जिसे ‘कचरा’ समझा, उसे बेचकर बनी करोड़पति…लेकिन जिसने खरीदा, वो हो गया ‘कंगाल’
Rare Painting Controversy: दुलर्भ पेंटिंग बेचकर जहां महिला करोड़पति बन गई, वहीं इसे खरीदने वाले के हाथ पेंटिंग लगी ही नहीं। वह कंगाल हो गया। पेंटिंग खरीदकर उसे नुकसान हो गया।
Edited By : Khushbu Goyal|Updated: Nov 18, 2023 12:56
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Rare Painting Christ Mocked
Rare Painting Makes France National Treasure: रसोई में एक पेटिंग टंगी थी, जिसे बुजुर्ग महिला ने कचरा समझकर फेंकना चाहा, लेकिन वह करीब 750 साल पुरानी निकली। घर आए मेहमान ने वह पेटिंग देखी तो उसे आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट में दिखाने का कहा। महिला उसे लेकर अधिकारियों से मिली और उसकी किस्मत चमक गई। पेंटिंग दुलर्भ निकली, जो ग्रीक धर्म का प्रतीक है। केवल 10 इंच गुणा 4 इंच की यह पेंटिंग 1280 ई. में बनाई गई थी। विभाग ने महिला से पेंटिंग लेकर उसे नीलाम किया तो वह करीब 21 मिलियन पाउंड यानी 217 करोड़ में बिकी और महिला एक पल में करोड़पति बन गई, लेकिन इस पेंटिंग ने जहां महिला की किस्मत चमकाई, वहीं खरीदने वाला कंगाल हो गया, क्योंकि उसके साथ एक बड़ा झोल हो गया।
The Louvre Museum in Paris acquired the painting “Christ Mocked” by Cimabue, a Florentine painter, after it was found in a French woman’s kitchen in 2019. Unaware of its significance and believing it to be a Greek icon, the owner sold it at auction for €24.2 million. The French… pic.twitter.com/vPo7X5nUDf
फ्रांस सरकार ने पेंटिंग ने 'राष्ट्रीय खजाना' बनाया
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पेंटिंग को चिली के अरबपति अलवारो सैह बेंडेक और उनकी पत्नी एना गुजमैन अह्नफेल्ट ने खरीदा था। वे इसे अपनी प्राइवेट कलेक्शन में शामिल करना चाहते थे, लेकिन वे इसे अभी तक अपने घर नहीं ले पाए हैं, क्योंकि फ्रांस की सरकार ने पेंटिंग के निर्यात पर रोक लगा दी है। इसे चिली ले जाने के लिए लाइसेंस देने से इनकार कर दिया है। फ्रांसीसी सरकार ने इसे अपना 'राष्ट्रीय खजाना' बताया और इसे म्यूजियम में रखने का आदेश दिया, लेकिन म्यूज़ियम को भी पेंटिंग अपने पास रखने के लिए सरकार को पैसा देना होगा। इसके लिए म्यूजियम को 30 महीने का समय दिया गया है। इस तरह पेंटिंग बेचकर जहां महिला करोड़पति बन गई, वहीं इसे खरीदने वाले के हाथ पेंटिंग लगी ही नहीं। वह कंगाल हो गया। पेंटिंग खरीदकर उसे नुकसान हो गया।
2025 की एग्जीबिशन में प्रदर्शित की जाएगी पेंटिंग
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 13वीं सदी की यह दुलर्भ पेंटिंग क्रिस्ट मोक्ड साल 2019 में महिला को मिली थी और अक्टूबर 2019 में इसकी नीलामी हुई थी। तब से लेकर जब यह पेंटिंग खरीदार को नहीं मिली। वहीं अब फ्रांस की सरकार ने नया पेंच फंसाकर खरीदार को मामले से बाहर ही कर दिया। इस पेंटिंग के पेंटर का नाम Cimabue है, जिसकी एक और पेंटिंग Maesta म्यूज़ियम में है। पेंटर की इन दोनों पेंटिंग को साल 2025 में स्प्रिंग एग्ज़ीबिशन में दुनिया के सामने पेश किया जाएगा। 2017 में इटली के महान कलाकार लियोनार्डो दा विंची की दुर्लभ पेंटिंग 10 करोड़ डॉलर (लगभग 700 करोड़ रुपये) में नीलाम हुई थी। पेंटिंग का नाम 'सेवियर ऑफ वर्ल्ड' था, जिसे 1958 में किसी ने 45 पाउंड में बेच दिया था। पूरी दुनिया में लियोनार्डो की करीब 20 पेंटिंग और हैं।
