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अमेरिका ने हमला किया तो कौन देगा ईरान का साथ, जानिए मुस्लिम देशों से कैसे हैं रिश्ते?

Iran News: ईरान और अमेरिका में कभी भी युद्ध छिड़ सकता है. राष्ट्रपति ट्रंप कई बार ईरान को चेतावनी दे चुके हैं. सवाल ये है कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो मुस्लिम देशों का क्या रुख होगा?

Author Written By: Varsha Sikri Updated: Jan 15, 2026 10:54
Iran and America
Credit: Social Media

ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है. वहीं अमेरिका भी ईरान को खुली धमकियां दे रहा है. दावा किया जा रहा है कि अमेरिका किसी भी वक्त ईरान पर हमला कर सकता है. युद्ध की आशंका ने पूरे मिडिल ईस्ट की टेंशन बढ़ा दी है. अब सवाल ये है कि अगर अमेरिका अटैक करता है तो मुस्लिम देश ईरान का साथ देंगे या नहीं.

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ईरान का साथ देगा कतर?

कतर और अमेरिका के सैन्य रिश्ते गहरे हैं. कतर का अल उदीद एयर बेस अमेरिका का सबसे बड़ा मिलिट्री अड्डा कहा जाता है, जहां 10 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक, आधुनिक फाइटर जेट और ड्रोन मौजूद हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक अगर अमेरिका और इजरायल ईरान पर अटैक करते हैं तो कतर इससे दूर रखने की कोशिश करेगा. वो अमेरिका के साथ अपने संबंध नहीं बिगाड़ना चाहेगा.

इराक और तुर्किए का रुख कैसा होगा?

इराक की अगर बात करें, तो वो खुलकर ईरान का साथ नहीं दे सकता. हालांकि इराक के अंदर कई पॉलिटिकल और धार्मिक समूहों के ईरान के साथ अच्छे रिश्ते हैं. लेकिन इराक पर अमेरिका कई बार हवाई अटैक कर चुका है, इसीलिए वो ईरान का साथ देकर किसी तरह का रिस्क नहीं लेगा. वहीं तुर्किए हमेशा से अमेरिका और इजरायल के दखल की निंदा करता रहा है. अगर इजरायल अकेले हमला करता है तो वो ईरान के समर्थन में खड़ा हो सकता है. लेकिन जब बात अमेरिका की आती है तो वो खुद को इससे दूर रखने की कोशिश करेगा. दरअसल, तुर्किए नाटो का सदस्य है और अमेरिका के साथ उसके सैन्य रिश्ते काफी मजबूत हैं. इसीलिए वो ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध छिड़ने पर न्यूट्रल रहेगा

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पाकिस्तान क्या करने वाला है?

पाकिस्तान हमेशा से मुस्लिम देशों से एक रहने की अपील करता है. लेकिन इस वक्त वो पहले से ही बुरे दौर से गुजर रहा है. पाकिस्तान आर्थिक संकट और आंतरिक दबावों से संघर्ष कर रहा है. इसीलिए पाकिस्तान किसी भी युद्ध में भागीदार नहीं बनना चाहेगा. पाकिस्तान बस दोनों देशों से शांति बनाए रखने की अपील कर सकता है.

दोनों के साथ UAE के अच्छे रिश्ते

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE लंबे समय से ईरान के लिए एक बड़ा बिजनेस सेंटर रहा है. दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर का बिजनेस होता है. यही वजह है कि वो ईरान के खिलाफ खड़ा नहीं हो सकता . वहीं, अमेरिकी और यूएई के रिश्ते काफी मजबूत रहे हैं. इसलिए वो खुलकर दोनों में से किसी के साथ नहीं आएगा. सऊदी अरब, ओमान, मिस्त्र जैसे देश भी युद्ध में किसी का खुला समर्थन करने से बच सकते हैं.

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First published on: Jan 15, 2026 10:54 AM

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