ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में मौत हो गई. इसके बाद ईरान ने अपनी सबसे पवित्र मस्जिदों में से एक, जामकरन मस्जिद के ऊपर ‘लाल झंडा’ हरा दिया है. ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से इस झंडे का फहराया जाना इस बात का सीधा संकेत है कि ईरान अब ‘महायुद्ध’ के लिए तैयार है. इस झंडे को ईरान के सर्वोच्च नेता के खून का बदला लेने के संकल्प के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है.
The red flag was raised over the dome of Jamkaran Mosque in Iran.
The flag is described by state media as a symbol of revenge for the blood of Iran’s Supreme Leader and Commander-in-Chief. pic.twitter.com/ilQgvzkoUY---विज्ञापन---— Clash Report (@clashreport) March 1, 2026
शिया परंपरा में लाल झंडा इस बात का संकेत माना जाता है कि बदला अभी बाकी है और संघर्ष खत्म नहीं हुआ है.
अब तक 200 से ज्यादा की मौत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में हमलों में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. ईरान के पुलिस खुफिया विभाग के प्रमुख घोलाम रेजा रेजाइयान की भी इजरायल की हमले में मौत हो गई.
वहीं, दूसरी ओर ईरान की ओर से मिसाइलों के भारी हमले के बीच पूरे इजरायल में लाखों नागरिक बंकरों और सुरक्षित ठिकानों में शरण लिए हुए हैं. होम फ्रंट कमांड ने सुरक्षा चेतावनी जारी रखते हुए लोगों को अगले आदेश तक आश्रय स्थलों में ही रहने का निर्देश दिया है.










