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दुनिया

मादुरो को उठवाया, पनामा को धमकी… अब लैटिन अमेरिका को लेकर क्यों बौखलाए हुए हैं ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप लैटिन अमेरिका में चीन के बढ़ते दखल और वेनेजुएला की तानाशाही से बेहद नाराज हैं. मादुरो को हटाने की जिद और पनामा पर टैरिफ की धमकी उनकी 'अमेरिका फर्स्ट' नीति का आक्रामक हिस्सा है.

Author Written By: Raja Alam Updated: Jan 13, 2026 20:41

डोनाल्ड ट्रंप अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत पूरी दुनिया को अपनी शर्तों पर चलाना चाहते हैं और अब उनके निशाने पर लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देश हैं. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके ही देश से अगवा करने और पनामा नहर पर दोबारा कब्जे की धमकी ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है. ट्रंप की इस बौखलाहट के पीछे सिर्फ राजनीतिक ताकत नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के उन बेशकीमती संसाधनों पर कब्जा करने की मंशा है जो भविष्य की ग्लोबल इकोनॉमी की धड़कन माने जाते हैं. अमेरिका लंबे समय से इस इलाके को अपना पिछवाड़ा मानकर पूरी तरह नियंत्रित करने की कोशिश करता रहा है.

अमेरिका की दिलचस्पी की वजह

हैरानी की बात यह है कि लैटिन अमेरिका की वैश्विक जीडीपी में हिस्सेदारी लगातार गिर रही है, फिर भी ट्रंप वहां अपना नियंत्रण बढ़ाना चाहते हैं. साल 1980 में इस क्षेत्र की ग्लोबल जीडीपी में हिस्सेदारी 12.3 प्रतिशत थी, जो 2025 तक घटकर महज 7.1 प्रतिशत रह गई है और 2030 तक इसके और गिरने का अनुमान है. इसके बावजूद ट्रंप ने क्यूबा को समझौते के लिए धमकाया है और पनामा नहर को लेकर सख्त रुख अपनाया है. दरअसल अमेरिका की नजर गिरती जीडीपी पर नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की उपजाऊ जमीन, मीठे पानी के संसाधनों और दुनिया के 23 प्रतिशत वन क्षेत्र पर है जो इसे प्राकृतिक रूप से बेहद समृद्ध बनाते हैं.

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ग्रीन एनर्जी का गढ़ और उपजाऊ जमीन का आकर्षण

लैटिन अमेरिका को आज की दुनिया में ‘ग्रीन एनर्जी की भूमि’ माना जाता है, जो अमेरिका को अपनी ओर आकर्षित कर रही है. अर्जेंटीना, चिली और मेक्सिको के रेगिस्तानों में दुनिया की सबसे तेज धूप पड़ती है, जबकि कोलंबिया और पैटागोनिया में पवन ऊर्जा पैदा करने की अपार क्षमता है. विश्व बैंक की रिपोर्ट बताती है कि यहाँ दुनिया की 11 प्रतिशत उपजाऊ कृषि भूमि है, जिसका सही इस्तेमाल अभी तक नहीं हो पाया है. लो कार्बन एनर्जी प्रोडक्शन की यह क्षमता भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए ट्रंप की पहली पसंद बनी हुई है, इसीलिए वे इस क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण चाहते हैं.

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रेयर अर्थ एलिमेंट्स और लिथियम का खजाना

सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के इस दौर में लैटिन अमेरिका के पास वह खजाना है जिसके बिना नई दुनिया की कल्पना मुमकिन नहीं है. इस क्षेत्र में दुनिया के कुल लिथियम भंडार का 47 प्रतिशत से अधिक हिस्सा मौजूद है, जो बैटरी बनाने के लिए सबसे जरूरी खनिज है. इसके अलावा वैश्विक तांबे के भंडार का 36 प्रतिशत हिस्सा भी यहीं है, जिसकी मांग 2050 तक सालाना 1.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने वाली है. ट्रंप जानते हैं कि अगर उन्होंने इन रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर कब्जा कर लिया, तो वे चीन जैसे देशों की सप्लाई चेन को आसानी से चुनौती दे सकेंगे और दुनिया की आधुनिक अर्थव्यवस्था की चाबी उनके पास होगी.

First published on: Jan 13, 2026 08:16 PM

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