रूस-यूक्रेन वॉर में चाइना की एंट्री! 20 KG विस्फोटक ले जा रहे 'अलीबाबा' ड्रोन को यूक्रेन ने मार गिराया
Edited By Om Pratap

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Russia Ukraine War: रूस और चीन के बीच जारी जंग में चीन की एंट्री हो गई है! मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेनी सेना ने पूर्वी यूक्रेन में रविवार को एक आधुनिक और हथियारबंद चीन निर्मित मुगिन -5 ड्रोन को मार गिराया। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ज़ियामेन स्थित एक चीनी कंपनी मुगिन लिमिटेड की ओर से निर्मित ड्रोन मुगिन-5 को युद्धग्रस्त देश में एके-47 से मार गिराया गया।
इन मानव रहित हवाई वाहन (UAV) को अलीबाबा ड्रोन के नाम से भी जाना जाता है। इन्हें चीनी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अलीबाबा और ताओबाओ पर 15,000 अमेरिकी डॉलर तक में खरीदा जा सकता है। उधर, ड्रोन बनाने वाली कंपनी मुगिन लिमिटेड ने सीएनएन को पुष्टि की कि यह उनका एयरफ्रेम था, इस घटना को कंपनी ने दुर्भाग्यपूर्ण भी बताया है। बता दें कि ड्रोन में करीब 20 किलोग्राम का बम था, जिसे बाद में यूक्रेनी सैनिकों ने उड़ा दिया।
शनिवार की देर रात यूक्रेन के लड़ाकों ने एक ड्रोन की आवाज़ सुनी और लगभग 2 बजे एक चमकती रोशनी देखी। 35 वर्षीय सैनिक मैक्सिम ने सीएनएन को बताया, “यूएवी बहुत कम ऊंचाई पर उड़ रहा था, इसलिए इसे हाथ से पकड़े गए हथियार से मार गिराया। उधर, रूस के रक्षा मंत्रालय ने अभी तक इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
यूक्रेन की ओर से बताया गया है कि विस्फोटक लोड इस ड्रोन में कोई कैमरा नहीं लगा था, जिसका अर्थ है कि इसका उपयोग निगरानी के लिए नहीं किया गया था। ड्रोन युद्ध के विशेषज्ञ क्रिस लिंकन-जोन्स के अनुसार, विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि इसे “मूक बम” के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह विशेष ड्रोन जिसे हम देख रहे हैं, अगर इसमें एक अच्छा कैमरा होता तो यह अधिक प्रभावी होता।”
बता दें कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से यूक्रेन में सैन्य आक्रमण शुरू करने के बाद से रूस और यूक्रेन दोनों ही युद्ध में ड्रोन का उपयोग कर रहे हैं। ड्रोन का उपयोग निगरानी उद्देश्यों के लिए और दुश्मन के ठिकानों का पता लगाने और उनकी ओर आर्टिलरी लक्ष्यों का मार्गदर्शन करने के लिए किया जाता है।
चीनी ड्रोन को मार गिराने की घटना यूक्रेन पर रूस के बीच जारी जंग के पैटर्न को बदलने का संकेत है। बता दें कि दो दिन पहले रूस की ओर से अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को काला सागर में मार गिराया गया था। इस घटना के बाद वाशिंगटन और क्रेमलिन के बीच टकराव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
बता दें कि इस हफ्ते की शुरुआत में जानकारी सामने आई थी कि रूस और यूक्रेन में लंबे समय से जारी जंग के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग रूस जा सकते हैं, हालांकि जिनपिंग के मॉस्को दौरे को लेकर कोई अधिकारी जानकारी नहीं आई है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने मास्को की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं।
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