Who is Sane Takaichi: जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री साने ताकाइची पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे जैसी नीतियां को अपनाने का संकेत दे रही हैं, क्योंकि उन्होंने पद ग्रहण करने के बाद पहले भाषण में जापान को ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए हर पीढ़ी से सहयोग की उम्मीद की. उन्होंने कहा कि मैं किया हुआ हर वादा निभाऊंगी. देश की हर पीढ़ी एकजुट होकर जापान का पुनर्निर्माण कर सकते हैं. इसके लिए में आग्रह करती हूं कि देश हर पीढ़ घोड़े की तरह काम करे. मैं खुद काम करूँगी,और काम करूंगी, और काम करूंगी. प्रत्येक जापानी नागरिक को अपनी सेक्टर में अथक परिश्रम करना चाहिए.
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कौन हैं जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची?
साने ताकाइची जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) की नेता हैं, जिन्होंने संसदीय चुनाव जीतकर जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रच दिया है. ताकाइची ने 465 सीटों वाले निचले सदन में 237 वोट हासिल किए, वहीं ताकाइची का चुनाव सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और जापान इनोवेशन पार्टी के बीच गठबंधन सरकार बनाने के लिए हुए समझौते के बाद हुआ. साने ताकाइची ने प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा का स्थान लिया है. इशिबा ने राजनीतिक गतिरोध के चलते अपने मंत्रिमंडल के साथ इस्तीफा दे दिया था. ताकाइची LDP के किंगमेकर तारो आसो, उनके सहयोगियों, पार्टी नेतृत्व और अन्य समर्थकों को शामिल करते हुए एक मंत्रिमंडल का गठन करेंगी.
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आयरन लेडी और बाइक रेसिंग की शौकीन
बता दें कि 1964 में जापान के नारा प्रांत में साने ताकाइची 64 साल की हैं, जो कॉलेज में हेवी मेटल बैंड में बतौर ड्रमर अपने हुनर का प्रदर्शन कर चुकी हैं. साने ताकाइची मोटरसाइकिल रेसिंग की शौकीन हैं और उन्हें जापान की आयरन लेडी 2.0 कहते हैं. साने ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर आदर्श मानती हैं. उन्होंने लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) जॉइन करके अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. वे वर्ष 1993 में अपने गृहनगर नारा से पहली बार चुनाव जीतकर सांसद बनी थीं. वे अब तक 10 से ज्यादा चुनाव जीते हैं. वे देश की आर्थिक सुरक्षा मंत्री, आंतरिक मामलों की मंत्री, लैंगिक समानता मंत्री, व्यापार एवं उद्योग राज्य मंत्री, संचार मंत्री रह चुकी हैं.
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कैसे हैं भारत और जापान के संबंध?
भारत और जापान के रिश्ते ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, रणनीतिक, आर्थिक रूप से मजबूत हैं. रक्षा और सुरक्षा सहयोग, साइंस और टेक्नोलॉजी सेक्टर में व्यापार संबंध काफी अच्छे हैं. हर साल हजारों भारतीय छात्र जापान में स्टडी वीजा पर जाते हैं. जापान का टूरिस्ट वीजा नियम भी काफी आसान हैं और जापान के नागरिक बोधगया और सारनाथ बौद्ध स्थलों पर घूमने आते हैं. भारत और जापान के रिश्ते आपसी विश्वास, सम्मान और मूल्यों पर आधारित हैं, जिनके जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री साने ताकाइची के नेतृत्व में और मजबूत होने की उम्मीद है.
Who is Sane Takaichi: जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री साने ताकाइची पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे जैसी नीतियां को अपनाने का संकेत दे रही हैं, क्योंकि उन्होंने पद ग्रहण करने के बाद पहले भाषण में जापान को ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए हर पीढ़ी से सहयोग की उम्मीद की. उन्होंने कहा कि मैं किया हुआ हर वादा निभाऊंगी. देश की हर पीढ़ी एकजुट होकर जापान का पुनर्निर्माण कर सकते हैं. इसके लिए में आग्रह करती हूं कि देश हर पीढ़ घोड़े की तरह काम करे. मैं खुद काम करूँगी,और काम करूंगी, और काम करूंगी. प्रत्येक जापानी नागरिक को अपनी सेक्टर में अथक परिश्रम करना चाहिए.
पेरिस के लूवर म्यूजियम में चोरी, 4 मिनट में 9 बेशकीमती ज्वेलरी उड़ा ले गए चोर; दिनदहाड़े कैसे हुई घटना?
कौन हैं जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची?
साने ताकाइची जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) की नेता हैं, जिन्होंने संसदीय चुनाव जीतकर जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रच दिया है. ताकाइची ने 465 सीटों वाले निचले सदन में 237 वोट हासिल किए, वहीं ताकाइची का चुनाव सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और जापान इनोवेशन पार्टी के बीच गठबंधन सरकार बनाने के लिए हुए समझौते के बाद हुआ. साने ताकाइची ने प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा का स्थान लिया है. इशिबा ने राजनीतिक गतिरोध के चलते अपने मंत्रिमंडल के साथ इस्तीफा दे दिया था. ताकाइची LDP के किंगमेकर तारो आसो, उनके सहयोगियों, पार्टी नेतृत्व और अन्य समर्थकों को शामिल करते हुए एक मंत्रिमंडल का गठन करेंगी.
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आयरन लेडी और बाइक रेसिंग की शौकीन
बता दें कि 1964 में जापान के नारा प्रांत में साने ताकाइची 64 साल की हैं, जो कॉलेज में हेवी मेटल बैंड में बतौर ड्रमर अपने हुनर का प्रदर्शन कर चुकी हैं. साने ताकाइची मोटरसाइकिल रेसिंग की शौकीन हैं और उन्हें जापान की आयरन लेडी 2.0 कहते हैं. साने ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर आदर्श मानती हैं. उन्होंने लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) जॉइन करके अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. वे वर्ष 1993 में अपने गृहनगर नारा से पहली बार चुनाव जीतकर सांसद बनी थीं. वे अब तक 10 से ज्यादा चुनाव जीते हैं. वे देश की आर्थिक सुरक्षा मंत्री, आंतरिक मामलों की मंत्री, लैंगिक समानता मंत्री, व्यापार एवं उद्योग राज्य मंत्री, संचार मंत्री रह चुकी हैं.
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कैसे हैं भारत और जापान के संबंध?
भारत और जापान के रिश्ते ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, रणनीतिक, आर्थिक रूप से मजबूत हैं. रक्षा और सुरक्षा सहयोग, साइंस और टेक्नोलॉजी सेक्टर में व्यापार संबंध काफी अच्छे हैं. हर साल हजारों भारतीय छात्र जापान में स्टडी वीजा पर जाते हैं. जापान का टूरिस्ट वीजा नियम भी काफी आसान हैं और जापान के नागरिक बोधगया और सारनाथ बौद्ध स्थलों पर घूमने आते हैं. भारत और जापान के रिश्ते आपसी विश्वास, सम्मान और मूल्यों पर आधारित हैं, जिनके जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री साने ताकाइची के नेतृत्व में और मजबूत होने की उम्मीद है.