Donald Trump Tariff Threat: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को फिर टैरिफ की धमकी दी है. वहीं इस बार धमकी यूरोपीय देशों के लिए है, क्योंकि यूरोपीय देशों के साथ ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ गया है. राष्ट्रपति ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहते हैं और उसे अमेरिका का राज्य बनाना चाहते हैं, लेकिन यूरोपीय देश उनकी इस प्लानिंग का विरोध कर रहे हैं तो उन्होंने धमकी दी है कि जो भी ग्रीनलैंड के लिए उनका समर्थन नहीं करेगा, वे उस पर और ज्यादा टैरिफ लगाएंगे.
Trump wants to blackmail NATO countries.
Trump called himself the "Tariff King" and declared he could impose tariffs on countries that oppose the US position on Greenland.
We need Greenland for our national security. So I can do this.
Who elected this idiot? Idiots. pic.twitter.com/k2E12FjyvS---विज्ञापन---— Jürgen Nauditt 🇩🇪🇺🇦 (@jurgen_nauditt) January 16, 2026
ग्रीनलैंड में सेना तैनात करेंगे यूरोपीय देश
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच ग्रीनलैंड को लेकर बातचीत चल रही है और डेनमार्क ने ग्रीनलैंड में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का फैसला किया है. कई यूरोपीय देश भी ग्रीनलैंड में सेना तैनात कर सकते हैं. लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वे ग्रीनलैंड को किसी भी कीमत पर पाना चाहते हैं, क्योंकि रूस-चीन से बचने के लिए अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड जरूरी है.
डेनमार्क के साथ बातचीत रही बेनतीजा
व्हाइट हाउस में एक इवेंट के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि कुछ देश ग्रीनलैंड पर कब्जे का विरोध कर रहे हैं, लेकिन अगर ग्रीनलैंड के मुद्दे पर साथ नहीं मिला तो विरोध करने वाले देशों पर और ज्यादा टैरिफ लगा दूंगा. डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन के साथ अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मुलाकात हुई थी, लेकिन बैठक बेनतीजा निकली.
🚨 JUST IN: In a chilling escalation, Canadian PM Mark Carney warned America by saying, "Our full partnership and obligations to Article 5 stand. We stand FULLY BEHIND them." Canada will back Denmark on Greenland; this comes in response to U.S. plans of annexing Greenland. pic.twitter.com/wQoxXlUTlz
— WORLD NEWS (@_MAGA_NEWS_) January 16, 2026
पहले कई बार दे चुके टैरिफ की धमकी
बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने आर्थिक दबाव बनाने के लिए टैरिफ को कूटनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है. इससे पहले उन्होंने अमेरिका फर्स्ट की पॉलिसी के नाम पर दुनियाभर के कई देशों पर टैरिफ लगाया. रूस से तेल व्यापार के विरोध में भी उन्होंने टैरिफ लगाया, जिसका खामियाजा भारत करीब 50 प्रतिशत टैरिफ अमेरिका को देकर भुगत रहा है.










