अमेरिका का 24 घंटे में दूसरी बार ईरान पर बड़ा हमला, होर्मुज स्ट्रेट के पास सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर से जंग शुरू हो गई है. अमेरिका ने एक बार फिर से ईरान में एक बड़ा हमला किया है. 24 घंटे के अंदर अमेरिका ने ईरान पर शनिवार को दूसरा बड़ा हमला किया. बता दें कि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरानी ठिकानों को अपना निशाना बनाया और एयर स्ट्राइक की है.
Edited By : Versha Singh|Updated: Jun 28, 2026 07:28
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ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर से जंग शुरू हो गई है. अमेरिका ने एक बार फिर से ईरान में एक बड़ा हमला किया है. 24 घंटे के अंदर अमेरिका ने ईरान पर शनिवार को दूसरा बड़ा हमला किया. बता दें कि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरानी ठिकानों को अपना निशाना बनाया और एयर स्ट्राइक की है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के मिलिट्री सर्विलांस इंफ्रस्ट्रक्टर, कम्युनिकेशन सिस्टम्स, एयर डिफेंस साइट्स, ड्रोन भंडारण केंद्र और समुद्री बारूदी सुरंग (माइन) बिछाने की क्षमताओं को निशाना बनाया.
ईरान के सिरिक शहर में सुनाई दी धमाकों की आवाज
ईरान के सरकारी मीडिया IRIB ने सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया कि दक्षिणी शहर सिरिक के पास विस्फोटों की आवाज सुनी गई. इस दौरान कई प्रोजेक्टाइल एक दूरसंचार टावर से टकराए, हालांकि घटना के बारे में तत्काल अधिक जानकारी नहीं दी गई.
जेडी वेंस ने ईरान को दी थी चेतावनी
CENTOM ने अपने बयान में कहा, होर्मुज से कमर्शियल शिप्स की आवाजाही हो रही है. अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क, सक्षम और किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार खड़ी है.
अमेरिका सेना ने शुक्रवार को भी ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों के साथ रडार ठिकानों पर हमले किए थे. वॉशिंगटन का कहना था कि यह कार्रवाई 25 जून को सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज M/V Ever Lovely पर ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई थी. तनाव बढ़ने के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को आगे किसी भी सैन्य कार्रवाई से बचने की चेतावनी दी थी.
उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा, 'ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और हमने उसका पालन किया. यदि समझौते को पालन करने में कोई मतभेद है, तो बातचीत से सुलझाया जा सकता है. लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा.'
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, 25 जून को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के कार्गो शिप ‘एमवी एवर लवली’ पर ड्रोन हमला किया था. वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने सीजफायर तोड़ा, इसलिए जवाबी कार्रवाई की गई.
दूसरी ओर, ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की नौसेना ने दावा किया है कि उसने जवाब में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है.
ईरान की संसद के सदस्य इब्राहिम अजीजी ने एक्स पर लिखा कि अमेरिका ने एक बार फिर बातचीत के बीच ईरान पर हमला किया है. युद्धविराम का यह उल्लंघन अमेरिका के लिए पीछे हटने और पछतावे की वजह बनेगा.
शिप पर हमले का अमेरिका ने लिया बदला
अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने शनिवार तड़के वन-वे अटैक ड्रोन के जरिए पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर M/T Kiku पर हमला कर युद्धविराम का उल्लंघन किया. CENTCOM के अनुसार, यह टैंकर दो मिलियन (20 लाख) से अधिक बैरल कच्चा तेल लेकर होर्मुज के पास से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ. अमेरिकी सेना का कहना है कि शुक्रवार की कार्रवाई के बाद ईरान को युद्धविराम पालन करने का मौका दिया गया था, लेकिन उसने तनाव कम करने के बजाय ताजा हमला कर हालात को और गंभीर बना दिया.
ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर से जंग शुरू हो गई है. अमेरिका ने एक बार फिर से ईरान में एक बड़ा हमला किया है. 24 घंटे के अंदर अमेरिका ने ईरान पर शनिवार को दूसरा बड़ा हमला किया. बता दें कि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरानी ठिकानों को अपना निशाना बनाया और एयर स्ट्राइक की है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के मिलिट्री सर्विलांस इंफ्रस्ट्रक्टर, कम्युनिकेशन सिस्टम्स, एयर डिफेंस साइट्स, ड्रोन भंडारण केंद्र और समुद्री बारूदी सुरंग (माइन) बिछाने की क्षमताओं को निशाना बनाया.
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ईरान के सिरिक शहर में सुनाई दी धमाकों की आवाज
ईरान के सरकारी मीडिया IRIB ने सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया कि दक्षिणी शहर सिरिक के पास विस्फोटों की आवाज सुनी गई. इस दौरान कई प्रोजेक्टाइल एक दूरसंचार टावर से टकराए, हालांकि घटना के बारे में तत्काल अधिक जानकारी नहीं दी गई.
जेडी वेंस ने ईरान को दी थी चेतावनी
CENTOM ने अपने बयान में कहा, होर्मुज से कमर्शियल शिप्स की आवाजाही हो रही है. अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क, सक्षम और किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार खड़ी है.
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अमेरिका सेना ने शुक्रवार को भी ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों के साथ रडार ठिकानों पर हमले किए थे. वॉशिंगटन का कहना था कि यह कार्रवाई 25 जून को सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज M/V Ever Lovely पर ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई थी. तनाव बढ़ने के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को आगे किसी भी सैन्य कार्रवाई से बचने की चेतावनी दी थी.
उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा, ‘ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और हमने उसका पालन किया. यदि समझौते को पालन करने में कोई मतभेद है, तो बातचीत से सुलझाया जा सकता है. लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा.’
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, 25 जून को ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के कार्गो शिप ‘एमवी एवर लवली’ पर ड्रोन हमला किया था. वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने सीजफायर तोड़ा, इसलिए जवाबी कार्रवाई की गई.
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दूसरी ओर, ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की नौसेना ने दावा किया है कि उसने जवाब में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है.
ईरान की संसद के सदस्य इब्राहिम अजीजी ने एक्स पर लिखा कि अमेरिका ने एक बार फिर बातचीत के बीच ईरान पर हमला किया है. युद्धविराम का यह उल्लंघन अमेरिका के लिए पीछे हटने और पछतावे की वजह बनेगा.
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शिप पर हमले का अमेरिका ने लिया बदला
अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने शनिवार तड़के वन-वे अटैक ड्रोन के जरिए पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर M/T Kiku पर हमला कर युद्धविराम का उल्लंघन किया. CENTCOM के अनुसार, यह टैंकर दो मिलियन (20 लाख) से अधिक बैरल कच्चा तेल लेकर होर्मुज के पास से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ. अमेरिकी सेना का कहना है कि शुक्रवार की कार्रवाई के बाद ईरान को युद्धविराम पालन करने का मौका दिया गया था, लेकिन उसने तनाव कम करने के बजाय ताजा हमला कर हालात को और गंभीर बना दिया.