Bank License Cancelled: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उत्तर प्रदेश में यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। बैंक ने 19 जुलाई को कारोबार की समाप्ति से अपना बैंकिंग कारोबार बंद कर दिया। आरबीआई का आदेश 14 जुलाई को जारी किया गया था।

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केंद्रीय बैंक ने यूपी आयुक्त और सहकारी रजिस्ट्रार से बैंक को बंद करने और एक परिसमापक नियुक्त करने का आदेश जारी करने का अनुरोध किया। यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस आरबीआई द्वारा रद्द कर दिया गया क्योंकि ऋणदाता के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं थीं।

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कहा गया कि इस प्रकार, यह बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ पठित धारा 11(1) और धारा 22 (3) (डी) के प्रावधानों का अनुपालन नहीं करता है। आगे यह भी कहा गया कि बैंक बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 56 के साथ धारा 22(3) (ए), 22 (3) (बी), 22(3)(सी), 22(3) (डी) और 22(3)(ई) की आवश्यकताओं का अनुपालन करने में विफल रहा है।

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शीर्ष बैंक ने यह भी कहा कि बैंक का जारी रहना जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक होगा। इसमें कहा गया है कि बैंक और इसकी वर्तमान वित्तीय स्थिति अपने वर्तमान जमाकर्ताओं को पूरा भुगतान करने में असमर्थ होगी।

ग्राहकों के लिए क्या है खबर?

परिसमापन पर, प्रत्येक जमाकर्ता जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (DICGC) अधिनियम के अधीन, 5 लाख रुपये की सीमा तक अपनी जमा राशि की जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा। आरबीआई ने कहा कि बैंक के आंकड़ों के अनुसार 99.98 प्रतिशत जमाकर्ता DICGC से अपनी जमा राशि की पूरी राशि प्राप्त करने के हकदार हैं।

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