Arif Khan
आरिफ खान मंसूरी को डिजिटल मीडिया में करीब 15 वर्षों का अनुभव है . वर्तमान में न्यूज24 की डिजिटल विंग में कार्यरत हैं. इससे पहले देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं.
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ईरान में पिछले दो सप्ताह से सरकार के खिलाफ हिंसक विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. इस बीच अमेरिका बार-बार ईरान को हमले की धमकी दे रहा है. पूरी दुनिया की नजर अमेरिका के ईरान को लेकर उठाए जाने वाले अगले कदम की है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विरोध-प्रदर्शन का समर्थन देने का भी ऐलान किया है. साथ ही ईरान को चेताते हुए कहा था कि अगर प्रदर्शनकारियों का दमन किया जाता रहा तो अमेरिका को कोई बड़ा कदम उठाना पड़ेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर चर्चा कर रहा है.
सोमवार को इस बीच आई एक खबर के मुताबिक, वॉशिंगटन और तेहरान के बीच संभावित न्यूक्लियर डील की बातचीत शुरू हो चुकी है. रविवार को डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ बातचीत संभव है. वहीं, सोमवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने टीवी चैनल अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में इसकी पुष्टि की. अराघची ने बताया कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ ईरान संपर्क में है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन की ओर से भेजे गए प्रस्तावों का अध्ययन किया जा रहा है.
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हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर अमेरिका, ईरान की परीक्षा लेना चाहेगा, तो तेहरान युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार है.
वहीं, व्हाइट हाउस के प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट ने पुष्टि की है कि ईरान के साथ सैन्य कार्रवाई के अलावा किसी डील पर भी अमेरिका बातचीत कर रहा है. लीविट ने कहा, ईरान पर एयरस्ट्राइक राष्ट्रपति ट्रंप की टेबल पर मौजूद कई विकल्पों में से एक हैं. लेकिन कूटनीति हमेशा पहला विकल्प होती है. साथ ही उन्होंने बताया कि ईरान सार्वजनिक बयानबाजी से अलग ट्रंप प्रशासन को निजी तौर पर मैसेज भेज रहा है और राष्ट्रपति ट्रंप फिलहाल इन मैसेज की हकीकत को परख रहे हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने को कहा है. एडवाइजरी में कहा गया है कि इंटरनेट नहीं होने की स्थिति में वैकल्पिक संचार माध्यम अपनाने पर विचार करें. साथ ही कहा है कि यदि सुरक्षित हो तो उन्हें सड़क के रास्ते अर्मेनिया या तुर्किए की ओर रवाना होना चाहिए. अमेरिका ने यह भी कहा है कि वो मौजूदा हालातों में उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं ले पायेगा.
अमेरिका ने ईरान से व्यापार करने वालों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर लिखा है कि ‘तुरंत लागू, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ बिजनेस करने वाला कोई भी देश यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के साथ किए जाने वाले किसी भी और सभी बिजनेस पर 25% का टैरिफ देगा. यह ऑर्डर फाइनल है.’
"Effective immediately, any Country doing business with the Islamic Republic of Iran will pay a Tariff of 25% on any and all business being done with the United States of America. This Order is final and conclusive…." – PRESIDENT DONALD J. TRUMP pic.twitter.com/UQ1ylPezs9
— The White House (@WhiteHouse) January 12, 2026
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ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ पहले भी विरोध प्रदर्शन हुए हैं. लेकिन इस बारे के विरोध-प्रदर्शन पूरे देश में फैल गए हैं और हिंसक रूप धारण कर लिया. ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरानी सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को दबाने की भरपूर कोशिश कर रही है, लेकिन वह कामयाब होती नहीं दिख रही है. विदेश में रह रहे ईरानी लोग भी वहां प्रदर्शन कर रहे हैं. ईरान में हिंसक हुए प्रदर्शनों में अब तक करीब 600 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10,000 से ज्यादा गिरफ्तार हो चुके हैं.
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