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‘पीएम मोदी मुझसे खुश नहीं हैं’, डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका के संबंधों को लेकर कही बड़ी बात

पीएम मोदी मुझसे खुश नहीं हैं यह कहते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने भारत अमेरिका संबंधों पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने रूस से तेल खरीद और टैरिफ को वजह बताया जिससे रिश्तों में तनाव बात कही.

Author Written By: Raja Alam Updated: Jan 6, 2026 23:53

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि उनके और पीएम मोदी के रिश्ते अच्छे हैं. लेकिन इस समय पीएम मोदी उनसे खुश नहीं हैं. ट्रंप के अनुसार इसकी वजह भारत द्वारा रूस से तेल खरीदना है. उन्होंने कहा कि इसी कारण भारत को ऊंचे टैरिफ चुकाने पड रहे हैं. ट्रंप का बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक राजनीति और व्यापार को लेकर दबाव बना हुआ है. उनके इस बयान ने भारत अमेरिका संबंधों को फिर चर्चा में ला दिया है.

एयर फोर्स वन में क्या बोले ट्रंप?

एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ भी की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं और एक अच्छे व्यक्ति हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि पीएम मोदी जानते हैं कि वह उनसे खुश नहीं हैं. उन्होंने यह तक कहा कि उन्हें खुश करना जरूरी है. ट्रंप ने साफ किया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार होता है. लेकिन अमेरिका चाहे तो भारत पर बहुत तेजी से टैरिफ बढा सकता है. इस बयान को चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है.

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यह भी पढ़ें: ‘ग्रीनलैंड डेनमार्क पर कब्जे की कोशिश बर्दाश्त नहीं’, डोनाल्ड ट्रंप को यूरोप के प्रमुख देशों ने दी चेतावनी

टैरिफ और रूस से तेल खरीद का मुद्दा

ट्रंप पहले भी कई बार भारत को लेकर सख्त बयान दे चुके हैं. उन्होंने कहा था कि जो देश रूस से व्यापार जारी रखते हैं, उनके खिलाफ अमेरिका कडे कदम उठा सकता है. ट्रंप का कहना रहा है कि पीएम मोदी रूसी तेल की खरीद को लेकर उनकी नाराजगी जानते हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है. ट्रंप के अनुसार यह कदम अमेरिका के हितों की रक्षा के लिए जरूरी है. यह मुद्दा भारत अमेरिका रिश्तों में एक अहम कारण बनकर उभरा है.

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पिछले फैसलों से बढ़ा तनाव

पिछले साल ट्रंप ने भारत पर आक्रामक रुख अपनाते हुए 25 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था. इसके साथ ही रूसी तेल खरीद को लेकर 25 फीसदी का अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ भी लगाया गया था. कुछ श्रेणियों में कुल शुल्क 50 फीसदी तक पहुंच गया था. इस फैसले के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी देखी गई. भारत ने साफ कहा था कि वह अपने राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखकर फैसले करता है. यह बयान उसी पृष्ठभूमि में अहम माना जा रहा है.

First published on: Jan 06, 2026 11:31 PM

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