अमेरिका में रहने वाली भारतीय मूल की प्रसूति रोग विशेषज्ञ और स्त्री रोग विशेषज्ञ निशा वर्मा का नाम इन दिनों सुर्खियों में हैं. ये चर्चा अमेरिकी सीनेट में गर्भपात की गोलियों की सुरक्षा पर HELP (हेल्थ, एजुकेशन, लेबर, पेंशन) समिति की सुनवाई के दौरान हुई तीखी बहस के बाद शुरू हुई. डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से गवाह के तौर पर पेश हुईं निशा वर्मा से रिपब्लिकन सीनेटर जोश हॉली ने पूछा था कि क्या पुरुष भी प्रेगनेंट हो सकते हैं.
क्यों छिड़ी थी बहस?
सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय, निशा वर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि प्रश्न को घुमाया गया है और उन्हें ये साफ नहीं है कि चर्चा किस दिशा में जा रही है. डॉक्टर निशा को ये समझ नहीं आया कि उनसे ये सवाल किस मकसद से पूछा गया है. उनकी इस तीखी प्रतिक्रिया के बाद हॉली ओर निशा में बहस छिड़ गई. हॉली ने दावा किया कि इसका एकमात्र उद्देश्य जैविक वास्तविकता को साबित करना था.
कौन हैं निशा वर्मा?
डॉ. निशा वर्मा भारतीय मूल की जानी मानी डॉक्टर हैं. वो फिजिशियन फॉर रिप्रोडक्टिव हेल्थ से जुड़ी सीनियर सलाहकार हैं. डॉ निशा वर्मा का जन्म उत्तरी कैरोलिना में एक भारतीय अप्रवासी परिवार में हुआ था. नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी से मेडिकल की डिग्री लेने के बाद आज वो एक सर्टिफाइड प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं और साथ ही कॉम्प्लेक्स फैमिली प्लानिंग की एक्सपर्ट भी हैं. उनके पास बायोलॉजी, एंथ्रोपॉलोजी और पब्लिक हेल्थ में कई डिग्रियां हैं. फिलहाल डॉ. निशा एमोरी यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं. वो लंबे वक्त से अबोर्शन पर लगे बैन के खिलाफ आवाज उठाती आईं हैं और प्रूफ बेस्ड हेल्थ केयर के हक में बोलती हैं. वो अमेरिका के डॉक्टर्स को भी इस बारे में जानकारी देती हैं
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