Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बायोफर्मा हब बनाने के लिए 10 हजार करोड़ रुपए की सौगात दी है. हेल्थ सेक्टर (Health Sector) के लिए इस बजट में मेडिकल हब्स, निजी और सरकारी साझेदारी, हेल्थकेयर परिसर चिकित्सा अनुंसधान बनाने से लेकर पशु चिकित्सा क्षेत्र में विकास की घोषणा की गई है. बजट में स्वास्थ्य संस्थानों के साथ ही आयुर्वेदिक संस्थानों को वैश्विक पहचान दिलाने की घोषणा की गई है. वित्त मंत्री ने मेंटल हेल्थ को सुधारने के क्षेत्र में भी फैसले लिए हैं. यहां जानिए हेल्थ सेक्टर को बजट 2026 में क्या-क्या मिला.
हेल्थ सेक्टर को बजट 2026 में क्या-क्या मिला
- मेडिकल हब्स बनाए जाएंगे और निजी क्षेत्र की साझेदारी के साथ काम
- हेल्थकेयर परिसर चिकित्सा अनुसंधान
- डायगोनस्टिक्स, पुनर्वास और लोगों की बीमारियों का निदान
To create a new range of skilled career pathways for our youth, Union Finance Minister Smt. @nsitharaman proposed interventions in the following sectors:
👉 Allied Health Professionals (AHPs)
👉Care Ecosystem
👉Hubs for Medical Value Tourism
👉 Set up a NIMHANS-2
👉Strengthen… pic.twitter.com/7msZCgMrui---विज्ञापन---— Ministry of Finance (@FinMinIndia) February 1, 2026
- अगले 5 सालों तक 100,000 एलिड हेल्थ प्रोफेशनल्स (AHPs) जोड़े जाएंगे
- 1.5 लाख केयरगिवर्स को ट्रेन किया जाएगा
- NIMHANS-2 का सेटअप होगा
- जिला अस्पतालों में एमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर्स की क्षमता 50% तक बढ़ाई जाएगी
- चिकित्सा क्षेत्र में विविध अवसर प्रदान किए जाएंगे
- पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा
- निदान प्रयोगशालाओं को बढ़ावा
- देशी विदेशी संस्थानों की मदद ली जाएगी
- केयर इकोसिस्टम पर पूरा जोर
- बुजुर्गों के इलाज पर खास जोर रहेगा
- 5 क्षेत्रीय मेडिकल सेंटर खोलने की योजना
- मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा
- आयुर्वेद को इंटरनेशनल पहचान दिलवाएंगे
- 3 आयुर्वेद एम्स खोले जाएंगे
- प्राइवेट यूनिवर्सिटी खोलने में मदद करेंगे
- लड़कियों के लिए हर जिले में होस्टल होगा
- कैंसर के रोगियों के लिए 17 विशेष दवाओं पर आयात में छूट दी जाएगी. कैंसर की दवाओं पर शुल्क भी कम किया गया है. इसके साथ ही 7 और रोगों के लिए दवाओं पर आयात में छूट दी जाएगी.
बायोफर्मा को खास सौगात
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में बायोफर्मा के लिए 10 हजार करोड़ रुपए जारी किए हैं. इस सौगात का मकसद भारत को वैश्विक बायोफर्मा मैनुफैक्चरिंग हब बनाना है. अगले 5 सालों में बायोफर्मा के क्षेत्र में नॉलेज, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा और भारत के हेल्थकेयर को सशक्त किया जाएगा. हाई वैल्यू ड्रग्स की आयात पर निर्भरता कम हो सके इसके लिए बायोफर्मा शक्ति स्कीम को बेहतर बनाने की कोशिश है. घरेलू उत्पादन पर जोर दिया जाएगा और सरकार की कोशिश रहेगी कि मरीजों का इलाज कम लागत में भारत में ही किया जा सके और उन्हें एडवांस्ड इलाज दिया जा सके.
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