त्रिपुरा के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए होली से पहले ही दिवाली आ गई है। मुख्यमंत्री मणिक साहा ने राज्य के लाखों परिवारों को बड़ी खुशखबरी देते हुए 5 प्रतिशत महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। विधानसभा चुनाव की आहट और बढ़ती महंगाई के बीच, सरकार का यह फैसला कर्मचारियों की जेब में सीधी राहत पहुंचाने वाला है। आखिर कब से बढ़ी हुई सैलरी आपके खाते में आएगी और इसका बजट पर क्या असर पड़ेगा? जानिए पूरी डिटेल्स।
बजट के तुरंत बाद मिली खुशखबरी
यह महत्वपूर्ण घोषणा उस समय हुई जब वित्त मंत्री प्रनजीत सिंह रॉय विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर रहे थे। बजट भाषण के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने सदन को जानकारी दी कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त डीए प्रदान करेगी। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा। इस फैसले से राज्य के लगभग 1.2 लाख नियमित कर्मचारियों और 81,000 पेंशनभोगियों (परिवार पेंशनभोगियों सहित) को सीधा फायदा होगा। हालांकि इस बढ़ोतरी से राज्य के खजाने पर सालाना करीब 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
केंद्र और राज्य के बीच घटेगा अंतर
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस 5% की बढ़ोतरी के बाद अब राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के डीए के बीच का अंतर कम होकर 17 प्रतिशत रह गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हालांकि राज्य वित्तीय चुनौतियों से जूझ रहा है, लेकिन बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों को राहत देना सरकार की प्राथमिकता है।
चुनावी और आर्थिक मायने
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा चुनावों से ठीक पहले लिया गया यह फैसला एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है। कर्मचारी यूनियनों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे ‘सही समय पर लिया गया निर्णय’ बताया है।
मुख्यमंत्री मणिक साहा ने कहा, “आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद, हमने यह कदम अपने कर्मचारियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाने के लिए उठाया है, ताकि वे महंगाई के दौर में अपना घरेलू बजट बेहतर तरीके से संभाल सकें।”










