Visa on Arrival or Transit Visa: विदेश यात्रा के लिए व्यक्ति को पासपोर्ट और वीजा की जरूरत होती है. किसी देश में जाने के लिए ट्रांजिट वीजा और वीजा ऑन अराइवल दो प्रकार के वीजा होते हैं. इन दोनों में काफी अंतर होता है. अगर कोई किसी देश में घूमने या काम करने के उद्देश्य से जाता है तो उसके लिए अलग वीजा होता है. वहीं अगर किसी अन्य देश में जाने के लिए किसी देश के एयरपोर्ट पर रुकना हो तो इसके लिए अलग वीजा होता है. ट्रांजिट वीजा और वीजा ऑन अराइवल इन दोनों में क्या अंतर होता है चलिए जानते हैं.
क्या होता है ट्रांजिट वीजा?
ट्रांजिट वीजा एक अस्थायी वीजा होता है. अगर किसी यात्री को कहीं जाने के लिए अन्य देश से होकर गुजरना होता है तो इसके लिए उस देश का ट्रांजिट वीजा लेना होता है जिस देश में रुकना है. यह वीजा लंबे समय तक ठहरने के लिए नहीं होता है. यह वीजा आमतौर पर 24 घंटे से लेकर 72 घंटे के लिए होता है. यह वीजा छोटी अवधि के लिए होता है.
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ट्रांजिट वीजा के लिए जिस देश में जाना हो उस देश का वीजा और कन्फर्म टिकट होना बहुत ही जरूरी होता है. किसी देश में कनेक्टिंग फ्लाइट के लिए यह वीजा होता है. ट्रांजिट वीजा से उस देश में प्रवेश नहीं करते हैं सिर्फ आगे की फ्लाइट पकड़ते हैं. अगर किसी को भारत से दुबई होते हुए कनाडा जाना है तो उसे दुबई का ट्रांजिट वीजा लेना होगा.
क्या होता है वीजा ऑन अराइवल?
ऑन अराइवल वीजा के लिए यात्री को पहले को पहले से आवेदन नहीं करना पड़ता है. यह वीजा गंतव्य देश में पहुंचने पर मिलता है. इसके तहत यात्रियों को लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता है. हवाई अड्डे या उस देश की सीमा पर पहुंचने पर वीजा मिलता है. यह यात्रा को आसान और सुविधाजनक बनाता है. वीजा ऑन अराइवल के लिए जरूरी दस्तावेज जैसे पासपोर्ट, फोटो, वापसी टिकट, और होटल बुकिंग की डिटेल्स देनी होती हैं. इसके साथ ही आवश्यक शुल्क देना होता है. वीजा ऑन अराइवल 15 से 30 दिनों का होता है इसे बाद में आवश्यकता के अनुसार बढ़ा दिया जाता है.










