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हार्ट अटैक आने पर 86 साल की महिला पहुंची अस्पताल, कमरे के लिए 25 घंटे किया इंतजार; फिर भी नहीं मिला…

Old Women forced to wait 25 hours in hospital corridor: अस्पताल में कमरा खाली नहीं था, कॉरिडोर में महिला को ठंड लगने पर गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई। रात भर वहां लाइट जलती रही और सफाई कर्मचारियों का आना जाना लगा रहा।

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Old Women forced to wait 25 hours in hospital corridor: अस्पताल की बदहाली का जीता जागता उदहारण देखने को मिला है। दरअसल, 86 वर्षीय बुजुर्ग महिला को हार्ट अटैक आया, वह समीप के अस्पताल पहुंची। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें वार्ड के लिए अस्पताल के कॉरिडोर में इंतजार करने के लिए कहा गया। लेकिन ये इंतजार एक या दो घंटे नहीं करीब 25 घंटे तक चला। तंग आकर महिला खुद ही अपनी छुट्टी कराकर घर लौट आईं।

एक बेड पर कॉरिडोर में छोड़ दिया

ये पूरा मामला लंदन का है, हार्ट अटैक आने यहां के St Helier Hospital में Maria Bodea पहुंची थी। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के अनुसार मारिया को प्राथमिक इलाज तो दिया गया लेकिन फिर उन्हें कमरे में शिफ्ट करने की बजाए डॉक्टरों ने अस्पताल कॉरिडोर में छोड़ दिया। हद तो तब हो गई जब 25 घंटे गुजरने पर भी उन्हें कमरा नहीं दिया गया।

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कॉरिडोर में रही डिस्टरबेंस

मारिया के अनुसार अस्पताल में उनकी कुछ जांच की गईं, फिर दो दिन बाद दोबारा जांच करने की बात कही गई। कॉरिडोर में उनके साथ 20 और मरीज थे। डॉक्टरों से  पूछने पर बार-बार उन्हें ये बताया गया कि कमरा खाली नहीं है। कॉरिडोर में उन्हें ठंड लगने पर गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई। आरोप है कि रात भर वहां लाइट जलती रही। सफाई कर्मचारी या नर्स बार-बार आते-जाते रहे जिससे वह आराम तक नहीं कर सकीं।

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तंग आकर खुद करवा ली छुट्टी 

मारिया के अनुसार इलाज के लिए और दो दिन रुकने की उनकी हिम्मत नहीं हुई और वह खुद ही शपथपत्र देकर अस्पताल से छुट्टी करवाकर घर चलीं आईं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लंदन के सभी सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। वहीं, इस बारे में अस्पताल प्रशासन ने खेद जताया है। एक बयान जारी कर अस्पताल प्रशासन ने कहा कि वह अपने मरीजों को इस तरह का अनुभव नहीं देना चाहते हैं। उधर, लोगों का आरोप है कि प्रशासन अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने पर ध्यान नहीं दे रहा है।

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First published on: Sep 23, 2024 03:46 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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