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ट्रैफिक रूल तोड़ने पर आप पर भी लगा जुर्माना? ऐसे माफ करा सकते हैं चालान, जानिए पूरा प्रोसेस

कई बार जल्दबाजी में या गलती से हम कोई ट्रैफिक नियम तोड़ देते हैं और फिर पुलिस हमारा चालान काट देती है। लेकिन क्या आपको पता है आप खुद पर लगा जुर्माना माफ भी करवा सकते हैं। आइए जानते हैं क्या है इसका प्रोसेस।

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Photo Credit: Deccan Herald

कई बार छोटी-छोटी गलतियों के कारण ट्रैफिक चालान कट जाता है। ऐसे में लोग सोचते हैं कि चालान माफ कैसे होगा या जुर्माने की राशि कैसे कम हो सकती है। इसके लिए राष्ट्रीय लोक अदालत (National Lok Adalat) एक आसान और कानूनी रास्ता है, जहां आप अपने ट्रैफिक चालान का निपटारा करवा सकते हैं।

आवेदन कैसे करें?

चालान माफ करवाने के लिए आपको NALSA (नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी) की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। यहां आप अपनी व्यक्तिगत जानकारी और मामले से जुड़ी डिटेल भरते हैं।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस

सबसे पहले NALSA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
लोक अदालत के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरें।
फॉर्म में अपना नाम, पता, संपर्क नंबर और चालान से जुड़ी जानकारी दें।
सबमिट करने के बाद आपको एक टोकन नंबर और अपॉइंटमेंट लेटर मिलेगा।

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कैसे पहुंचे लोक अदालत

निर्धारित तारीख को अपने साथ ये जरूरी कागज लेकर लोक अदालत जाएं। जैसे रजिस्ट्रेशन का प्रिंटआउट, टोकन नंबर, वाहन के कागजात, ड्राइविंग लाइसेंस, पहचान पत्र (आधार कार्ड आदि)। सही समय पर पहुंचकर अपने दस्तावेज काउंटर पर दिखाएं। आपका टोकन नंबर ही आपकी सुनवाई का क्रम तय करेगा।

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इसके बाद लोक अदालत में आप अपना पक्ष और सबूत पेश कर सकते हैं। यदि आपकी गलती मामूली है या चालान गलती से कटा है, तो लोक अदालत जुर्माना पूरी तरह माफ कर सकती है या उसकी राशि घटा सकती है।

किन चालानों को माफ किया जा सकता है?

लोक अदालत में सिर्फ साधारण ट्रैफिक उल्लंघन से जुड़े चालान ही माफ किए जाते हैं, जैसे-

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  • हेलमेट न पहनना
  • रेड लाइट तोड़ना
  • नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करना
  • सीट बेल्ट न लगाना
  • गलत लेन में गाड़ी चलाना
  • गलती से कटा हुआ चालान

यदि आपका चालान मामूली ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कटा है, तो उसे लोक अदालत के जरिए आसानी से माफ या कम करवाया जा सकता है। यह प्रक्रिया न केवल सरल है बल्कि कानूनी भी है।

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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