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NEET Paper Leak: डॉक्टरों वाला परिवार अब CBI के घेरे में; एक ही घर के 5 सदस्यों ने कैसे मार ली बाजी?

NTA ने आज दिन में पहले घोषणा की कि NEET UG की दोबारा परीक्षा अब रविवार 21 जून को आयोजित की जाएगी। यह फैसला परीक्षा के आयोजन और शिकायतों से निपटने की प्रक्रिया में कथित खामियों को लेकर हो रही व्यापक आलोचना और विरोध के बीच आया है।

नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने सबको चौंका दिया है। जयपुर के जमवारामगढ़ इलाके के एक ही परिवार के 5 सदस्य पिछले एक साल में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला पा चुके हैं। लेकिन सीबीआई को शक है कि यह उनकी मेहनत नहीं, बल्कि पेपर लीक का करिश्मा था।

शक की सबसे बड़ी वजह: अचानक बढ़ गए नंबर

सीबीआई की जांच में सामने आया है कि इन पांचों छात्रों का पिछला रिकॉर्ड काफी सामान्य था, लेकिन नीट परीक्षा में इनके अंकों ने अचानक ऐसी छलांग लगाई कि जांच एजेंसियां भी हैरान रह गईं।

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विकास: 55% से सीधा सरकारी कॉलेज
विकास के 12वीं में सिर्फ 55% नंबर थे। 2024 की नीट परीक्षा में उसे 720 में से सिर्फ 270 नंबर मिले थे। लेकिन 2025 में अचानक उसने 85 परसेंटाइल स्कोर किया और सवाई माधोपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट पक्की कर ली।

प्रगति और सानिया: औसत से ऊपर की छलांग
प्रगति और सानिया, दोनों के ही कोचिंग टेस्ट में नंबर काफी कम आ रहे थे (करीब 300-340 के बीच)। लेकिन असली परीक्षा (NEET 2025) में सानिया ने 94% और प्रगति ने 90% परसेंटाइल हासिल कर लिया।

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पलक: जयपुर के टॉप कॉलेज में एंट्री
पलक परिवार की सबसे होनहार छात्रा थी, लेकिन 2024 में उसे भी 512 नंबर मिले थे। 2025 में उसने 98.6 परसेंटाइल का बड़ा स्कोर किया और जयपुर के प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन पा लिया।

कैसे हुआ इस खेले का खुलासा?
जब परिवार के 5 सदस्य डॉक्टर बनने की राह पर निकल पड़े, तो छठे सदस्य ऋषि ने भी जिद पकड़ ली। ऋषि पढ़ाई में बहुत कमजोर था (10वीं में सिर्फ 44%), लेकिन जांच एजेंसियों का मानना है कि अगर यह मामला न खुलता, तो वह भी इस साल डॉक्टर बन जाता।

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जांच में क्या पता चला?
विकास की दोस्ती सीकर में कोचिंग के दौरान गुरुग्राम के यश यादव से हुई थी। आरोप है कि पेपर के लिए पहले 60 लाख रुपये मांगे गए थे, लेकिन सौदा 40 लाख रुपये में पक्का हुआ। आरोप है कि पेपर मिलने के बाद पांचों सदस्यों ने मिलकर पूरा पेपर रट लिया था।

आगे क्या होगा?
14 मई 2025 को आए रिजल्ट के आधार पर ये सभी फिलहाल अलग-अलग सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं। सीबीआई अब इनके पुराने रिकॉर्ड्स, कोचिंग टेस्ट के नंबरों और नीट के अंकों के बीच के अंतर को ही अपनी जांच का मुख्य आधार बना रही है।

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अगर ये आरोप सच साबित होते हैं, तो न केवल इन छात्रों का करियर खत्म हो सकता है, बल्कि पूरे गिरोह का पर्दाफाश होगा जिसने लाखों मेहनती छात्रों के सपनों के साथ खिलवाड़ किया है।

First published on: May 15, 2026 01:21 PM

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