हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

Shefali Jariwala की अकाल मृत्यु के लिए क्या ये 3 ग्रह हैं जिम्मेदार? जानें किसने की थी भविष्यवाणी

Shefali Jariwala Death Prediction: 27 जून को ‘कांटा लगा’ गाने से मशहूर हुई एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का निधन हो गया। हार्ट अटैक को शेफाली की मौत की वजह बताया जा रहा है। लेकिन कुछ महीने पहले पारस छाबड़ा ने अपने पॉडकास्ट में शेफाली को लेकर एक भविष्यवाणी की थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि उनकी कुंडली में तीन ग्रहों का अशुभ संयोग बन रहा है, जिसके कारण उनका आगे का सफर आसान नहीं होने वाला है।

विज्ञापन
Photo Credit- News 24

Shefali Jariwala Death Prediction: 27 जून को एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का 42 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्ट्स की मानें तो उन्हें मुंबई वाले अपने घर पर दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उनके पति पराग त्यागी उन्हें अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शेफाली की अकाल मृत्यु से पूरी इंडस्ट्री में शोक की लहर है। हर किसी के मन में यही सवाल है कि इतनी फिट रहने के बाद भी शेफाली को हार्ट अटैक कैसे आ सकता है।

इस बीच सोशल मीडिया पर पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में पारस बता रहे हैं कि उन्होंने शेफाली की कुंडली देखी है, जिसमें अशुभ योग बन रहा है। साथ ही उन्होंने उस योग से होने वाले खतरे के बारे में भी बताया है।

पारस छाबड़ा ने की थी भविष्यवाणी

पारस कहते हैं कि ‘आपकी जन्म कुंडली के 8वें घर में चंद्रमा, बुध और केतु विराजमान हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि चंद्र और केतु का कॉम्बिनेशन शुभ नहीं होता है। चंद्र को मन का कारक माना जाता है, जबकि केतु एक अशुभ ग्रह है। कुंडली का 8वां घर हानि का होता है, जिसके कारण अकाल मृत्यु, बदनामी, नुकसान और तंत्र-मंत्र में फंसने का खतरा बढ़ जाता है।’ इसी के आगे उन्होंने कहा कि ‘चंद्रमा और बुध का साथ आना भी शुभ नहीं होता है।’

विज्ञापन

चंद्रमा, बुध और केतु की युति का प्रभाव

चंद्रमा, बुध और केतु की युति (किसी राशि या भाव में साथ में आना) एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना है। चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक शक्ति का दाता माना जाता है, जबकि बुध देव बुद्धि, संचार, कारोबार और तर्क का प्रतिनिधित्व करते हैं। वहीं केतु एक “छाया ग्रह” है, जिसे अलगाव, आध्यात्मिकता और रहस्यवाद का प्रतीक माना जाता है।

जिन लोगों की कुंडली में किसी राशि में चंद्रमा, बुध और केतु की युति बनती है या ये तीनों ग्रह साथ में किसी राशि में मौजूद होते हैं, तो उसका अशुभ प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है। खासकर अकाल मृत्यु (Premature Death) होने का योग बनता है।

विज्ञापन

कब बढ़ जाता है अकाल मृत्यु का खतरा?

  • जन्म कुंडली के अष्टम भाव में राहु, केतु और शनि के साथ आने से भी अकाल मृत्यु का योग बनता है।
  • वहीं जिन लोगों की कुंडली में मंगल और राहु साथ में विराजमान होते हैं या उनकी दृष्टि एक-दूसरे पर पड़ती है, तो अकाल मृत्यु होने की संभावना बढ़ जाती है।

ये भी पढ़ें- कौन होगा Shefali Jarivala की संपत्ति का दावेदार? जानें क्या कहता है नियम?

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola