Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

ज्योतिष

Mokshada Ekadashi: दिसंबर में कब है मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती, जानें शुभ मुहूर्त और खास उपाय

Mokshada Ekadashi 2023: दिसंबर 2023 में मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती का खास संयोग बन रहा है। आइए जानते हैं मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती के लिए शुभ मुहूर्त और उपाय।

Author
Edited By : Dipesh Thakur Updated: Dec 22, 2023 12:38
Mokshada Ekadashi

Mokshada Ekadashi Ke Upay: सनातन धर्म में एकादशी तिथि को सर्वाधिक पवित्र माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी व्रत सभी पापों को नष्ट कर व्यक्ति को मोक्ष प्रदान करता है। कहते हैं कि इस दिन भगवान की सच्चे मन से आराधना कर जो भी मांगा जाए, वह जरूर मिलता है। दिसंबर माह में मोक्षदा एकादशी 22 तारीख को है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को महाभारत के युद्ध से पहले श्रीमद्भागवत गीता का उपदेश भी दिया था। इसलिए इसे गीता जयन्ती के रूप में भी मनाया जाता है। मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही मोक्षदा एकादशी कहा जाता है। आइए जानते हैं कि मोक्षदा एकादशी के लिए शुभ मुहूर्त और खास उपाय।

मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती शुभ मुहूर्त

मोक्षदा एकादशी की शुरुआत – 22 दिसंबर 2023 (शुक्रावार) को सुबह 8.16 बजे
मोक्षदा एकादशी का समापन – 22 दिसंबर 2023 (शनिवार) को सुबह 7.11 बजे
मोक्षदा एकादशी का पारण-समय – 23 दिसंबर 2023 (शनिवार) को दोपहर 1.43 बजे से 3.55 बजे तक

---विज्ञापन---

मोक्षदा एकादशी उपाय

आजकल बहुत से घरों में पितृदोष होता है। कई लोगों की जन्मकुंडली में भी पितृदोष की शिकायत होती हैं। ऐसे लोगों को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पितरों की शांति के लिए काले तिल से विधिपूर्वक तर्पण करना चाहिए। इस एकादशी के इस उपाय से पितरों को मोक्ष प्राप्त होता है, साथ ही पितृदोष भी दूर होता है। एकादशी के इस उपाय से व्यक्ति को समस्त प्रकार के सुख के साधन प्राप्त हो सकते हैं।

बता दें कि मोक्षदा एकादशी के दिन गीता जयंती का शुभ संयोग बनने की वजह से यह एकादशी अत्यन्त पवित्र मानी गई है। इस दिन यदि घर में श्रीमद्भागवत गीता का पाठ किया जाए समस्त कष्ट दूर हो सकते हैं।

---विज्ञापन---

शास्त्रों में एकादशी की तिथि भगवान विष्णु को समर्पित की गई है। इस दिन भगवान विष्णु अथवा श्रीकृष्ण की पूजा कर उन्हें तुलसी समर्पित करने से भी व्यक्ति के समस्त पापों का नाश होता है। इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा की जाए तो मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और समस्त प्रकार के सुखों को प्रदान करती हैं।

यह भी पढ़ें: उत्पन्ना एकादशी पर कर लें ये 5 टोटके, मां लक्ष्मी भर देंगी भंडार

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

First published on: Dec 04, 2023 01:10 PM

संबंधित खबरें