अमेरिका और इजरायल के संयुक्त अभियान में अब तक ईरान के 30 से अधिक जहाज पूरी तरह डुबो दिए गए हैं या नष्ट कर दिए गए हैं. इनमें ईरान का एक प्रमुख ड्रोन कैरियर भी शामिल है. यह बड़ा खुलासा अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने किया है. एडमिरल कूपर ने कहा कि "हम अब 30 से ज्यादा जहाज डुबो चुके हैं. पिछले कुछ घंटों में ही हमने एक ईरानी ड्रोन जहाज को निशाना बनाया है… और इस समय वह आग में जल रहा है." अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि वह "पूरी ईरानी नेवी को डुबोने" के मिशन पर पूरी ताकत से जुटी हुई है और कोई रोक-टोक नहीं बरती जा रही.
ईरान की समुद्री ताकत को भारी झटका
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद शुरू हुई यह जंग अब पूरे मिडिल ईस्ट में फैल चुकी है. पहले दिन से अब तक ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च में भारी गिरावट आई है. अमेरिकी B-2 बॉम्बर्स ने ईरान के छिपे लॉन्चरों और मिसाइल साइट्स पर हजारों पाउंड के बम गिराए, जिससे ईरान की हमलावर क्षमता कमजोर पड़ गई. अब ईरान के 30 से अधिक जहाजों को निशाना बनाया गया, उनमें बड़े युद्धपोत, छोटे जहाज और सपोर्ट वेसल शामिल हैं. अमेरिकी नौसेना ने टॉरपीडो, बमबारी और अन्य हथियारों से इन पर हमले किए.
क्यों भड़का अमेरिका?
पिछले कुछ हफ्तों से लाल सागर और ओमान की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों पर लगातार हमले हो रहे थे। अमेरिका का आरोप है कि ईरान समर्थित ताकतें अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में बाधा डाल रही हैं। जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी रक्षा विभाग ने 'सर्च ऑपरेशन' शुरू किया, जिसके तहत ये हमले किए गए। ईरान ने अभी तक इस भारी नुकसान पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन तेहरान से कड़े जवाबी हमले की धमकियां मिल रही हैं।
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त अभियान में अब तक ईरान के 30 से अधिक जहाज पूरी तरह डुबो दिए गए हैं या नष्ट कर दिए गए हैं. इनमें ईरान का एक प्रमुख ड्रोन कैरियर भी शामिल है. यह बड़ा खुलासा अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने किया है. एडमिरल कूपर ने कहा कि “हम अब 30 से ज्यादा जहाज डुबो चुके हैं. पिछले कुछ घंटों में ही हमने एक ईरानी ड्रोन जहाज को निशाना बनाया है… और इस समय वह आग में जल रहा है.” अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि वह “पूरी ईरानी नेवी को डुबोने” के मिशन पर पूरी ताकत से जुटी हुई है और कोई रोक-टोक नहीं बरती जा रही.
ईरान की समुद्री ताकत को भारी झटका
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद शुरू हुई यह जंग अब पूरे मिडिल ईस्ट में फैल चुकी है. पहले दिन से अब तक ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च में भारी गिरावट आई है. अमेरिकी B-2 बॉम्बर्स ने ईरान के छिपे लॉन्चरों और मिसाइल साइट्स पर हजारों पाउंड के बम गिराए, जिससे ईरान की हमलावर क्षमता कमजोर पड़ गई. अब ईरान के 30 से अधिक जहाजों को निशाना बनाया गया, उनमें बड़े युद्धपोत, छोटे जहाज और सपोर्ट वेसल शामिल हैं. अमेरिकी नौसेना ने टॉरपीडो, बमबारी और अन्य हथियारों से इन पर हमले किए.
क्यों भड़का अमेरिका?
पिछले कुछ हफ्तों से लाल सागर और ओमान की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों पर लगातार हमले हो रहे थे। अमेरिका का आरोप है कि ईरान समर्थित ताकतें अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में बाधा डाल रही हैं। जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी रक्षा विभाग ने ‘सर्च ऑपरेशन’ शुरू किया, जिसके तहत ये हमले किए गए। ईरान ने अभी तक इस भारी नुकसान पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन तेहरान से कड़े जवाबी हमले की धमकियां मिल रही हैं।