Rare Painting Makes France National Treasure: रसोई में एक पेटिंग टंगी थी, जिसे बुजुर्ग महिला ने कचरा समझकर फेंकना चाहा, लेकिन वह करीब 750 साल पुरानी निकली। घर आए मेहमान ने वह पेटिंग देखी तो उसे आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट में दिखाने का कहा। महिला उसे लेकर अधिकारियों से मिली और उसकी किस्मत चमक गई। पेंटिंग दुलर्भ निकली, जो ग्रीक धर्म का प्रतीक है। केवल 10 इंच गुणा 4 इंच की यह पेंटिंग 1280 ई. में बनाई गई थी। विभाग ने महिला से पेंटिंग लेकर उसे नीलाम किया तो वह करीब 21 मिलियन पाउंड यानी 217 करोड़ में बिकी और महिला एक पल में करोड़पति बन गई, लेकिन इस पेंटिंग ने जहां महिला की किस्मत चमकाई, वहीं खरीदने वाला कंगाल हो गया, क्योंकि उसके साथ एक बड़ा झोल हो गया।
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The Louvre Museum in Paris acquired the painting “Christ Mocked” by Cimabue, a Florentine painter, after it was found in a French woman’s kitchen in 2019. Unaware of its significance and believing it to be a Greek icon, the owner sold it at auction for €24.2 million. The French… pic.twitter.com/vPo7X5nUDf
फ्रांस सरकार ने पेंटिंग ने ‘राष्ट्रीय खजाना’ बनाया
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पेंटिंग को चिली के अरबपति अलवारो सैह बेंडेक और उनकी पत्नी एना गुजमैन अह्नफेल्ट ने खरीदा था। वे इसे अपनी प्राइवेट कलेक्शन में शामिल करना चाहते थे, लेकिन वे इसे अभी तक अपने घर नहीं ले पाए हैं, क्योंकि फ्रांस की सरकार ने पेंटिंग के निर्यात पर रोक लगा दी है। इसे चिली ले जाने के लिए लाइसेंस देने से इनकार कर दिया है। फ्रांसीसी सरकार ने इसे अपना ‘राष्ट्रीय खजाना’ बताया और इसे म्यूजियम में रखने का आदेश दिया, लेकिन म्यूज़ियम को भी पेंटिंग अपने पास रखने के लिए सरकार को पैसा देना होगा। इसके लिए म्यूजियम को 30 महीने का समय दिया गया है। इस तरह पेंटिंग बेचकर जहां महिला करोड़पति बन गई, वहीं इसे खरीदने वाले के हाथ पेंटिंग लगी ही नहीं। वह कंगाल हो गया। पेंटिंग खरीदकर उसे नुकसान हो गया।
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2025 की एग्जीबिशन में प्रदर्शित की जाएगी पेंटिंग
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 13वीं सदी की यह दुलर्भ पेंटिंग क्रिस्ट मोक्ड साल 2019 में महिला को मिली थी और अक्टूबर 2019 में इसकी नीलामी हुई थी। तब से लेकर जब यह पेंटिंग खरीदार को नहीं मिली। वहीं अब फ्रांस की सरकार ने नया पेंच फंसाकर खरीदार को मामले से बाहर ही कर दिया। इस पेंटिंग के पेंटर का नाम Cimabue है, जिसकी एक और पेंटिंग Maesta म्यूज़ियम में है। पेंटर की इन दोनों पेंटिंग को साल 2025 में स्प्रिंग एग्ज़ीबिशन में दुनिया के सामने पेश किया जाएगा। 2017 में इटली के महान कलाकार लियोनार्डो दा विंची की दुर्लभ पेंटिंग 10 करोड़ डॉलर (लगभग 700 करोड़ रुपये) में नीलाम हुई थी। पेंटिंग का नाम ‘सेवियर ऑफ वर्ल्ड’ था, जिसे 1958 में किसी ने 45 पाउंड में बेच दिया था। पूरी दुनिया में लियोनार्डो की करीब 20 पेंटिंग और हैं।