Ganesh Chaturthi 2023: आज पूरे देश में गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जा रहा है। गणपति बप्पा को आज प्रसन्न करने के लिए कई तरह के भोग और पकवान लगाए जाते हैं। लेकिन आपको बता दें कि गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को तुलसी अर्पित करना मना होता है। ऐसा क्यों आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

गणेश चतुर्थी भाद्र पद माह के शुक्ल पक्ष के चतुर्थी से शुरू होता है और अनंत चतुर्दशी के दिन समाप्त होता है। इन 10 दिनों में बप्पा को घर में विधि-विधान से पूजन किया जाता है। इसके साथ ही उनको कई तरह के भोग लगाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के आधार पर तुलसी पत्ता भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को बहुत ही अधिक प्रिय हैं। लेकिन, क्या आपको पता है गणेश भगवान को कभी भी तुलसी का पत्ता नहीं चढ़ाया जाता है। ऐसा क्यों! अगर आप नहीं जानते हैं तो आज इस खबर में आपको बताएंगे कि आखिर क्यों गणपति को तुलसी दल अर्पित नहीं किया जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं।

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क्यों नहीं चढ़ाते हैं भगवान गणेश को तुलसी दल

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कहा जाता है कि माता तुलसी भगवान गणेश से विवाह करना चाहती थी। मन में विवाह की इच्छा लेकर वह भगवान गणेश के सामने प्रस्ताव रखा। लेकिन, मान्यता है कि भगवान गणेश इस विवाह प्रस्ताव को ठुकरा दिए थे। गणपति बप्पा द्वारा विवाह का प्रस्ताव ठुकराने के बाद माता तुलसी नाराज हो गई और गणेश भगवान को दो-दो शादियां होने का शाप दे दी। तुलसी के शाप से भगवान गणेश भी क्रोधित हो गए और उन्होंने भी तुलसी को किसी राक्षस से विवाह होने का शाप दे दिया।

बाद में तुलसी को शाप देकर गणेश भगवान को आभास हुआ। भगवान गणेश ने तुलसी से कहा कि विष्णु भगवान के प्रिय होने के कारण आप कलयुग में पूरे सृष्टि के लिए मोक्ष प्रदायिनी मानी जाओगी। उन्होंने तुलसी से कहा कि आप मेरी पूजा में शामिल नहीं हो सकती हैं। इसलिए गणेश भगवान पर तुलसी दल नहीं अर्पित किया जाता है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

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