'ताइवान विवाद में दखल महंगा पड़ेगा', ट्रंप को सामने बैठाकर जिनपिंग ने खूब सुनाया और धमकाया, जानें क्या है मामला?

Donald Trump China Visit: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के चीन दौरे का आज पहला दिन है और पहले ही दिन जिनपिंग ने ट्रंप को तेवर दिखा दिए। उन्होंने ताइवान को लेकर ट्रंप को चेतावनी दी है।

TRUMP CHINA VISIT

अमेरिकी राष्ट्रपति 11 साल बाद चीन के 3 दिन के दौरे पर गए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग ने सामने बिठाकर सुनाया और धमकाया है। मामला ताइवान का है, जिसे लेकर बीजिंग में हुई बातचीत के कारण जिनपिंग ने ट्रंप को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी। जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका और ट्रंप ताइवान से दूर रही रहेंगे तो बेहतर होगा। अमेरिका के लिए ताइवान को लेकर रेड लाइन खींच रहे हैं। अगर अमेरिका को चीन के साथ बेहतर संबंध बनाए रखने हैं तो वह ताइवान के मामले में दखल न ही दे तो दोनों के लिए सही रहेगा।

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रिश्तों पर भारी पड़ सकती है एक चूक

जिनपिंग ने साफ कहा कि ट्रंप की एक चूक अमेरिका और चीन के संबंधों पर भारी पड़ सकती है। ट्रंप ताइवान को रेड लाइन समझकर ही फैसला लें। ताइवान के आस-पास का माहौल अमेरिका खराब न करे तो सभी के लिए अच्छा होगा। इस तरह से जिनपिंग ने मुंह पर ही ट्रंप को स्पष्ट कर दिया कि अगर रिश्ते निभाते समय अमेरिका अपनी शर्तें मनवाना चाहता है तो चीन की शर्तें भी अमेरिका को माननी होंगी। गर्मजोशी दिखाई जाएगी तो चीन भी अपने इरादे स्पष्ट करने में देर नहीं लगाएगा।

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3 दिन के चीन दौरे पर हैं डोनाल्ड ट्रंप

बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप चीन के 3 दिवसीय दौरे पर हैं। पहले ही दिन उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग से हुई। करीब 2 घंटे चली बातचीत में दोनों के बीच ईरान, ताइवान को लेकर चर्चा हुई, जिसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने शी जिनपिंग को महान नेता और अच्छा दोस्त कहते हुए उनकी तारीफों के पुल बांधे। ट्रंप अपने साथ करीब 30 बिजनेस लीडर्स को लेकर गए हैं, जो कई व्यापार समझौते चीन के साथ करेंगे। चीन ने भी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का रेड कारपेट बिछाकर शानदार स्वागत किया।

प्रतिद्वंद्वी नहीं साझेदार बनने की सलाह

डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ सुनकर शी जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका और चीन को प्रतिद्वंद्वी नहीं साझेदार होना चाहिए। चीन और अमेरिका के रिश्तों में ताइवान का मुद्दा बड़ा है, लेकिन अगर अमेरिका इस मुद्दे पर सही तरीके से डील करेगा तो बेहतर रहेगा। नहीं तो संबंध खराब होंगे और तीसरे के कारण 2 में विवाद रहेगा। चीन और अमेरिका आमने-सामने तनाव की स्थिति में रहेंगे। इसलिए राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिका को ताइवान के मामले में चीन के साथ टांग न अड़ाने की सलाह दे रहा हूं।

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ताइवान पर सैन्य कब्जा चाहता है चीन

बता दें कि ताइवान को अमेरिका का समर्थन प्राप्त है और चीन को यह पसंद नहीं है। चीन अपनी वन चाइना पॉलिसी के तहत ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। वहीं ताइवान अपने आप को आजाद देश मानता है, जिसके अमेरिका के साथ अच्छे और मजबूत संबंध हैं। ताइवान को सैन्य बल पर हथियाने का कोशिश चीन करता रहा है और करता रहेगा। ताइवान से लगते समुद्र तट पर चीनी सेना मॉक ड्रिल कर चुकी है। एयरक्राफ्ट, टैंक और फाइटर जेट ताइवान के आस-पास तैनात हैं।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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