Railway Refund Rules: ट्रेन छूटने पर भी पाएं रिफंड, जानिए आपको क्या करना होगा
Edited By Nitin Arora

Edited By Nitin Arora

Railway Refund Rules: यात्रियों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए भारतीय रेलवे ने 1 अप्रैल से अपने दो मौजूदा नियमों में बदलाव किया है। यात्रियों के लिए नियम में यह बदलाव ट्रेनों के छूटने से संबंधित है। बदले हुए कानून में, जिन यात्रियों के पास कनेक्टिंग टिकट हैं, वे पहली ट्रेन के देर से आने के कारण दूसरी ट्रेन के छूटने की स्थिति में अपनी कनेक्टिंग ट्रेन पकड़ने में विफल रहने पर अपने किराए का पूरा रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। एक अन्य नियम में बदलाव के तहत यात्री को अपना बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा मिल सकती है।
यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि पहली ट्रेन के देर से आने के कारण बहुत से यात्रियों की ट्रेनें छूट जाती हैं। इस मामले में नया कानून यात्री को दूसरे टिकट का पूरा रिफंड पाने की अनुमति देता है, बशर्ते उसने दोनों टिकटों में उनके बारे में सटीक जानकारी भरी हो। इसके अलावा, पहले टिकट का आगमन बिंदु और दूसरे टिकट का प्रारंभिक बिंदु समान होना चाहिए।
बोर्डिंग स्टेशन बदलने से जुड़े नए कानून में यात्री को ट्रेन छूटने के चार घंटे पहले अपना बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा मिल सकती है, यानी यात्री चार्ट बनने से पहले अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकता है। चार्ट बनने के बाद यात्री इस राहत का लाभ नहीं उठा पाएंगे। यह नियम उन सभी यात्रियों पर लागू होगा, जिनका सामान्य कोटा श्रेणी के तहत आरक्षण है, भले ही उनके पास ‘तत्काल’ टिकट हो।
जिन यात्रियों के पास काउंटर टिकट है, उन्हें अपनी यात्रा के शुरुआती बिंदु पर रेलवे अधिकारियों को सूचित करना होगा, जबकि जिनके पास ई-टिकट है, वे चार्ट तैयार होने से पहले आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर लॉग इन करके बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। वे यात्री जो इन दोनों में से कोई भी काम नहीं कर पाएंगे, वे 139 पर कॉल कर सकते हैं और फोन पर बोर्डिंग स्टेशन बदलने के लिए अपना अनुरोध कर सकते हैं। हालांकि, इस फोन कॉल को भी चार घंटे या चार्ट तैयार होने से पहले आगे बढ़ाना होता है। बोर्डिंग स्टेशन बदलने की यह सुविधा सभी यात्रियों के लिए मुफ्त होगी।
Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.
First published on:
Read more: About our editorial guidelines and standards here.