19 वर्ष बाद बना सावन में पद्मिनी एकादशी का अद्भुत दुर्लभ संयोग, जानिए इसका महत्व एवं व्रत पूजा विधि
Edited By Sunil Sharma

Edited By Sunil Sharma

Padmini Ekadashi Vrat: श्रावण मास में आने वाली शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मिनी एकादशी कहा जाता है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु की प्रिय तिथि मानी गई है। इस बार श्रावण अधिकमास होने के कारण पद्मिनी एकादशी भी अत्यधिक पुण्यदायी बन गई है। ज्योतिषियों के अनुसार 19 वर्ष बाद ऐसा हो रहा है कि श्रावण माह में अधिक माह आने के कारण इस बार सावन माह 59 दिनों का हो गया है। जानिए कब है पद्मिनी एकादशी तिथि और कैसे करें एकादशी व्रत
पंचांग के अनुसार सावन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी 28 जुलाई को दोपहर 2.51 बजे आरंभ होगी। इसका समापन अगले दिन 29 जुलाई को दोपहर 1.05 बजे होगा। हिंदू धर्म में उगते सूर्य की मान्यता के कारण एकादशी 29 जुलाई को ही मनाई जाएगी। व्रत का पारण 30 जुलाई को सुबह 5.41 बजे से 8.24 बजे तक किया जा सकेगा।
एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठ कर स्नान आदि कर ईश्वर पूजा करनी चाहिए। अपने घर के मंदिर अथवा किसी विष्णु मंदिर में जाकर भगवान श्रीहरि और मां कमला की पूजा करें। उन्हें पुष्प, माला, चंदन तिलक, धूप, दीपक, अक्षत, फल, नैवेद्य आदि अर्पित करें। पूजा के बाद सभी को प्रसाद बांटें। पूरे दिन निराहार रहकर व्रत करें। एक समय फलाहार कर सकते हैं।
एकादशी व्रत करने वाले भक्तों को कुछ सावधानियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए अन्यथा इस व्रत का लाभ नहीं मिलता है। ये नियम इस प्रकार हैं-
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on: