कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। EPFO ने अपने बैंकिंग नेटवर्क का विस्तार करते हुए 15 नए पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के साथ समझौता किया है। इस मौके पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भी उपस्थित रहे।
अब 32 हो गई संख्या
EPFO के बैंकिंग नेटवर्क का हिस्सा बने ये 15 बैंक हर साल 12000 करोड़ रुपये के डायरेक्ट पेमेंट की सुविधा देंगे और उन नियोक्ताओं को डायरेक्ट एक्सेस प्रदान करेंगे जो इन बैंकों के खाताधारक हैं। पहले से 17 बैंक EPFO में लिस्टेड थे, जिससे अब इनकी कुल संख्या बढ़कर 32 पहुंच गई है।
तेजी से सेटल हो रहे क्लेम
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने इस दौरान कहा कि ‘नए भारत’ की दिशा में देश की प्रगति को ईपीएफओ जैसी संस्थाओं द्वारा महत्वपूर्ण समर्थन मिल रहा है, जो देश के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि ईपीएफओ 8 करोड़ सक्रिय सदस्यों और 78 लाख पेंशनभोगियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि EPFO 2.0 के तहत आईटी सिस्टम को मजबूत किया गया है, जिससे दावों के निपटान में तेजी आई है।
EPFO 3.0 पर जोर
डॉ. मनसुख मंडाविया के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6 करोड़ से अधिक दावों का निपटारा किया, जो 2023-24 की तुलना में 35% अधिक है। ऑटो-क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया लागू होने के बाद अब दावों का निपटान अब महज तीन दिनों में हो रहा है। 2024-25 में 2.34 करोड़ दावों का निपटान इसी प्रक्रिया के तहत हुआ। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 160% अधिक है। उन्होंने आगे कहा कि ग्राहक संतुष्टि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और संगठन सक्रिय रूप से ईपीएफओ 3.0 की दिशा में काम कर रहा है, ताकि इसे बैंकों की तरह ही सुलभ और कुशल बनाया जा सके।
पेंशनभोगियों को मिला लाभ
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम को लागू कर दिया गया है, जिससे 78 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा। इस सिस्टम के अमल में आने के बाद अब वे किसी भी बैंक खाते में अपनी पेंशन प्राप्त कर सकते हैं, जबकि पहले उनके लिए किसी स्पेशल जोनल बैंक में खाता खोलना अनिवार्य था। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि ईपीएफओ अपने लाभार्थियों को 8.25 प्रतिशत ब्याज दर ऑफर कर रहा है। उन्होंने कहा कि सेवा वितरण में बैंकों की भागीदारी से ईएफएफओ की दक्षता में वृद्धि होगी।
ये हैं 15 बैंकों के नाम
ईपीएफओ द्वारा जोड़े गए नए बैंकों में एचएसबीसी बैंक, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, फेडरल बैंक, इंडसइंड बैंक, करूर वैश्य बैंक, आरबीएल बैंक, साउथ इंडियन बैंक, सिटी यूनियन बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, यूको बैंक, कर्नाटक बैंक, डेवलपमेंट बैंक ऑफ सिंगापुर, तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक, डेवलपमेंट क्रेडिट बैंक और बंधन बैंक शामिल हैं। इस तरह, EPFO में लिस्टेड बैंकों की संख्या अब बढ़कर 32 पहुंच गई है।