहा है वो पहले लाइमलाइट नहीं मिलता था.'
https://www.instagram.com/p/DPV6CytCUJY/
80 प्रतिशत समय खाली बैठा रहा- दुर्गेश कुमार
इस बातचीत में दुर्गेश कुमार ने बताया, 'अपने स्ट्रगल के दौरान मैं 80 प्रतिशत समय तक खाली बैठा रहा था. मैं साल में 7-8 महीने खाली बैठा रहता था.' 'पंचायत' सीरीज में बनराकस के नाम पर बात करते हुए अभिनेता ने बताया, 'ये लेखक के दिमाग की उपज है. जैसे गांव में कोई बच्चा बदमाश रहता था या फिर अच्छा होता था तो उसे उपनाम दे दिया जाता था. ठीक उसी तरह से मेरा कैरेक्टर भी सीरीज में कुछ ऐसा रहा जो हर काम में रोड़ा बनता है. इसी वजह से मेरा नाम लेखकर ने बनराकस दे दिया. लेकिन, मेरा सीरीज में नाम भूषण कुमार था.'
Panchayat Actor Durgesh kumar Interview: प्राइम वीडियो की पॉपुलर वेब सीरीज ‘पंचायत’ के चार सीजन आ चुके हैं और सभी को दर्शकों से खूब प्यार मिला. लोगों ने इस सीरीज के हर किरदार फिर चाहे सचिव जी हो या फिर प्रधान जी हों या फिर रिंकी हों, को काफी पसंद किया. इसी में एक विनोद और भूषण कुमार यानी कि बनराकस का रोल भी रहा है, जिस पर लोगों ने भरपूर प्यार लुटाया. सीजन 4 में सीरीज में सत्ता बदल चुकी है और बनराकस फुलेरा के प्रधान चुके जा चुके हैं. लोग आगे की कहानी जानने के लिए बेताब हैं. इसी बीच भूषण कुमार यानी कि दुर्गेश कुमार ने न्यूज 24 हिंदी से बात की और अपने स्ट्रगल को याद करते हुए बताया कि कैसे ‘पंचायत’ उनके करियर के लिए टर्निंग प्वॉइंट रही.
दरअसल, दुर्गेश कुमार फिल्म ‘कैश एम कैश’ के प्रमोशन के लिए दिल्ली पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने न्यूज 24 हिंदी से बात की. ‘पंचायत’ फेम एक्टर दुर्गेश कुमार ने अपने स्ट्रगल को बात करते हुए कहा, ‘मुझे मनोज बाजपेयी की फिल्मों से प्रेरणा मिली. मैंने उनकी फिल्म ‘सत्या’ देखा था, जिसके बाद मुझे एनएसडी और दिल्ली थिएटर के बारे में पता लगा. फिर मैंने किया. मैं 10 साल दिल्ली में रहा और इस दौरान थिएटर किया. इसी बीच फेलोशिप वगैरह किया. फिर मुझे इम्तियाज अली की पहली फिल्म हाईवे मिली. ये करने के बाद मुझे कुछ समय तक काम नहीं मिला. फिर 2012 में नवाजुद्दीन सिद्दीकी हिट हुए. उनका करियर ग्राफ देखा तो पता चला कि वह एक सीन दो सीन करते रहे. कभी बैठे नहीं. उनसे ये सब चीज सीखी और काम करता रहा.’
दुर्गेश कुमार आगे बताते हैं, ‘इसके बाद साल 2020 आया और लॉकडाउन लग गया. लेकिन मेरे लिए अच्छा निकला. मुझे ओटीटी का बहुत सारा काम आया. इसकी वजह से मेरा घर चलता रहा.’ एक्टर अपनी पहली फिल्म को लेकर बताते हैं, ‘मेरे लिए इम्तियाज अली के साथ 45 दिन काम करना एक एक्टिंग स्कूल के जैसे था. मैंने इस दौरान बहुत कुछ सीखा.’
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रिजेक्शन को लेकर दुर्गेश कुमार ने कहा, ‘मैंने अपने स्ट्रगल के दौरान अनगिनत बार रिजेक्शन झेला लेकिन मेरे लिए बने रहना जरूरी था. ईश्वर पर भरोसा करता हूं इसलिए मेरे साथ अच्छा रहा.’ दुर्गेश ने बताया कि उनकी एक दिली तमन्ना थी जो अधूरी रह गई. इसे लेकर उनका कहना था, ‘मैं इरफान खान के साथ स्क्रीन शेयर करना चाहता था लेकिन, ऐसा नहीं हो पाया.’ इसके साथ ही एक्टर ने बताया कि वह मनोज बाजपेयी के साथ काम करना चाहते हैं.
‘पंचायत’ को करियर का टर्निंग प्वॉइंट मानते हैं दुर्गेश कुमार
इसके साथ ही दुर्गेश ने बताया कि वह ‘पंचायत’ को अपने करियर में टर्निंग प्वॉइंट के तौर पर देखते हैं. अभिनेता ने कहा, ‘अब पहले से चीजें अच्छी हो गईं. लोग ऑडिशंस के लिए बुलाने लगे हैं. कहानियों पर डिस्कस करने लगे हैं. कुछ प्रोजेक्ट्स प्रोसेस में भी हैं. अच्छे रोल्स भी ऑफर करने लगे हैं. पहले कोई बुलाता नहीं था. अब बुलाकर आदर करते हैं. अच्छा लगता है. आज जो मिल रहा है वो पहले लाइमलाइट नहीं मिलता था.’
इस बातचीत में दुर्गेश कुमार ने बताया, ‘अपने स्ट्रगल के दौरान मैं 80 प्रतिशत समय तक खाली बैठा रहा था. मैं साल में 7-8 महीने खाली बैठा रहता था.’ ‘पंचायत’ सीरीज में बनराकस के नाम पर बात करते हुए अभिनेता ने बताया, ‘ये लेखक के दिमाग की उपज है. जैसे गांव में कोई बच्चा बदमाश रहता था या फिर अच्छा होता था तो उसे उपनाम दे दिया जाता था. ठीक उसी तरह से मेरा कैरेक्टर भी सीरीज में कुछ ऐसा रहा जो हर काम में रोड़ा बनता है. इसी वजह से मेरा नाम लेखकर ने बनराकस दे दिया. लेकिन, मेरा सीरीज में नाम भूषण कुमार था.’