Railway Budget 2023: बढ़ेगा रेलवे का बजट, पूरे होंगे अधूरे प्रोजेक्ट, क्या ट्रेनों की संख्या में होगा इजाफा?

Railway Budget 2023

कैबिनेट बैठक से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण डिजिटल बहीखाता के साथ नजर आईं।

Railway Budget 2023: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कुछ देर में मोदी सरकार 2.0 कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट पेश करने वाली हैं। इसमें रेलवे बजट 2023 भी होगा। तीन साल पहले 2016 में रेल बजट को केंद्रीय बजट में मिला दिया गया था। इससे पहले तक रेलवे बजट अलग से पेश किया जाता रहा है। इस साल सरकार का फोकस अधूरे प्रोजेक्ट और बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने पर रहने की उम्मीद है।

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एक तरफ जहां हाईस्पीड ट्रेनों को जल्द चलाने पर फोकस रहेगा। मोदी सरकार पूरे रेलवे सिस्टम के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए रेल बजट में 20-25 फीसदी की बढ़ोतरी पर काम कर रही है।

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बुलेट ट्रेन परियोजना पर होगा फोकस

केंद्रीय बजट 2022 में वित्त मंत्री निर्मला सीताराम ने गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पर फोकस किया था और संभावना है कि इस वर्ष के बजट में भी यही सरकार की प्राथमिकता बनी रहेगी। इस बजट में नई पटरियां बिछाने, सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, हाइड्रोजन-संचालित ट्रेनों के साथ-साथ अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना को पूरा करने के लिए धन आवंटित किया जा सकता है।

गति शक्ति मल्टी-मोडल कार्गो टर्मिनल, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट, वंदे भारत ट्रेनों को शामिल करना और इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम सहित भारतीय रेलवे द्वारा कई पहलें की गई हैं।

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1.8 लाख करोड़ रुपए आवंटित होने की संभावना

रेल मंत्रालय ने देश के लिए एक राष्ट्रीय रेल योजना तैयार की है। 2030 तक सभी रेलवे स्टेशनों को अत्याधुनिक बनाने की योजना है। रेल मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक 2023-24 में इस सेक्टर के लिए करीब 1.8 लाख करोड़ रुपए के आवंटन की संभावना है, जो 2022-23 में 1.4 लाख करोड़ रुपए थी।

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आम जनता की ये हैं उम्मीदें

आम जनता ट्रेन टिकट के किराए में राहत चाहती है। इसके अलावा ट्रेनों में साफ-सफाई, ट्रेनों की संख्या बढ़ाने जैसी सुविधाओं की भी डिमांड है। वहीं, स्टूडेंट्स भी चाहते हैं उन्हें दूसरे राज्यों या शहरों में परीक्षा देने जाने के लिए अलग से ट्रेन चलाई जाए।

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