Hormuz Crisis: युद्ध के बीच ईरान की चांदी! तेल बेचकर रोजाना कमा रहा 1100 करोड़ रुपये; अमेरिका और इजरायल भी नहीं रोक पाए सप्लाई

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जारी भीषण संकट और युद्ध के बीच ईरान एक विजेता बनकर उभर रहा है। जहां खाड़ी के अन्य देशों की तेल सप्लाई ठप पड़ी है, वहीं ईरान न केवल अपना तेल रिकॉर्ड कीमतों पर बेच रहा है, बल्कि गुजरने वाले जहाजों से मोटा ‘टैक्स’ भी वसूल रहा है।

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Hormuz Crisis Latest Update : पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने वैश्विक तेल बाजार के समीकरण बदल दिए हैं। हॉर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, फिलहाल ईरान के नियंत्रण में है। इसका फायदा उठाते हुए ईरान ने अपनी आय में करोड़ों डॉलर का इजाफा किया है। युद्ध शुरू होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल के पार निकल गया है। ईरान इस स्थिति का दोतरफा लाभ उठा रहा है।

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पहले ईरान को अपना तेल बेचने के लिए भारी डिस्काउंट देना पड़ता था, लेकिन अब यह डिस्काउंट घटकर मात्र $2.10 रह गया है, जो पहले $10 से ज्यादा था। मार्च के महीने में ईरान अपने ‘ईरानी लाइट’ कच्चे तेल की बिक्री से रोजाना लगभग $13.9 करोड़ (करीब ₹1,150 करोड़) कमा रहा है, जो फरवरी में $11.5 करोड़ था।

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हॉर्मुज का ट्रैफिक टैक्स

ईरान केवल तेल बेचकर ही नहीं कमा रहा, बल्कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कुछ चुनिंदा वाणिज्यिक जहाजों (Commercial Ships) से $20 लाख (करीब ₹16.6 करोड़) तक की ट्रांजिट फीस भी वसूल रहा है। यह ईरान के लिए आय का एक नया और बड़ा जरिया बन गया है।

अन्य खाड़ी देश संकट में, ईरान बेखौफ
जहां इराक, कुवैत, यूएई और सऊदी अरब जैसे देश हॉर्मुज में ब्लॉकेड के कारण अपनी सप्लाई नहीं भेज पा रहे हैं, वहीं ईरान के खार्ग द्वीप (Kharg Island) टर्मिनल पर गतिविधियां और तेज हो गई हैं। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि ईरान के टर्मिनल पर सुपरटैंकर्स की कतार लगी है। ईरान अब अपने जास्क (Jask) टर्मिनल का भी उपयोग कर रहा है, जो हॉर्मुज के चोकपॉइंट से बाहर स्थित है।

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अमेरिका की मजबूरी?
हैरानी की बात यह है कि ट्रंप प्रशासन ने तेल की कीमतों को काबू में रखने के लिए ईरान पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी ढील दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाशिंगटन एक तरह से ईरान को तेल बेचने के लिए “गिड़गिड़ा” रहा है ताकि वैश्विक बाजार में तेल की कमी न हो और कीमतें और न भागें।

युद्ध और पुनर्निर्माण का खर्च
ईरान इस बढ़ी हुई कमाई का इस्तेमाल इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों से हुए नुकसान की भरपाई और अपने हथियारों के भंडार को फिर से भरने के लिए करेगा। जहाँ कतर और अन्य अरब देशों के गैस और तेल संयंत्रों को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है, वहीं ईरान का बुनियादी ढांचा (साउथ पार्स गैस फील्ड को छोड़कर) काफी हद तक सुरक्षित है।

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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