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ईरान पर अमेरिकी हमले का ब्लूप्रिंट तैयार! ट्रंप के निशाने पर हैं कई बड़े नेता?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की सुगबुगाहट तेज हो गई है. कूटनीतिक कोशिशों के बीच क्या अमेरिकी प्रशासन अब बड़ी सैन्य कार्रवाई की तैयारी में है?

Author Written By: Raja Alam Updated: Feb 21, 2026 07:28

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल एक बार फिर मंडराने लगे हैं और इस बार अमेरिका सीधे तौर पर ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में है. दो अमेरिकी अधिकारियों ने खुलासा किया है कि ईरान के खिलाफ मिलिट्री प्लानिंग अब एडवांस स्टेज पर पहुंच गई है. इस ब्लूप्रिंट में न केवल ईरान के सैन्य ठिकानों को तबाह करने की योजना है, बल्कि वहां के बड़े नेताओं को टारगेट करना भी शामिल है. अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हरी झंडी देते हैं, तो अमेरिका तेहरान में सरकार बदलने यानी ‘रिजीम चेंज’ के विकल्प पर भी काम कर सकता है. यह इशारा है कि अगर कूटनीतिक बातचीत नाकाम रही, तो अमेरिका एक भीषण और निर्णायक लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है.

हफ्तों तक चल सकता है सैन्य ऑपरेशन

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी सेना केवल एक बार के हमले की नहीं बल्कि हफ्तों तक चलने वाले एक बड़े ऑपरेशन की योजना बना रही है. इस ऑपरेशन के जरिए ईरान के सुरक्षा केंद्रों के साथ-साथ उसके परमाणु ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है. ट्रंप ने हाल के दिनों में कई बार ईरान की सत्ता पलटने का विचार सबके सामने रखा है. हालांकि, अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से यह स्पष्ट नहीं किया है कि बिना बड़ी जमीनी सेना के अमेरिका कैसे सरकार बदलने की कोशिश करेगा. यह कदम ट्रंप के उन चुनावी वादों से अलग है जिसमें उन्होंने अफगानिस्तान और इराक जैसी पुरानी नाकामियों को न दोहराने की बात कही थी.

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यह भी पढ़ें: टैरिफ से कितनी कमाई कर पाए डोनाल्ड ट्रम्प? अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कहा गैरकानूनी?

बड़े हथियारों और लड़ाकू विमानों का जमावड़ा

ट्रंप प्रशासन ने मिडिल ईस्ट में पहले ही भारी मात्रा में युद्धपोत और आधुनिक फाइटर एयरक्राफ्ट तैनात कर दिए हैं. किसी भी बड़े बमबारी अभियान के लिए अमेरिका अपने बेस पर मौजूद घातक बॉम्बर्स का इस्तेमाल कर सकता है. अपने पिछले कार्यकाल में भी ट्रंप ने ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी को ड्रोन हमले में मार गिराकर अपनी मंशा साफ कर दी थी. अमेरिका ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को पहले ही आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है. वर्तमान सैन्य हलचल और हथियारों का यह बड़ा जमावड़ा बताता है कि अमेरिका इस बार ईरान की कमर तोड़ने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद खड़ा है.

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इजरायल की सफलता से लिया सबक

अमेरिकी अधिकारी पिछले साल ईरान के साथ हुई 12 दिनों की लड़ाई में इजरायल की सफलता पर भी गौर कर रहे हैं. उस समय इजरायल ने ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद बाघेरी समेत 20 से ज्यादा सीनियर कमांडरों को मार गिराया था. अमेरिका भी अब इसी तरह की सटीक इंटेलिजेंस के आधार पर ईरानी नेतृत्व को चोट पहुंचाने की तैयारी में है. हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी भी डिप्लोमेसी की एक हल्की उम्मीद बरकरार रखी है. उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कोई बड़ी डील नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में बहुत बुरी चीजें हो सकती हैं जिसका अंजाम पूरे क्षेत्र को भुगतना पड़ेगा.

First published on: Feb 21, 2026 07:28 AM

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