---विज्ञापन---

ज्योतिष

Navgrah Shanti Yantra: नवग्रह शांति यंत्र क्या है, कैसे काम करता है; घर में स्थापित करने से पहले जान लें ये बातें

Navgrah Shanti Yantra: ज्योतिष शास्त्र में नवग्रह शांति यंत्र को बेहद शुभ और शक्तिशाली माना गया है. इसे एक आध्यात्मिक माध्यम बताया गया है, जो जीवन में संतुलन, शांति और सकारात्मकता लाने का प्रयास करता है. आइए जानते हैं, यह कैसे काम करता है और घर में स्थापित करने से पहले क्या बातें जानना जरूरी है?

Author Written By: Shyamnandan Updated: Dec 16, 2025 20:38
Navgrah-Shanti-Yantra

Navgrah Shanti Yantra: ज्योतिष में ग्रहों का जीवन पर गहरा प्रभाव माना जाता है. जब कुंडली में ग्रह अनुकूल न हों, तो व्यक्ति को मानसिक तनाव, रुकावट, स्वास्थ्य समस्या या आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है. ऐसे समय में नवग्रह शांति यंत्र एक प्रभावी आध्यात्मिक साधन के रूप में उपयोग किया जाता है. आइए जानते हैं, नवग्रह शांति यंत्र क्या है, यह कैसे काम करता है और घर में स्थापित करने से पहले क्या बातें जानना जरूरी है?

नवग्रह शांति यंत्र क्या है?

नवग्रह शांति यंत्र एक पवित्र ज्यामितीय आकृति वाला यंत्र है, जो सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु इन नौ ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित करने के लिए बनाया गया है. इसमें विशेष रेखाएं, आकार और ग्रहों के बीज मंत्र अंकित होते हैं. माना जाता है कि यह यंत्र ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करता है और घर और जीवन में शुभ परिणाम को बढाता है.

---विज्ञापन---

कैसे काम करता है यह यंत्र?

यह यंत्र ब्रह्मांडीय ऊर्जा को आकर्षित कर उसे सकारात्मक दिशा में प्रवाहित करता है. इसकी ज्यामितीय रचना ग्रहों की तरंगों के साथ सामंजस्य बनाती है. जब इसे सही विधि से स्थापित कर नियमित पूजा की जाती है, तो यह नकारात्मक ऊर्जा को शांत करता है. साथ ही मन, वातावरण और कर्म क्षेत्र में संतुलन लाने में सहायक होता है. मंत्र जाप के साथ इसका प्रभाव और अधिक माना जाता है.

ये भी पढ़ें: Vehicle Purchase Date 2026: नया साल, नई शुरुआत; जानिए जनवरी में नई कार खरीदने का शुभ मुहूर्त और दिन

---विज्ञापन---

नवग्रह शांति यंत्र के लाभ

इस यंत्र का उपयोग करने से कुंडली में मौजूद ग्रह दोष शांत होने लगते हैं. मानसिक अशांति, भय और भ्रम में कमी आती है. व्यापार और नौकरी में रुकावट दूर होने की मान्यता है. स्वास्थ्य में सुधार, पारिवारिक रिश्तों में मधुरता और आत्मविश्वास में वृद्धि भी इसके प्रमुख लाभ बताए जाते हैं. आध्यात्मिक साधना करने वालों के लिए यह एक सहायक साधन है.

स्थापित करने से पहले जान लें ये बातें

सही स्थान का चयन करें: नवग्रह शांति यंत्र को घर के पूजा स्थान में या उत्तर पूर्व दिशा में स्थापित करना शुभ माना जाता है. यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह से जुडी मानी जाती है.
स्थापना से पहले शुद्धिकरण: यंत्र को स्थापित करने से पहले गंगाजल या स्वच्छ जल से अच्छी तरह शुद्ध करें. इससे यंत्र पवित्र होता है और पूजा के योग्य बनता है.
जमीन पर सीधे न रखें: नवग्रह शांति यंत्र को कभी भी जमीन पर सीधे न रखें. इसे साफ कपडे, लाल या पीले वस्त्र, या लकडी के पटरे पर स्थापित करना उचित माना जाता है.
मंत्र जाप के साथ स्थापना: स्थापना के समय नवग्रह मंत्रों का जाप करना लाभकारी होता है. इससे यंत्र को सक्रिय करने में सहायता मिलती है और इसका प्रभाव बढता है.
श्रद्धा और विश्वास जरूरी: यंत्र की प्रभावशीलता मन की भावना से जुडी होती है. स्थापना और पूजा के समय श्रद्धा, विश्वास और सकारात्मक सोच सबसे आवश्यक मानी जाती है.
नियमित पूजा का ध्यान रखें: यंत्र को स्थापित करने के बाद नियमित रूप से दीपक, धूप या मंत्र जाप करना चाहिए, जिससे इसकी सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.

ध्यान रखने योग्य बातें

घर में उपयोग के दौरान ग्रह शांति यंत्र को नियमित रूप से साफ रखें. प्रतिदिन दीपक या धूप दिखाना अच्छा माना जाता है. बिना श्रद्धा या केवल दिखावे के लिए इसका उपयोग न करें. यदि संभव हो, तो किसी योग्य विद्वान से स्थापना विधि समझ लें.

ये भी पढ़ें: Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा के ये 4 विचार हैं जीवन की हर परेशानी का समाधान

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Dec 16, 2025 08:37 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.