ईरान के सरकारी टीवी ने आखिरकार लोगों के विरोध प्रदर्शनों और आगजनी पर चुप्पी तोड़ दी है. सरकारी प्रसारण में नुकसान होने की बात मानी गई है, लेकिन हालातों का ठीकरा बाहरी लोगों पर फोड़ने की कोशिश की गई है. ईरान स्टेट टीवी ने दावा किया है कि आगजनी की घटनाओं के पीछे अमेरिका और इजरायल से जुड़े आतंकी एजेंट हो सकते हैं. उन्होंने लोगों को भड़काया और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए कहा.
Iran Protest News : ईरान में हालात बेहद खराब, तनावपूर्ण और हिंसक हैं. आर्थिक संकट, महंगाई और करेंसी की गिरती कीमत के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं. लोग अली खामेनेई की सरकार को सत्ता हटाने की मांग कर रहे हैं. ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के समर्थन में नारेबाजी कर रहे हैं. बीती रात रेजा पहलवी की अपील पर लोगों ने आधी रात को सड़कों पर उतरकर बवाल काटा और आगजनी की.
ईरान में क्यों हो रहे विरोध प्रदर्शन?
ईरान में 28 दिसंबर से विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. आखिरी बार साल 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद इतने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. वहीं मौजूदा प्रदर्शन देश में गहराए आर्थिक संकट को लेकर किए जा रहे हैं. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, इसलिए उन्हें सत्ता से हटाने की मांग करते हुए लोग इस्लामिक रिपब्लिक क खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप की हमले की धमकी
बता दें कि ईरान के हालातों को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने ईरान की सरकार को 2 बार चेताया है कि अगर सरकार ने जनता का दमन किया, उनकी आवाज दबाने की कोशिश की तो अमेरिकी की सरकार मामले में दखल देगी और ईरान पर हमला करेगी. चर्चा है कि अमेरिकी वायुसेना के एयरक्राफ्ट 2 दिन पहले ही मध्य पूर्व के लिए निकल गए थे और ट्रंप के आदेश का इंतजार कर रहे हैं.
ईरान में विरोध प्रदर्शन और तनावपूर्ण हालातों से जुड़े पल-पल के लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें News 24 के साथ…
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने घरेलू आपूर्तिकर्ताओं को चेतावनी दी है कि वे वस्तुओं की जमाखोरी या मूल्य वृद्धि न करें, जिससे जनता को राहत मिल सके. क्योंकि करेंगी की गिरती कीमत और आर्थिक संकट के कारण ईरान में पहले ही खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं. ईरान में इस समय एक लीटर दूध की कीमत 174 रुपये है तो अंदाजा लगा सकते हैं कि अन्य चीजों के दाम कितने होंगे.
ईरान के निर्वासित प्रिंस रेजा पहलवी अगले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर सकते हैं. यह मीटिंग फ्लोरिडा में मार-ए-लागो में हो सकती है. उन्होंने यूरोपीय देशों के नेताओं से भी आग्रह किया है कि वे ईरान के लोगों के समर्थन में चुप्पी तोड़ें. रेजा पहलवी ने राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान में सड़क पर उतरे लोगों के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया.
ईरान में अली खामेनेई के विरोध में जनता सड़कों पर उतरी है. बीती रात 8 बजे निर्वासित युवराज रेजा पहलवी के द्वारा जनप्रदर्शन के आह्वान पर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किए गए. 12वें दिन प्रदर्शन की ऐसी लहर को रोकने के किए के खामेनेई की सरकार ने तेहरान और दूसरे कई शहरों में इंटरनेट बंद कर दिया. तेहरान समेत कई शहरों में उग्र हो रहे प्रदर्शन के दौरान खामेनेई सत्ता से जुड़ी इमारतों को भीड़ ने आग के हवाले कर दिया. रेजा पहलवी ने आज भी लोगों से सड़कों पर उतरने और अपने हक की लड़ाई लड़ने की अपील की है.










