India-Canada foreign ministers Secret meeting in US: खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद कनाडा-भारत के बीच राजनयिक गतिरोध जारी है। इस बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। जानकारी के अनुसार, कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कुछ दिन पहले वाशिंगटन में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ एक सीक्रेट मीटिंग की है। ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स ने स्थिति से परिचित लोगों का हवाला देते हुए ये रिपोर्ट दी है। हालांकि अब तक न तो भारत और न ही कनाडा के विदेश मंत्रालय ने इस मीटिंग की पुष्टि की है।
तनावपूर्ण राजनयिक स्थिति को हल करने के प्रयास
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कनाडाई सरकार भारत के साथ तनावपूर्ण राजनयिक स्थिति को हल करने के प्रयास कर रही थी। दरअसल, भारत ने कनाडाई राजनयिकों को भारत छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है। साथ ही कनाडा को अपनी 'डिप्लोमैटिक इम्यूनिटी' खाने का डर है। कनाडाई विदेश मंत्री ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि वे इस मुद्दे को निजी तौर पर सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
राजनयिकों की सुरक्षा को गंभीरता से लेते हैं
कनाडाई मंत्री ने भारत में राजनयिक कर्मचारियों को कम करने के निर्देश के बाद कहा- हम भारत सरकार के संपर्क में हैं। हम कनाडाई राजनयिकों की सुरक्षा को बहुत गंभीरता से लेते हैं। इसके लिए निजी तौर पर बातचीत करना जारी रखेंगे क्योंकि हमारा मानना है कि राजनयिक बातचीत तब सबसे अच्छी होती है जब वे निजी रहती हैं।
ये भी पढ़ें: जिस युवक को एडमिशन देने से 16 यूनिवर्सिटीज ने किया इनकार, Google ने उसे इस बड़े पद पर दी नौकरी
कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी कहा कि कनाडा भारत के साथ इस स्थिति को और बढ़ाना नहीं चाहता। उन्होंने पुष्टि की है कि कनाडा भारत के साथ जिम्मेदारीपूर्वक जुड़ना जारी रखेगा। कनाडा के सीटीवी न्यूज की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि देश ने भारत से लगभग 30 राजनयिक स्टाफ सदस्यों को कुआलालंपुर या सिंगापुर में ट्रांसफर कर दिया गया है।
https://www.youtube.com/watch?v=zHnIiZh-jdw
India-Canada foreign ministers Secret meeting in US: खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद कनाडा-भारत के बीच राजनयिक गतिरोध जारी है। इस बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। जानकारी के अनुसार, कनाडा की विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कुछ दिन पहले वाशिंगटन में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ एक सीक्रेट मीटिंग की है। ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स ने स्थिति से परिचित लोगों का हवाला देते हुए ये रिपोर्ट दी है। हालांकि अब तक न तो भारत और न ही कनाडा के विदेश मंत्रालय ने इस मीटिंग की पुष्टि की है।
तनावपूर्ण राजनयिक स्थिति को हल करने के प्रयास
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कनाडाई सरकार भारत के साथ तनावपूर्ण राजनयिक स्थिति को हल करने के प्रयास कर रही थी। दरअसल, भारत ने कनाडाई राजनयिकों को भारत छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है। साथ ही कनाडा को अपनी ‘डिप्लोमैटिक इम्यूनिटी’ खाने का डर है। कनाडाई विदेश मंत्री ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि वे इस मुद्दे को निजी तौर पर सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
राजनयिकों की सुरक्षा को गंभीरता से लेते हैं
कनाडाई मंत्री ने भारत में राजनयिक कर्मचारियों को कम करने के निर्देश के बाद कहा- हम भारत सरकार के संपर्क में हैं। हम कनाडाई राजनयिकों की सुरक्षा को बहुत गंभीरता से लेते हैं। इसके लिए निजी तौर पर बातचीत करना जारी रखेंगे क्योंकि हमारा मानना है कि राजनयिक बातचीत तब सबसे अच्छी होती है जब वे निजी रहती हैं।
ये भी पढ़ें: जिस युवक को एडमिशन देने से 16 यूनिवर्सिटीज ने किया इनकार, Google ने उसे इस बड़े पद पर दी नौकरी
कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी कहा कि कनाडा भारत के साथ इस स्थिति को और बढ़ाना नहीं चाहता। उन्होंने पुष्टि की है कि कनाडा भारत के साथ जिम्मेदारीपूर्वक जुड़ना जारी रखेगा। कनाडा के सीटीवी न्यूज की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि देश ने भारत से लगभग 30 राजनयिक स्टाफ सदस्यों को कुआलालंपुर या सिंगापुर में ट्रांसफर कर दिया गया है।