बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार नहीं रुक रहे हैं. ताजा मामला वहां एक हिंदू विधवा महिला से रेप का आया है. दो लोगों ने पहले उसके साथ रेप किया और फिर पेड़ से बांधकर उसके बाल काट दिए. मामला सेंट्रल बांग्लादेश के कालीगंज इलाके का है. लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस में अपनी शिकायत में महिला ने कहा कि उसने ढाई साल पहले कालीगंज म्युनिसिपैलिटी के वार्ड नंबर 7 में शाहीन और उसके भाई से 20 लाख टका में तीन डेसिमल जमीन और एक दो मंजिला घर खरीदा था. उसके बाद, शाहीन ने महिला को गंदे प्रपोजल देने शुरू कर दिए और मना करने पर उसे परेशान करना शुरू कर दिया.
शनिवार शाम को, जब विधवा के गांव से दो रिश्तेदार आए हुए थे. उसी वक्त शाहीन और उसका साथी हसन उसके घर में घुस आए और उसके साथ रेप किया. फिर उन्होंने उससे 50,000 टका (करीब Rs 37,000) मांगे.
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जब पैसे देने से मना कर दिया, तो उन्होंने रिश्तेदारों के साथ मारपीट की और उन्हें भगा दिया. जब महिला चिल्लाने लगी, तो उन्होंने उसे एक पेड़ से बांधा और उसके बाल काट दिए. इसका उन्होंने वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर डाल दिया. उन्होंने विधवा को भी टॉर्चर किया और फिर वह बेहोश हो गई. आस-पास के लोगों ने उसे बचाया और उसे जेनेदाह सदर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया.
पहले महिला ने डॉक्टरों को कुछ नहीं बताया. बाद में, मेडिकल जांच से उन्हें पता चला कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है. इसके बाद महिला ने शाहीन और हसन का नाम लेते हुए कालीगंज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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बता दें, इससे पहले शरियतपुर जिले में हिंदू शख्स खोकन चंद्र दास को भीड़ ने हमला कर आग के हवाले कर दिया था. दास एक तालाब में कूदकर भागने में कामयाब रहा था और शनिवार को उसकी मौत हो गई. इससे पहले 24 दिसंबर को, कालीमोहर यूनियन में एक और हिंदू युवक अमृत मंडल को भीड़ ने मार दिया था. हालांकि, मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने हत्या की निंदा की, लेकिन दावा किया कि मंडल एक वसूली करने वाला था और उसकी हत्या में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं था. इससे पहले 25 साल के दीपू चंद्र दास को भी 18 दिसंबर को भीड़ ने ईशनिंदा का झूठा आरोप लगाकर मार दिया था. दीपू चंद्र दास को इतना पीटा गया कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी. उसकी बॉडी को भी एक पेड़ से लटकाकर आग लगा दी गई थी.










