AI Will Improve Health Insurance Claim : हेल्थ इंश्योरेंस में ऐसी कई शर्तें छिपी होती हैं, जो लेंस लेकर ढूंढने पर भी नहीं मिलतीं। इनका पता तब चलता है जब क्लेम किया जाता है। कई बार स्थिति ऐसी बन जाती है कि हेल्थ इंश्योरेंस होने पर भी इलाज का खर्च जेब से उठाना पड़ता है। अब इससे निपटने की तैयारी कर ली गई है। हेल्थ इंश्योरेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की एंट्री हो रही है। इसके जरिए हेल्थ इंश्योरेंस लेने वालों को अब वे सारी जानकारियां मिल जाएंगी जिन्हें इंश्योरेंस कंपनियां छिपा लेती हैं। यही नहीं, इससे क्लेम में भी आसानी होगी।
एक घंटे में निपट जाएगा क्लेम
AI के आने से सबसे ज्यादा फायदा हेल्थ इंश्योरेंस लेने वालों को होगा और क्लेम निपटने में आसानी होगी। दरअसल, हेल्थ इंश्योरेंस में ऐसी कई शर्तें छिपी होती हैं जिनके बारे में कस्टमर को पता नहीं होता। जब इसका क्लेम किया जाता है तो वह कई बार रिजेक्ट हो जाता है या फिर रीइम्बर्समेंट के दौरान क्लेम सेट होने में एक महीने तक का समय लग जाता है। AI इसी समस्या का समाधान करेगा और बीमा क्लेम एक घंटे में निपट जाएगा।

हेल्थ इंश्योरेंस में AI एंट्री मार रही है।
कौन ला रहा है यह टूल
इस AI टूल को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) जा रहा है। दैनिक भास्कर में छपी खबर के मुताबिक इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा मंच से जोड़ा जाएगा। इस पोर्टल पर जाकर कोई भी कस्टमर अपने इंश्योरेंस और उसमें छिपी सभी शर्तों को आसानी से पढ़ सकेगा। खबर में NHA के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि यह AI टूल एक-दो महीने में काम करने लगेगा। यह टूल ऐसे काम करेगा:
- जिस कस्टमर को अपने बीमा की शर्तों के बारे में जानना है, उसे अपने बीमा के डॉक्यूमेंट स्कैन करके राष्ट्रीय स्वास्थ्य दावा मंच के पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
- इसके बाद पोर्टल में मौजूद AI टूल उन डॉक्यूमेंट्स को स्कैन करेगा और उसमें छिपी सारी शर्तों को कस्टमर को बता देगा। यही नहीं, यह इंश्योरेंस से जुड़े हर सवाल का भी जवाब देगा।
ये जानकारियां भी मिलेंगी
अगर तीसरे बच्चे की डिलेवरी होनी है और एजेंट ने यह कहकर इंश्योरेंस दे दिया है कि यह डिलेवरी भी इसमें कवर होगा तो इसे भी आप इस AI टूल के जरिए पता कर सकते हैं। साथ ही यह भी पता कर सकते हैं कि हॉस्पिटल के रूम का चार्ज और ऑपरेशन का पूरा खर्च कवर होगा या नहीं? इसके अलावा और भी ऐसी जानकारियां मिल जाएंगे जिनके बारे में आपको पता भी नहीं होगा।
…तो बदल सकते हैं कंपनी
जब भी हेल्थ इंश्योरेंस या कोई दूसरा इंश्योरेंस लेते हैं तो कंपनी की ओर से 15 से 30 दिन का फ्री-लुक आउट पीरियड दिया जाता है। यह समय इसलिए होता है कि कस्टमर कंपनी की सभी शर्तों को एक बार फिर से जान ले। अगर इंश्योरेंस पसंद न आए तो उसे वापस भी किया जा सकता है। ऐसे में इंश्योरेंस की पूरी रकम वापस कर दी जाती है। AI इसमें भी मदद करेगा। आप जिस तरह का हेल्थ इंश्योरेंस चाहते हैं, इस टूल के जरिए चेक कर सकते हैं। आपने जो इंश्योरेंस लिया है, उसमें अगर आपकी पंसद की चीजें नहीं हैं तो उसे वापस कर सकते हैं। यही नहीं, यह टूल यह भी बता देगा कि आपको जो सर्विस चाहिए, वह कौन-सी कंपनी दे रही है।