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न तड़पा न छटपटाया, 3 इंजेक्शन और टूट गई सांसें; अमेरिका में 2 मर्डर करने वाले को खौफनाक सजा-ए-मौत

Horrible Execution in America: नाइट्रोजन गैस से सजा-ए-मौत देने के बाद अमेरिका ने कैदी को सजा-ए-मौत देने के लिए एक और तरीका अपनाया है। तरीका भी ऐसा कि एक झटके में कैदी ने दम तोड़ दिया। वह न तड़पा, न छटपटाया, बस आंखों से सांसें निकल गईं।

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Lethal Injection Execution in America: न तड़पा और न छटपटाया, 3 इंजेक्शन लगे और एक झटके में उसकी सांसें टूट गईं। आंखें और मुंह खुला रह गया। न कोई दर्द हुआ, न कोई यातना दी गई और कैदी को सजा-ए-मौत मिल गई। जी हां, कैदी को मौत की सजा देने के लिए यह तरीका दुनिया के सबसे बड़े देश अमेरिका में इस्तेमाल किया गया।

पहली बार किसी कैदी को इस तरीके से मौत दी गई। उसे बुजुर्ग दंपति की हत्या करने पर मौत की सजा हुई थी। कैदी का नाम जैमी रे मिल्स था, जिसकी उम्र करीब 50 साल थी। उसे मिली सजा-ए-मौत पर अमल करने के लिए उसे कुर्सी पर बैठाकर, उसके हाथ-पैर बांधकर उसके एक-एक कर 3 इंजेक्शन लगाए गए और कब उसके सांस निकल गए, पता भी नहीं चला।

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20 साल बाद मिली सजा-ए-मौत

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के दक्षिण पूर्व में स्थित अलबामा शहर का मामला है। जैमी रे मिल्स ने 87 साल के फ्लॉयड हिल और उनकी पत्नी वेरा की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। उसने दोनों पर घर में घुसकर हथौड़े, छुरी और तेजधार हथियार से दोनों पर हमला किया था, जिससे गंभीर रूप से घायल दोनों बुजुर्गों ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।

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हालांकि डबल मर्डर करने की वजह सामने नहीं आई थी, लेकिन कई साल कोर्ट की सुनवाई चली और उसे खौफनाक कृत्य की खौफनाक सजा सुनाई गई। अलबामा के गवर्नर के इवे ने मामले की पुष्टि की और कहा कि मिल्स ने 20 साल बाद अपने घिनौने कांड के लिए सजा भुगती। भगवान उसकी आत्मा को शांति प्रदान करे। उसके परिवार के प्रति गहरी संवदेनाएं हैं।

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नाइट्रोजन गैस से भी दी गई थी सजा-ए-मौत

बता दें कि अमेरिका में इंजेक्शन से सजा-ए-मौत का यह पहला मामला है। इससे पहले जनवरी 2024 में एक कैदी को नाइट्रोजन गैस सुंघाकर सजा-ए-मौत दी गई थी और वह तरीका भी पहली बार अपनाया गया था। उस सजा को लेकर यूनाइटेड नेशन्स ने हंगामा भी किया था। तरीके को खौफनाक बताते हुए मानव अधिकारों का उल्लंघन बताया था।

कैदी का नाम केनेथ यूजीन स्मिथ था। उसे एक कमरे में लिटाकर, हाथ-पैर बांधकर उसके मुंह पर एयर टाइट मास्क लगा दिया गया था। इसके बाद उसे नाइट्रोजन गैस सुंघाकर सजा-ए-मौत दी गई। स्मिथ ने 1988 में एक पादरी की पत्नी की हत्या की थी और 36 साल बाद 25 जनवरी 2024 को उसे खौफनाक मौत दी गई।

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First published on: May 31, 2024 12:07 PM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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