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Myanmar Airstrike: म्यांमार की सेना ने अपने ही देश में अस्पताल पर बरसाया बम, 34 लोगों की मौत, 80 घायल

म्यांमार इन दिनों गंभीर गृहयुद्ध की आग में झुलस रहा है. 10 दिसंबर की रात राखाइन प्रांत के एक अस्पताल पर एयर-स्ट्राइक हुआ, जिसमें कम से कम 34 लोगों की मौत हो गई और लगभग 80 लोग घायल हुए.

Author Written By: Versha Singh Updated: Dec 11, 2025 21:17

Myanmar Airstrike: म्यांमार इन दिनों गंभीर गृहयुद्ध की आग में झुलस रहा है. 10 दिसंबर की रात राखाइन प्रांत के एक अस्पताल पर एयर-स्ट्राइक हुआ, जिसमें कम से कम 34 लोगों की मौत हो गई और लगभग 80 लोग घायल हुए. स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इस अस्पताल में विद्रोही समूह अराकन आर्मी के लड़ाके इलाज करा रहे थे या फिर छिपे हुए थे. हालांकि, म्यांमार की सेना और सरकार की तरफ से इस हमले को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

एसोसिएटेड प्रेस ने एक लोकल बचाव कर्मचारी और गुरुवार को जारी इंडिपेंडेंट मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया कि इस हमले में करीब 34 मरीज और मेडिकल स्टाफ मारे गए हैं. यह हमला बुधवार रात रखाइन राज्य के मरौक-यू टाउनशिप में हुआ. यह इलाका विद्रोही सेना के कंट्रोल बढ़ाने की वजह से लड़ाई में घिरा हुआ है.

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जब जनरल हॉस्पिटल पर हमला हुआ, तो लगभग 80 और लोग घायल हो गए, यह हॉस्पिटल अराकान आर्मी के कंट्रोल वाले इलाके में है. सत्ताधारी मिलिट्री अधिकारियों ने आस-पास कोई ऑपरेशन करने की बात पब्लिक में नहीं स्वीकार की है.

लेकिन, AP ने रखाइन में एक सीनियर रेस्क्यू सर्विस अधिकारी के हवाले से बताया कि हमले में एक जेट फाइटर ने ठीक “रात 9:13 बजे” दो बम छोड़े. रिपोर्ट में आगे कहा गया कि एक बम हॉस्पिटल के रिकवरी वार्ड में गिरा, जबकि दूसरा बिल्डिंग के मेन स्ट्रक्चर के पास फटा.

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34 लोगों की हो चुकी है मौत

उन्होंने बताया कि वे गुरुवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे ताकि घटना के बाद मदद कर सकें, और 17 पुरुषों और 17 महिलाओं की मौत का रिकॉर्ड बनाया. उनके मुताबिक, धमाकों में हॉस्पिटल की ज़्यादातर बिल्डिंग तबाह हो गई और आस-पास खड़ी टैक्सियों और मोटरबाइकों समेत गाड़ियों को नुकसान पहुंचा.

रखाइन के ऑनलाइन मीडिया आउटलेट्स द्वारा शेयर की गई तस्वीरों और वीडियो में हॉस्पिटल खंडहर जैसा दिख रहा था, जिसमें बिल्डिंगें टूटी हुई थीं और टूटे हुए मेडिकल इक्विपमेंट जैसा मलबा पूरे मैदान में बिखरा हुआ था.

यह जगह इलाके के लिए मुख्य मेडिकल सेंटर के तौर पर काम करती थी, खासकर इसलिए क्योंकि म्यांमार में चल रहे सिविल वॉर की वजह से रखाइन के ज़्यादातर हॉस्पिटल बंद हो गए हैं. डॉक्टरों के मरौक-यू में जरूरी हेल्थ केयर देने के लिए फिर से इकट्ठा होने के बाद ही इसने हाल ही में काम करना फिर से शुरू किया था.

अराकान आर्मी की क्या है मांग?

मरौक-यू यांगून से लगभग 530 किलोमीटर (326 मील) उत्तर-पश्चिम में है और पिछले साल फरवरी में अराकान आर्मी के कंट्रोल में आ गया था. अराकान आर्मी रखाइन एथनिक मूवमेंट की आर्म्ड विंग के तौर पर काम करती है, जो लंबे समय से सेंट्रल गवर्नमेंट से ज़्यादा ऑटोनॉमी मांग रही है.

नवंबर 2023 से शुरू होकर, ग्रुप ने रखाइन में एक बड़ा हमला शुरू किया, आखिरकार एक अहम रीजनल आर्मी कमांड सेंटर पर कब्जा कर लिया और राज्य के 17 टाउनशिप में से 14 में इलाके पर भी कब्जा कर लिया.

First published on: Dec 11, 2025 09:02 PM

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