Add News 24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

दुनिया

25% टैरिफ लगने से ईरान से भारत के रिश्तों पर क्या असर पड़ेगा? दाव पर लगा है चाबहार बंदरगाह प्रोजेक्ट और आयात-निर्यात

Iran India Relations: अमेरिका की टैरिफ धमकी से भारत और ईरान के आयात-निर्यात पर सीधा असर पड़ेगा. तेल व्यापार पर अप्रत्यक्ष रूप से असर पड़ेगा, वहीं भारत-ईरान के बीच हुआ चाबहार बंदरगाह प्रोजेक्ट भी प्रभावित होगा.

Author
Edited By : Khushbu Goyal Updated: Jan 13, 2026 13:25
donald trump | pm modi | ali khamenei
अमेरिका की टैरिफ धमकी से ईरान के साथ भारत का आयात-निर्यात प्रभाावित होगा.

Trump Tariff Impact on Iran India Relations: ईरान में अली खामेनेई की सरकार के खिलाफ लोग विरोध प्रदर्शन और हिंसक आंदोलन कर रहे हैं. पिछले 15 दिन से ईरान में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं. ईरान के हालातों और जनता की आवाज के हिंसक दमन को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान में हवाई हमले करने की धमकी दे चुके हैं.

लेकिन वे ईरान पर अभी सीधे हमले नहीं कर सकते, इसलिए उन्होंने ईरान पर आर्थिक दबाव डालने का प्रयास किया है. इसके तहत अमेरिकी सरकार ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर अमेरिका के साथ व्यापार करने पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का आदेश जारी किया है और ईरान की करेंसी रियाल की कीमत भी जीरो हो चुकी है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: एक तरफ ईरान पर एयरस्ट्राइक की तैयारी और पर्दे के पीछे ‘न्यूक्लियर डील’ का खेल! क्या करने वाले हैं ट्रंप

भारत और ईरान के रिश्तों पर पड़ेगा असर

बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप के 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ का असर भारत और ईरान के संबंधों पर पड़ेगा. अमेरिका ने भारत पर पहले से ही 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया हुआ है, जिसमें 25 प्रतिशत टैरिफ तो रूस के साथ तेल व्यापार के कारण लगा है. अब ईरान के साथ व्यापार करने पर भारत को अमेरिका को 50 प्रतिशत के अलावा 25 प्रतिशत कर और देना पड़ेगा.

---विज्ञापन---

यानी अब भारत को अमेरिका को करीब 75 प्रतिशत टैरिफ देना पड़ेगा. इससे जहां भारत और ईरान के व्यापारिक संबंध खराब होंगे, वहीं अमेरिका के साथ व्यापार करने पर भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. टैरिफ के कारण पहले से ही भारत और अमेरिका के रिश्तों में तनाव चल रहा है, अब ईरान से रिश्तों में तनाव आएगा. दोनों ओर से नुकसान भारत का ही होगा.

यह भी पढ़ें: ‘अमेरिका बर्बाद हो जाएगा…’ ट्रंप को आखिर किस बात का सता रहा है डर ?

ईरान-भारत संबंधों पर इस तरह पड़ेगा असर

बता दें कि ईरान के साथ व्यापार करने पर भारत के साथ उसके संबंधों पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरीकों से असर पड़ेगा. ईरान के साथ भारत का तेल व्यापार पहले से ही कम होता है, अब अन्य आयात-निर्यात पर भी असर पड़ेगा. साल 2018-19 में अमेरिका ने ईरान के तेल पर प्रतिबंध लगाए तो भारत को ईरान के साथ तेल की खरीद कम करनी पड़ी.

ईरान के साथ भारत की तेल खरीद में 87 प्रतिशत की गिरावट आई है. अब भारत अपनी जरूरत के लिए तेल रूस और संयुक्त अरब अमीरात समेत अन्य देशों से खरीदता है, जबकि ईरान कभी भारत के लिए तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर था, लेकिन अब भारत 85 प्रतिशत तेल अन्य देशों से खरीदता है और रूस से भारत का तेल व्यापार पहले ही अमेरिका को खटक रहा है.

यह भी पढ़ें: हमले की तैयारी में US? अपने नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने को कहा, रूट भी बताया

भारत में महंगा हो सकता है पेट्रोल और डीजल

बता दें कि अगर ईरान में हालात ऐसे ही तनावपूर्ण रहे तो अमेरिका ईरान के तेल व्यापार को पूरी तरह बाधित कर सकता है. इसके लिए होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करने की कोशिश की जा सकती है. अगर ऐसा हुआ तो ईरान से जो देश तेल खरीदते हैं, उन्हें सप्लाई नहीं मिलेगी. मजबूर होकर उन्हें दूसरे देशों से तेल खरीदना पड़ेगा, जिस वजह से तेल के दाम बढ़ेंगे.

भारत को भी ऐसा ही करना पड़ेगा, जिसका फायदा उठाकर दूसरे देश कच्चे तेल के दाम बढ़ाएंगे. इससे कच्चा तेल महंगा मिलेगा और उससे lpg गैस्, पेट्रोल डीजल समेत अन्य प्रोडक्ट बनाने की लागत बढ़ेगी, जिसका असर कच्चे तेल से बनने वाले उत्पादों की कीमतों पर पड़ेगा, वे महंगे हो जाएंगे. यानी भारत में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस महंगी हो सकती है.

यह भी पढ़ें: ईरान को तगड़ा झटका, आंदोलन के बीच जीरो हुई रियाल की कीमत, अब 27 देशों में नहीं चलेगी करेंसी

भारत-ईरान चाबहार प्रोजेक्ट प्रभावित होगा

बता दें कि भारत और ईरान मिलकर चाबहार बंदरगाह प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. ओमान की खाड़ी में बनी यह बंदरगाह ईरान और भारत के बीच एकमात्र समुद्री बंदरगाह है. इस बंदरगाह के शहीद बेहेश्ती टर्मिनल के संचालन और विकास के लिए भारत ने साल 2024 में ईरान के साथ 10 साल के लिए एक समझौता किया है, जिसके तहत भारत करीब 500 मिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट करेगा.

इस बंदरगाह के रास्ते भारत अपने माल की सप्लाई अफगानिस्तान, मध्य एशिया के देशों उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान समेत रूस और यूरोप के देशों तक पहुंचा सकता है. इससे भारत को पाकिस्तान का रास्ता अपनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन टैरिफ लगने से भारत-ईरान संबंधों पर असर पड़ा तो चाबहार बंदरगाह प्रोजेक्ट भी प्रभावित हो सकता है.

First published on: Jan 13, 2026 12:33 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.