राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिकी सेना के हमले से पहले सिर झुकाया था. लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी एक बात भी नहीं मानी. पकड़े जाने से पहले अपने आखिरी टीवी इंटरव्यू में, निकोलस मादुरो ने कहा था कि वह ड्रग्स तस्करी से निपटने के लिए वाशिंगटन के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं.
इंटरव्यू टीवी पर आने के 48 घंटे से भी कम समय बाद, मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी सैनिकों ने हमला करके पकड़ लिया.
यह इंटरव्यू ‘teleSUR’ चैनल पर गुरुवार को प्रसारित हुआ था. इसमें मादुरो ने कहा कि वाशिंगटन उनकी बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की इच्छा से जानता था. उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी सरकार जानती है, क्योंकि हमने उनके कई प्रवक्ताओं को बताया है, कि यदि वे ड्रग्स तस्करी से निपटने के लिए गंभीरता से किसी समझौते पर चर्चा करना चाहते हैं, तो हम तैयार हैं.’
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यह इंटरव्यू स्पेनिश पत्रकार इग्नासियो रामोनेट ने लिया था.
मादुरो ने पिछले महीने वेनेजुएला की एक डॉकिंग फैसिलिटी पर हमले की रिपोर्टों पर टिप्पणी से इनकार कर दिया था. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने उसमें CIA का हाथ होने की बात कही थी. हालांकि, बाद में डोनाल्ड ट्रंप ने उस हमले की पुष्टि कर दी थी
वाशिंगटन पर ‘धमकी, डर और बल के जरिए’ खुद को थोपने की कोशिश का आरोप लगाने के बावजूद, मादुरो ने सुझाया था कि ड्रग्स प्रवर्तन और एनर्जी के एरिया में सहयोग की गुंजाइश थी.
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इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वेनेजुएला अपने तेल क्षेत्र में अमेरिकी निवेश के लिए खुला है. मादुरो ने कहा, ‘अगर उन्हें तेल चाहिए, तो वेनेजुएला अमेरिकी निवेश के लिए तैयार है, जैसे शेवरॉन के साथ, जब भी वे चाहें, जहां भी चाहें और जैसे भी चाहें.’
मादुरो लंबे समय से ड्रग ट्रेड में किसी भी तरह की संलिप्ता से इनकार करते आए हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने उनके खिलाफ एक अभियान ‘गढ़ा’ था.










