Republic Day of Pakistan: भारत 26 जनवरी 2026 को 77वा गणतंत्र दिवसा मना रहा है. भारत ने 26 जनवरी 1950 को अपने संविधान को अंगीकार किया था और तब से गणतंत्र दिवस मनाने की परंपरा निभाई जा रही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत से अलग होकर मुस्लिम देश बना पाकिस्तान अपना गणतंत्र दिवस कब मनाता है और कैसे मनाया जाता है? कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं? क्या भारत की तरह ही उस दिन पाकिस्तान में भी धूमधाम से कार्यक्रम आयोजित होते हैं. आइए जानते हैं…
23 मार्च को मनाते हैं यौम-ए-पाकिस्तान
बता दें कि भारत की तरह पाकिस्तान में भी गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, लेकिन पाकिस्तान में इसे गणतंत्र दिवस नहीं बल्कि पाकिस्तान दिवस या यौम-ए-पाकिस्तान कहा जाता है. वहीं हर साल यह दिन 23 मार्च को मनाया जाता है. भारत में 23 मार्च को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत की याद में शहीदी दिवस मनाया जाता है और पाकिस्तान में इस दिन पाकिस्तान दिवस मनाया जाता है, क्योंकि 23 मार्च 1956 को पाकिस्तान ने अपने संविधान को और संसदीय प्रणाली को अंगीकार किया था. इस दिन से पाकिस्तान दुनिया का पहला इस्लामी गणराज्य देश बना था.
लाहौर से ये है 23 मार्च का खास कनेक्शन
वहीं 23 मार्च की तारीख का मोहम्मद अली जिन्ना से भी खास कनेक्शन है, क्योंकि 23 मार्च 1940 को लाहौर में बतौर मुस्लिम लीग अध्यक्ष मोहम्मद अली जिन्ना ने एक प्रस्ताव पारित करके पाकिस्तान देश की मांग की थी. इसी तारीख को पाकिस्तान की नींव रखी गई थी, इसलिए इस तारीख को लाहौर में जश्न का माहौल होता है. इस दिन की याद में ही लाहौर में उसी जगह पर मीनार-ए-पाकिस्तान बनाया गया है, जहां प्रस्ताव पारित किया गया था. हर साल 23 मार्च को इस जगह पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. देशभर में और लाहौर में लोग देशभक्ति के रंग में रंगे होते हैं.
वर्तमान संविधान इसका तीसरा संस्करण
बता दें कि पाकिस्तान ने 23 मार्च 1956 को पहले संविधान को आधिकारिक तौर पर अपनाया था. देश को आधिकारिक तौर पर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान घोषित किया गया था, लेकिन पहले संविधान को 1958 में निरस्त भी किया गया था. इसके बाद 1962 में एक नया संविधान बनाकर पहले संविधान से उसे रिप्लेस कर दिया गया था. फिर 1973 में कई संशोधन करने के बाद एक और संविधान बनाया गया, जिसे दूसरे संविधान से रिप्लेस कर दिया गया था.
23 मार्च को क्या-क्या प्रोग्राम होते?
बता दें कि 23 मार्च को यौम-ए-पाकिस्तान के मौके पर इस्लामाबाद में भव्य समारोह होता है, जिसमें सैन्य परेड और मार्च पास्ट होता है. राष्ट्रीय पुरस्कारों का वितरण भी किया जाता है. देशभर में राज्यस्तरीय समारोह आयोजित किए जाते हैं. सरकारी दफ्तरों, स्कूल-कॉलेजों में अवकाश रहता है. लोग अपने घरों, दुकानों और दफ्तरों का सजाते हैं.
Republic Day of Pakistan: भारत 26 जनवरी 2026 को 77वा गणतंत्र दिवसा मना रहा है. भारत ने 26 जनवरी 1950 को अपने संविधान को अंगीकार किया था और तब से गणतंत्र दिवस मनाने की परंपरा निभाई जा रही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत से अलग होकर मुस्लिम देश बना पाकिस्तान अपना गणतंत्र दिवस कब मनाता है और कैसे मनाया जाता है? कौन-कौन से कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं? क्या भारत की तरह ही उस दिन पाकिस्तान में भी धूमधाम से कार्यक्रम आयोजित होते हैं. आइए जानते हैं…
23 मार्च को मनाते हैं यौम-ए-पाकिस्तान
बता दें कि भारत की तरह पाकिस्तान में भी गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, लेकिन पाकिस्तान में इसे गणतंत्र दिवस नहीं बल्कि पाकिस्तान दिवस या यौम-ए-पाकिस्तान कहा जाता है. वहीं हर साल यह दिन 23 मार्च को मनाया जाता है. भारत में 23 मार्च को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत की याद में शहीदी दिवस मनाया जाता है और पाकिस्तान में इस दिन पाकिस्तान दिवस मनाया जाता है, क्योंकि 23 मार्च 1956 को पाकिस्तान ने अपने संविधान को और संसदीय प्रणाली को अंगीकार किया था. इस दिन से पाकिस्तान दुनिया का पहला इस्लामी गणराज्य देश बना था.
लाहौर से ये है 23 मार्च का खास कनेक्शन
वहीं 23 मार्च की तारीख का मोहम्मद अली जिन्ना से भी खास कनेक्शन है, क्योंकि 23 मार्च 1940 को लाहौर में बतौर मुस्लिम लीग अध्यक्ष मोहम्मद अली जिन्ना ने एक प्रस्ताव पारित करके पाकिस्तान देश की मांग की थी. इसी तारीख को पाकिस्तान की नींव रखी गई थी, इसलिए इस तारीख को लाहौर में जश्न का माहौल होता है. इस दिन की याद में ही लाहौर में उसी जगह पर मीनार-ए-पाकिस्तान बनाया गया है, जहां प्रस्ताव पारित किया गया था. हर साल 23 मार्च को इस जगह पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. देशभर में और लाहौर में लोग देशभक्ति के रंग में रंगे होते हैं.
वर्तमान संविधान इसका तीसरा संस्करण
बता दें कि पाकिस्तान ने 23 मार्च 1956 को पहले संविधान को आधिकारिक तौर पर अपनाया था. देश को आधिकारिक तौर पर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान घोषित किया गया था, लेकिन पहले संविधान को 1958 में निरस्त भी किया गया था. इसके बाद 1962 में एक नया संविधान बनाकर पहले संविधान से उसे रिप्लेस कर दिया गया था. फिर 1973 में कई संशोधन करने के बाद एक और संविधान बनाया गया, जिसे दूसरे संविधान से रिप्लेस कर दिया गया था.
23 मार्च को क्या-क्या प्रोग्राम होते?
बता दें कि 23 मार्च को यौम-ए-पाकिस्तान के मौके पर इस्लामाबाद में भव्य समारोह होता है, जिसमें सैन्य परेड और मार्च पास्ट होता है. राष्ट्रीय पुरस्कारों का वितरण भी किया जाता है. देशभर में राज्यस्तरीय समारोह आयोजित किए जाते हैं. सरकारी दफ्तरों, स्कूल-कॉलेजों में अवकाश रहता है. लोग अपने घरों, दुकानों और दफ्तरों का सजाते हैं.