German Galushchenko Arrested: यूक्रेन के पूर्व ऊर्जा मंत्री जर्मन गालुशचेंको को हिरासत में लिया गया है. मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें उस समय पकड़ा गया जब वे देश छोड़ कर भागने की कोशिश कर रहे थे. नेशनल एंटी करप्शन ब्यूरो ऑफ यूक्रेन यानी NABU ने कहा कि उसके जासूसों ने रविवार को उन्हें स्टेट बॉर्डर पार करते समय रोका.
वहीं, मामले में फिलहाल, अधिकारियों ने अभी तक नाम का खुलासा नहीं किया है लेकिन यूक्रेनी मीडिया ने पकड़े गए व्यक्ति की पहचान यूक्रेन के पूर्व मंत्री के रूप में की है.
गालुशचेंको पर कौन से लगे हैं आरोप?
जांच एजेंसियों के अनुसार, गालुशचेंको ने तैमूल मिंडिच को ऊर्जा सेक्टर में गैर कानूनी पैसों के लेनदेन को संभालने में मदद की. इसके अलावा कॉन्ट्रैक्टर को 10 से 15 प्रतिशत तक रिश्वत देने के लिए मजबूर करने के भी आरोप है. अधिकारियों ने बताया है कमाई को लॉन्ड्रिंग कर विदेश भेजा गया था.
भ्रष्टाचार मामले में पहले ही दे चुके हैं इस्तीफा
गालुशचेंको कई साल तक देश के ऊर्जा मंत्री रहे थे. लेकिन फिर उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे और उन्होंने पिछले साल नवंबर में पद छोड़ दिया था. वह उन मंत्रियों में शामिल थे जिन्होंने 2025 में एक साथ इस्तीफा दिया था. NABU ने देश के ऊर्जा क्षेत्र में कथित मनी लॉन्ड्रिंग साजिश का खुलासा किया था. जांच एजेंसियों का मानना है कि इस साजिश को राष्ट्रपति वोलोदिमिर के एक करीबी सहयोगी ने अंजाम दिया था.
इस डील पर हो रही जांच
मामले की जांच कर रहे लोगों ने बताया कि सीनियर अधिकारियों और बिचौलियों ने ऊर्जा सेक्टर की डील से निजी फायदा उठाया है. इसमें सरकारी न्यूक्लियर ऑपरेटर से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल हैं. स्पेशलाइज्ड एंटी करप्शन प्रॉसीक्यूटर ऑफिस यानी SAPO के मुताबिक यह जांच 100 मिलियन डॉलर की एक स्कीम से जुड़ी है. आरोप है कि इसमें बढ़ा चढ़ाकर कॉन्ट्रैक्ट दिए गए और गैर कानूनी पेमेंट किए गए. यह स्कीम बिजनेसमैन तैमूर मिंडिच ने तैयार की थी.
German Galushchenko Arrested: यूक्रेन के पूर्व ऊर्जा मंत्री जर्मन गालुशचेंको को हिरासत में लिया गया है. मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें उस समय पकड़ा गया जब वे देश छोड़ कर भागने की कोशिश कर रहे थे. नेशनल एंटी करप्शन ब्यूरो ऑफ यूक्रेन यानी NABU ने कहा कि उसके जासूसों ने रविवार को उन्हें स्टेट बॉर्डर पार करते समय रोका.
वहीं, मामले में फिलहाल, अधिकारियों ने अभी तक नाम का खुलासा नहीं किया है लेकिन यूक्रेनी मीडिया ने पकड़े गए व्यक्ति की पहचान यूक्रेन के पूर्व मंत्री के रूप में की है.
गालुशचेंको पर कौन से लगे हैं आरोप?
जांच एजेंसियों के अनुसार, गालुशचेंको ने तैमूल मिंडिच को ऊर्जा सेक्टर में गैर कानूनी पैसों के लेनदेन को संभालने में मदद की. इसके अलावा कॉन्ट्रैक्टर को 10 से 15 प्रतिशत तक रिश्वत देने के लिए मजबूर करने के भी आरोप है. अधिकारियों ने बताया है कमाई को लॉन्ड्रिंग कर विदेश भेजा गया था.
भ्रष्टाचार मामले में पहले ही दे चुके हैं इस्तीफा
गालुशचेंको कई साल तक देश के ऊर्जा मंत्री रहे थे. लेकिन फिर उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे और उन्होंने पिछले साल नवंबर में पद छोड़ दिया था. वह उन मंत्रियों में शामिल थे जिन्होंने 2025 में एक साथ इस्तीफा दिया था. NABU ने देश के ऊर्जा क्षेत्र में कथित मनी लॉन्ड्रिंग साजिश का खुलासा किया था. जांच एजेंसियों का मानना है कि इस साजिश को राष्ट्रपति वोलोदिमिर के एक करीबी सहयोगी ने अंजाम दिया था.
इस डील पर हो रही जांच
मामले की जांच कर रहे लोगों ने बताया कि सीनियर अधिकारियों और बिचौलियों ने ऊर्जा सेक्टर की डील से निजी फायदा उठाया है. इसमें सरकारी न्यूक्लियर ऑपरेटर से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल हैं. स्पेशलाइज्ड एंटी करप्शन प्रॉसीक्यूटर ऑफिस यानी SAPO के मुताबिक यह जांच 100 मिलियन डॉलर की एक स्कीम से जुड़ी है. आरोप है कि इसमें बढ़ा चढ़ाकर कॉन्ट्रैक्ट दिए गए और गैर कानूनी पेमेंट किए गए. यह स्कीम बिजनेसमैन तैमूर मिंडिच ने तैयार की थी.