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Nawazuddin Siddiqui: फिर बढ़ीं नवाजुद्दीन सिद्दीकी की मु्श्किलें, एक्टर पर लगा भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप

Nawazuddin Siddiqui: बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की मुसीबतें कम ही नहीं हो रही हैं। आए दिन एक्टर किसी ने किसी विवाद के चलते सुर्खियां बटोर रहे हैं। पिछले काफी वक्त से वे अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर विवादों में फंसे हुए हैं। इसके चलते उन्हें कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अब एक […]

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Nawazuddin Siddiqui: बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी की मुसीबतें कम ही नहीं हो रही हैं। आए दिन एक्टर किसी ने किसी विवाद के चलते सुर्खियां बटोर रहे हैं। पिछले काफी वक्त से वे अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर विवादों में फंसे हुए हैं। इसके चलते उन्हें कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अब एक बार फिर एक्टर विवाद में फंस गए हैं। इस बार यह विवाद उनकी पर्सनल लाइफ नहीं बल्कि प्रोफेशनल लाइफ से जुड़ा हुआ है। एक बार फिर एक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर दिया गया है।

बंगाली समुदाय को ठेस पहुंचाने का आरोप (Nawazuddin Siddiqui)

बता दें कि एक्टर के खिलाफ बंगाली समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप सॉफ्ट ड्रिंक स्प्राइट के एक ऐड को देखकर लगाया गया है और इसके खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया। दरअसल हुआ यूं कि एक्टर ने हाल ही में स्प्राइट के एड की शूटिंग की थी, जो मूल रूप से हिंदी में है लेकिन इस एड के बंगाली वर्जन पर कोलकाता के एक वकील ने आपत्ति जताई है।

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सॉफ्ट ड्रिंक के ऐड पर जताई आपत्ति

उन्होंने विज्ञपान की एक लाइन पर आपत्ति जताते हुए नवाजुद्दीन सिद्दीकी और कोका कोला के भारतीय डिवीजन के सीईओ के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। दरअसल उन्हें इसके हिंदी नहीं बल्कि बंगाली वर्जन से दिक्कत हैं। दरअसल विज्ञापन में नवाजुद्दीन सिद्दीकी एक चुटकुले पर हंसते नजर आ रहे हैं, जिसमें कहा गया है, “शोजा अंगुले घी न उठले, बंगाली खाली पेटे घूमिए पोरे।” इस वाक्य का हिंदी अर्थ है, “अगर सीधी उंगली से घी न निकले तो बंगाली भूखे ही सो जाते हैं।”

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हटाया गया बंगाली वर्जन

दिबयान बनर्जी ने कहा, “इस विज्ञापन से बंगाली समुदाय की भावनाएं आहत हुई है और हम नहीं चाहते कि भविष्य में इस तरह की ओछी हरकत और नौटंकी को बढ़ावा दिया जाए।” बता दें कि इस विज्ञापन में कंज्यूमर से क्यूआर कोड को स्कैन करके चुटकुले सुनने के बारे में बताया जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद कंपनी ने विज्ञापन के बंगाली वर्जन को हटा दिया। इसके साथ ही स्प्राइड इंडिया की ओर से एक स्टेटमेंट जारी करते हुए माफी मांगी गई है। नोट में कहा गया है कि हमें इस पर खेद है और हम बंगाली भाषा का सम्मान करते हैं।

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First published on: Apr 27, 2023 05:11 PM

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